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Bareilly News: सात महीने से सुलग रही थी चिंगारी, त्योहार के दिन किया बवाल
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बरेली। इज्जतनगर थाने के पीलीभीत बाईपास किनारे के गांव में दो समुदाय के लोगों का विवाद एक ही बिरादरी के प्रधान व पूर्व प्रधान की चुनावी रंजिश का नतीजा बताया जा रहा है। एक समुदाय की लड़की ले जाने की घटना ने प्रधानों की मूंछ की लड़ाई को और हवा दी, दोनों ने एक-एक गुट का नेतृत्व संभाल लिया और चिंगारी भड़का दी। पुलिस इन दोनों को भी पाबंद करने की रणनीति बना रही है।
गांव में प्रधानी की रंजिश अरसे से चल रही है। प्रधान व पूर्व प्रधान के समर्थकों के बीच अक्सर लड़ाई-झगड़े होते हैं। गांव में अल्पसंख्यक समुदाय की आबादी ज्यादा है, बावजूद मौजूदा प्रधान बहुसंख्यक समाज से हैं। पूर्व प्रधान भी मौजूदा प्रधान की बिरादरी से ही हैं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि मौजूदा प्रधान ने अल्पसंख्यक तबके के बड़े वर्ग को साधकर जीत हासिल की है। ऐसे में वह उस वर्ग से हमदर्दी जताकर अपनी कुर्सी बरकरार रखना चाहते हैं, वहीं पूर्व प्रधान अपने ही समुदाय में ज्यादा पकड़ रखते हैं।
दोनों की रंजिश में तड़का तब लगा जब सितंबर 2024 में बहुसंख्यक वर्ग का युवक अल्पसंख्यक वर्ग की युवती को ले गया था। इसके बाद से दोनों ओर से गुटबाजी चरम पर थी। युवती घर लौट भी आई तो भी एकदूसरे पर छींटाकशी और घेराबंदी जारी थी, इसी का नतीजा सोमवार की घटना के रूप में सामने आया है। दोनों पक्षों के इस झगड़े को लेकर अलग-अलग दावे हैं, हालांकि एसपी सिटी के बयान से यह साफ हो गया है कि पुलिस ने विवाद बढ़ाने में प्रधान व पूर्व प्रधान की भूमिका मानी है और भविष्य में झगड़े की गुंजाइश खत्म करने के लिए ठोस कार्रवाई की बात कही है। ब्यूरो
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लड़की पक्ष का आरोप- रविवार को भी फायरिंग, पुलिस ने नहीं सुनी
जिला अस्पताल में लड़की पक्ष से घायल युवा दंपती, युवक के पिता व साला मौजूद थे। युवक ने अपनी शर्ट पर लगा खून दिखाकर बताया कि उनके पिता पर फायरिंग भी की गई है। बताया कि लड़की के लौटने के बाद से लगातार परेशान किया जा रहा है। रविवार को भी दूसरे पक्ष ने उनके घर पर चढ़ाई की कोशिश की थी। उनके घर पर पीछे की ओर से फायरिंग की गई थी। उन्होंने सूचना दी तो पुलिस आई लेकिन दूसरे पक्ष पर बिना कार्रवाई किए चली गई। पुलिस की शह पर ही दूसरे पक्ष का हौसला बढ़ा हुआ था। इसी वजह से त्योहार के दिन भी उनके घर पर धावा बोल दिया। चौकी प्रभारी को कारतूस के खोखे सौंपे हैं। कई लोगों ने भागकर जान बचाई वर्ना लाशें बिछ जातीं। हमें पुलिस प्रशासन से न्याय की उम्मीद है।
लड़का पक्ष बोला- हमें फंसाने को बना ली कहानी
घटना के बाद लड़का पक्ष के कई लोग घर से फरार हो गए। लड़के का चाचा घायल अवस्था में किसी तरह थाने पहुंचा और बताया कि त्योहार के बहाने एकजुट हुए लोगों ने उन लोगों पर हमला बोल दिया। रास्ते में घेरा तो दोनों पक्ष से लाठी-डंडे चले, इसमें वह भी घायल हुए हैं और तहरीर देंगे। बताया कि किसी ने फायरिंग नहीं की। लड़की पक्ष के लोगों ने कारतूस के खोखे कहीं से लाकर मौके पर डाले हैं। कायदे में तो हमला उन लोगों पर हुआ है। वह तहरीर देकर रिपोर्ट कराएंगे। ब्यूरो
