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सड़कों की कहानी... कोलतार की जगह काला तेल, छोटे साहब नाराज... बड़े साहब संतुष्ट
सार
उधड़ी सड़क पर जल निगम के एई और सिटी स्टेशन रोड बनाने वाले ठेकेदार के बीच बातचीत, वायरल वीडियो में उधड़ी भ्रष्टाचार की परतें
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उखड़ी सड़क।
विस्तार
साल भर लोगों को दुख देने वाली सिटी स्टेशन रोड बनने के सप्ताह भर बाद ही उधड़ गई
बरेली। जल निगम की बनाई सड़कें आखिर क्यों सप्ताह भर में ही उधड़ जा रही हैं, यह कहानी जल निगम के सहायक अभियंता (एई) और ठेकेदार की फोन पर बातचीत के रविवार को वायरल हुए वीडियो में काफी हद तक साफ हो गई। इस बातचीत में एई ठेकेदार पर नाराजगी जताते हुए कोलतार की जगह काला तेल इस्तेमाल करने की आशंका जता रहे हैं तो ठेकेदार कह रहा है कि जो भी काम हो रहा है, वह बड़े साहब की जानकारी में है।
जल निगम के एई संजय गुप्ता और ठेकेदार की बातचीत का संदर्भ सिटी स्टेशन रोड है जो निर्माण होने के सप्ताह भर बाद ही जगह-जगह उधड़ गई। वायरल हुए ऑडियो में एई संजय गुप्ता ठेकेदार पर नाराजगी जताते हुए सड़क का निर्माण तत्काल बंद करने को कह रहे हैं। वह कहते हैं कि इस तरह काम बिलकुल नहीं होगा। बोले, जब मैंने कहा था कि माल की गुणवत्ता की जांच करने के बाद ही काम शुरू करने दूंगा तो बगैर मुझसे पूछे काम कैसे शुरू कर दिया।
ठेकेदार उन्हें जवाब देता है कि उसका माल घटिया नहीं आता। बड़े साहब की जानकारी में है कि काम किस तरह हो रहा है। बड़े साहब का जिक्र आने पर एई और उखड़ते हैं। कहते हैं, माल की गुणवत्ता की जांच करने की जिम्मेदारी उनकी है। अब तभी काम शुरू होगा जब वह उसके यहां आने वाले माल की जांच कर लेंगे। एई ठेकेदार पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हैं तो वह जवाब देता है कि सड़क खराब थी, बड़े साहब ने उस पर दबाव बनाया था, तभी उसने काम शुरू किया। वह बार-बार कह रहे थे कि सड़क निर्माण में देरी क्यों हो रही है।
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इस पर एई कहते हैं कि काम दबाव में ही कराया जाता है। जल्दबाजी में क्या सड़क निर्माण में कुछ भी झोंक दोगे। फौरन काम बंद कर दो क्योंकि तुम्हारे यहां खराब माल आता है। सड़क पर जिस तरह गिट्टी एक तरफ हो गई, लग रहा है कि तारकोल की जगह काला तेल मिलाया जा रहा है। अब एक इंजीनियर तुम्हारे प्लांट पर बैठेगा और माल की जांच करेगा। उसके बाद ही निर्माण कार्य शुरू करने दिया जाएगा। एई ठेकेदार से यह भी कहते हैं कि सड़क पर गिट्टी इकट्ठी हो गई है, वह उसे ट्रॉली में भरकर ले जाए।
यह है सिटी स्टेशन रोड की कहानी
जल निगम ने पिछले साल सीवर लाइन बिछाने के लिए सिटी स्टेशन रोड पर खोदाई की थी और सीवर लाइन बिछाने के बाद भी उसे ऐसे ही छोड़ दिया था। साल भर से लोग खुदी भरी सड़क पर धक्के खा रहे थे और दुर्घटनाओं के भी शिकार हो रहे थे। करीब 15 दिन पहले जल निगम ने इस सड़क का निर्माण शुरू कराया लेकिन निर्माण होने के सप्ताह भर बाद ही सड़क उधड़ गई और उस पर जगह-जगह गड्ढे भी हो गए। इस पर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच जल निगम के एई और ठेकेदार के बीच बातचीत का यह ऑडियो वायरल हो गया।
शहर भर में ऐसा ही गम दे रहा है जल निगम
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का दावा करने वाली व्यवस्था में जल निगम ने जहां भी सड़कें बनाईं, वहां उनका यही हाल है। ईसाईयों पुलिया से बियावानी कोठी तक और बियावानी कोठी से गांधी उद्यान तक बनाई गई सड़क भी इसी तरह जगह-जगह बैठ गई थी। गांधी उद्यान से चौकी चौराहे तक नई बनी सड़क भी लोगों को हिचकोले खिला रही है। यही हाल पटेल चौक से चौपुला चौराहे तक बनी सड़क का है। इसी तरह दामोदर पार्क से अटल सेतु तक बनाई गई सड़क भी बैठ गई।
सड़क से छह-छह इंच ऊंचे बनाए डिप तोड़ रहे हैं गाड़ियों के बंपर
जल निगम ने सिर्फ घटिया काम ही नहीं किया, बल्कि और भी तमाम लापरवाही दिखाई। जहां भी सड़क बनाई, वहां मैनहोल के डिप सड़क से छह इंच से भी ज्यादा ऊंचे उठे हुए हैं। इस वजह से नई बनी सड़कों पर भी रफ्तार पकड़ पाना मुश्किल होता है। अक्सर उठे हुए डिप पर पहिया आते ही गाड़ियों में बैठे लोग तगड़ा झटका खा जाते हैं। कई बार डिप से टकराकर गाड़ियों के बंपर तक टूट जाते हैं।
