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Bareilly News: वायु प्रदूषण का हाल जानने लखनऊ से आई टीम ने जाना पौधरोपण का हाल
Sun, 05 Apr 2026 03:08 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sun, 05 Apr 2026 03:08 AM IST
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बरेली। वायु प्रदूषण की रोकथाम और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में शहर में कराए गए कार्यों को परखने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की तीन सदस्यीय वैज्ञानिक टीम ने शनिवार को शहर का निरीक्षण किया। लखनऊ से आई इस टीम ने नगर निगम की ओर से कराए जा रहे कार्यों की हकीकत परखी। सराय तल्फी में पुराने डलावघर के स्थान पर मियावाकी पद्धति से विकसित किए गए शहरी वन की सराहना की और इसके विस्तार का निर्देश दिया। इसे वायु गुणवत्ता सुधारने की दिशा में बेहतर प्रयास बताया।
टीम ने सौ फुटा रोड पर चल रहे निर्माण कार्यों के दौरान धूल पर नियंत्रण के लिए अपनाए जा रहे मानकों को परखा और जरूरी निर्देश किए। बाकरगंज स्थित मुख्य डलावघर में पुराने कचरे के निस्तारण की प्रक्रिया भी देखी। कचरा प्रबंधन के आधुनिक तरीकों और उनके पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन किया। शासन की ओर से प्रदूषण नियंत्रण मद में जारी की गई धनराशि के उपयोग की भी जांच की। अब टीम आगामी कार्रवाई के लिए शासन और केंद्रीय बोर्ड को अपनी रिपोर्ट देगी।
बेहतर है बरेली की रैंकिंग
वायु प्रदूषण नियंत्रण के मामले में शहर की रैंकिंग देश और प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों की तुलना में काफी बेहतर रही है। इसमें और सुधार के लिए नगर निगम लगातार प्रयासरत है। पर्यावरण अभियंता राजीव कुमार राठी ने बताया कि वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए नगर निगम दीर्घकालिक योजना पर काम कर रहा है। केंद्रीय टीम ने भविष्य के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। शहर में हरित पट्टी का विस्तार और कूड़ा निस्तारण की वैज्ञानिक पद्धति प्राथमिकता में है। निरीक्षण के बाद वैज्ञानिकों का दल लखनऊ लौट गया।
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टीम ने सौ फुटा रोड पर चल रहे निर्माण कार्यों के दौरान धूल पर नियंत्रण के लिए अपनाए जा रहे मानकों को परखा और जरूरी निर्देश किए। बाकरगंज स्थित मुख्य डलावघर में पुराने कचरे के निस्तारण की प्रक्रिया भी देखी। कचरा प्रबंधन के आधुनिक तरीकों और उनके पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन किया। शासन की ओर से प्रदूषण नियंत्रण मद में जारी की गई धनराशि के उपयोग की भी जांच की। अब टीम आगामी कार्रवाई के लिए शासन और केंद्रीय बोर्ड को अपनी रिपोर्ट देगी।
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बेहतर है बरेली की रैंकिंग
वायु प्रदूषण नियंत्रण के मामले में शहर की रैंकिंग देश और प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों की तुलना में काफी बेहतर रही है। इसमें और सुधार के लिए नगर निगम लगातार प्रयासरत है। पर्यावरण अभियंता राजीव कुमार राठी ने बताया कि वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए नगर निगम दीर्घकालिक योजना पर काम कर रहा है। केंद्रीय टीम ने भविष्य के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। शहर में हरित पट्टी का विस्तार और कूड़ा निस्तारण की वैज्ञानिक पद्धति प्राथमिकता में है। निरीक्षण के बाद वैज्ञानिकों का दल लखनऊ लौट गया।
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