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गांव में प्रधानी की रंजिश अरसे से चल रही है। प्रधान व पूर्व प्रधान के समर्थकों के बीच अक्सर लड़ाई-झगड़े होते हैं। गांव में अल्पसंख्यक समुदाय की आबादी ज्यादा है, बावजूद मौजूदा प्रधान बहुसंख्यक समाज से हैं। पूर्व प्रधान भी मौजूदा प्रधान की बिरादरी से ही हैं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि मौजूदा प्रधान ने अल्पसंख्यक तबके के बड़े वर्ग को साधकर जीत हासिल की है। ऐसे में वह उस वर्ग से हमदर्दी जताकर अपनी कुर्सी बरकरार रखना चाहते हैं, वहीं पूर्व प्रधान अपने ही समुदाय में ज्यादा पकड़ रखते हैं।
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दोनों की रंजिश में तड़का तब लगा जब सितंबर 2024 में बहुसंख्यक वर्ग का युवक अल्पसंख्यक वर्ग की युवती को ले गया था। इसके बाद से दोनों ओर से गुटबाजी चरम पर थी। युवती घर लौट भी आई तो भी एकदूसरे पर छींटाकशी और घेराबंदी जारी थी, इसी का नतीजा सोमवार की घटना के रूप में सामने आया है। दोनों पक्षों के इस झगड़े को लेकर अलग-अलग दावे हैं, हालांकि एसपी सिटी के बयान से यह साफ हो गया है कि पुलिस ने विवाद बढ़ाने में प्रधान व पूर्व प्रधान की भूमिका मानी है और भविष्य में झगड़े की गुंजाइश खत्म करने के लिए ठोस कार्रवाई की बात कही है। ब्यूरो
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लड़की पक्ष का आरोप- रविवार को भी फायरिंग, पुलिस ने नहीं सुनी
जिला अस्पताल में लड़की पक्ष से घायल युवा दंपती, युवक के पिता व साला मौजूद थे। युवक ने अपनी शर्ट पर लगा खून दिखाकर बताया कि उनके पिता पर फायरिंग भी की गई है। बताया कि लड़की के लौटने के बाद से लगातार परेशान किया जा रहा है। रविवार को भी दूसरे पक्ष ने उनके घर पर चढ़ाई की कोशिश की थी। उनके घर पर पीछे की ओर से फायरिंग की गई थी। उन्होंने सूचना दी तो पुलिस आई लेकिन दूसरे पक्ष पर बिना कार्रवाई किए चली गई। पुलिस की शह पर ही दूसरे पक्ष का हौसला बढ़ा हुआ था। इसी वजह से त्योहार के दिन भी उनके घर पर धावा बोल दिया। चौकी प्रभारी को कारतूस के खोखे सौंपे हैं। कई लोगों ने भागकर जान बचाई वर्ना लाशें बिछ जातीं। हमें पुलिस प्रशासन से न्याय की उम्मीद है।
लड़का पक्ष बोला- हमें फंसाने को बना ली कहानी
घटना के बाद लड़का पक्ष के कई लोग घर से फरार हो गए। लड़के का चाचा घायल अवस्था में किसी तरह थाने पहुंचा और बताया कि त्योहार के बहाने एकजुट हुए लोगों ने उन लोगों पर हमला बोल दिया। रास्ते में घेरा तो दोनों पक्ष से लाठी-डंडे चले, इसमें वह भी घायल हुए हैं और तहरीर देंगे। बताया कि किसी ने फायरिंग नहीं की। लड़की पक्ष के लोगों ने कारतूस के खोखे कहीं से लाकर मौके पर डाले हैं। कायदे में तो हमला उन लोगों पर हुआ है। वह तहरीर देकर रिपोर्ट कराएंगे। ब्यूरो