सड़क का निर्माण कराया जाएगा। ठेकेदार के प्लांट पर एक इंजीनियर बैठाया जाएगा जो माल की गुणवत्ता की जांच करेगा। गुणवत्ता सही मिलने के बाद ही निर्माण करने दिया जाएगा। - संजय कुमार, एक्सईएन जल निगम
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बरेली। जल निगम की बनाई सड़कें आखिर क्यों सप्ताह भर में ही उधड़ जा रही हैं, यह कहानी जल निगम के सहायक अभियंता (एई) और ठेकेदार की फोन पर बातचीत के रविवार को वायरल हुए वीडियो में काफी हद तक साफ हो गई। इस बातचीत में एई ठेकेदार पर नाराजगी जताते हुए कोलतार की जगह काला तेल इस्तेमाल करने की आशंका जता रहे हैं तो ठेकेदार कह रहा है कि जो भी काम हो रहा है, वह बड़े साहब की जानकारी में है।
जल निगम के एई संजय गुप्ता और ठेकेदार की बातचीत का संदर्भ सिटी स्टेशन रोड है जो निर्माण होने के सप्ताह भर बाद ही जगह-जगह उधड़ गई। वायरल हुए ऑडियो में एई संजय गुप्ता ठेकेदार पर नाराजगी जताते हुए सड़क का निर्माण तत्काल बंद करने को कह रहे हैं। वह कहते हैं कि इस तरह काम बिलकुल नहीं होगा। बोले, जब मैंने कहा था कि माल की गुणवत्ता की जांच करने के बाद ही काम शुरू करने दूंगा तो बगैर मुझसे पूछे काम कैसे शुरू कर दिया।
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ठेकेदार उन्हें जवाब देता है कि उसका माल घटिया नहीं आता। बड़े साहब की जानकारी में है कि काम किस तरह हो रहा है। बड़े साहब का जिक्र आने पर एई और उखड़ते हैं। कहते हैं, माल की गुणवत्ता की जांच करने की जिम्मेदारी उनकी है। अब तभी काम शुरू होगा जब वह उसके यहां आने वाले माल की जांच कर लेंगे। एई ठेकेदार पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हैं तो वह जवाब देता है कि सड़क खराब थी, बड़े साहब ने उस पर दबाव बनाया था, तभी उसने काम शुरू किया। वह बार-बार कह रहे थे कि सड़क निर्माण में देरी क्यों हो रही है।
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इस पर एई कहते हैं कि काम दबाव में ही कराया जाता है। जल्दबाजी में क्या सड़क निर्माण में कुछ भी झोंक दोगे। फौरन काम बंद कर दो क्योंकि तुम्हारे यहां खराब माल आता है। सड़क पर जिस तरह गिट्टी एक तरफ हो गई, लग रहा है कि तारकोल की जगह काला तेल मिलाया जा रहा है। अब एक इंजीनियर तुम्हारे प्लांट पर बैठेगा और माल की जांच करेगा। उसके बाद ही निर्माण कार्य शुरू करने दिया जाएगा। एई ठेकेदार से यह भी कहते हैं कि सड़क पर गिट्टी इकट्ठी हो गई है, वह उसे ट्रॉली में भरकर ले जाए।
यह है सिटी स्टेशन रोड की कहानी
जल निगम ने पिछले साल सीवर लाइन बिछाने के लिए सिटी स्टेशन रोड पर खोदाई की थी और सीवर लाइन बिछाने के बाद भी उसे ऐसे ही छोड़ दिया था। साल भर से लोग खुदी भरी सड़क पर धक्के खा रहे थे और दुर्घटनाओं के भी शिकार हो रहे थे। करीब 15 दिन पहले जल निगम ने इस सड़क का निर्माण शुरू कराया लेकिन निर्माण होने के सप्ताह भर बाद ही सड़क उधड़ गई और उस पर जगह-जगह गड्ढे भी हो गए। इस पर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच जल निगम के एई और ठेकेदार के बीच बातचीत का यह ऑडियो वायरल हो गया।
शहर भर में ऐसा ही गम दे रहा है जल निगम
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का दावा करने वाली व्यवस्था में जल निगम ने जहां भी सड़कें बनाईं, वहां उनका यही हाल है। ईसाईयों पुलिया से बियावानी कोठी तक और बियावानी कोठी से गांधी उद्यान तक बनाई गई सड़क भी इसी तरह जगह-जगह बैठ गई थी। गांधी उद्यान से चौकी चौराहे तक नई बनी सड़क भी लोगों को हिचकोले खिला रही है। यही हाल पटेल चौक से चौपुला चौराहे तक बनी सड़क का है। इसी तरह दामोदर पार्क से अटल सेतु तक बनाई गई सड़क भी बैठ गई।
सड़क से छह-छह इंच ऊंचे बनाए डिप तोड़ रहे हैं गाड़ियों के बंपर
जल निगम ने सिर्फ घटिया काम ही नहीं किया, बल्कि और भी तमाम लापरवाही दिखाई। जहां भी सड़क बनाई, वहां मैनहोल के डिप सड़क से छह इंच से भी ज्यादा ऊंचे उठे हुए हैं। इस वजह से नई बनी सड़कों पर भी रफ्तार पकड़ पाना मुश्किल होता है। अक्सर उठे हुए डिप पर पहिया आते ही गाड़ियों में बैठे लोग तगड़ा झटका खा जाते हैं। कई बार डिप से टकराकर गाड़ियों के बंपर तक टूट जाते हैं।
सड़क का निर्माण कराया जाएगा। ठेकेदार के प्लांट पर एक इंजीनियर बैठाया जाएगा जो माल की गुणवत्ता की जांच करेगा। गुणवत्ता सही मिलने के बाद ही निर्माण करने दिया जाएगा। - संजय कुमार, एक्सईएन जल निगम