सद्दाम ने उगले राज: जेल कर्मियों से दोस्ती गांठकर अशरफ से कराई थी शूटरों की मुलाकात
सद्दाम गुर्गों को जेल में ले जाकर अशरफ से मिलवाता था। उसने बंदीरक्षक शिवहरि अवस्थी व अन्य लोगों के नाम लिए, जिन्हें वह रकम देता था। जेल कर्मियों की मदद से ही उसने उमेश पाल की हत्या करने वाले शूटरों की मुलाकात अशरफ से करवाई थी।
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माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ के साले अब्दुल समद उर्फ सद्दाम को एसटीएफ की बरेली यूनिट ने बुधवार देर रात दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में सद्दाम ने कई राज उगले। उसने पुलिस को बताया कि किस तरह वह बरेली जिला जेल में बंद रहे बहनोई अशरफ को सहूलियतें पहुंचाता था।
सद्दाम गुर्गों को जेल में ले जाकर अशरफ से मिलवाता था। उसने बंदीरक्षक शिवहरि अवस्थी व अन्य लोगों के नाम लिए, जिन्हें वह रकम देता था। बदले में वे अशरफ तक रसद व अन्य सामग्री भेजते थे। इन्हीं कर्मियों की मदद से उसने उमेश पाल की हत्या करने वाले शूटरों की अशरफ से मुलाकात कराई थी। आरोपी कर्मचारी जेल में बंद हैं।
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उधर, सद्दाम की गिरफ्तारी के बाद ही प्रयागराज में मौजूद परिजनों व रिश्तेदारों से लेकर उसके चहेतों ने सोशल मीडिया पर कैंपेन शुरू कर दिया कि उसके साथ अनहोनी हो सकती है। प्रयागराज में बैठे सद्दाम के गुर्गों को उसके एनकाउंटर का अंदेशा था, इसलिए सोशल मीडिया पर सद्दाम की गिरफ्तारी की खबर फैलानी शुरू कर दी। एसटीएफ ने सद्दाम का फोटो जारी किया तो गुर्गों ने इसे भी वायरल कर दिया।
सद्दाम ने दुबई जाने की बात नकारी
उमेश पाल हत्याकांड के बाद सद्दाम दिल्ली, मुंबई व कर्नाटक तक घूमा। उसके दुबई जाने की भी चर्चा हुई, हालांकि पूछताछ में उसने इसे स्वीकार नहीं किया। सद्दाम की गिरफ्तारी के बाद बिथरी थाने में मुकदमे के विवेचक सीओ तृतीय आशीष प्रताप सिंह और इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार ने उससे लंबी पूछताछ की। एसटीएफ के डीएसपी अब्दुल कादिर व उनकी टीम पहले से मौजूद थी। सद्दाम ने उन्हें बताया कि वह ज्यादातर समय दिल्ली और मुंबई में रहा। कर्नाटक के मैसूर में भी वक्त गुजारा। हालांकि, वह दुबई जाने की बात को टाल गया।
विवादित जमीन की सौदेबाजी में लगा था
सद्दाम ने लल्ला गद्दी से दोस्ती कर शहर में विवादित जमीन की सौदेबाजी में लगा था। लल्ला गद्दी ने सद्दाम को प्रॉपर्टी के काम से जुड़े गुड्डू उर्फ फरहत से मिलवाया था। सद्दाम ने फरहत के खाते में प्रापर्टी खरीदने के लिए रुपये भेजे थे। मुकदमा दर्ज होने के बाद लेनदेन के सबूत मिलने पर फरहत को जेल भेजा गया था। लल्ला गद्दी ने सद्दाम को फुरकान, नाजिश, सैय्यद साहब आदि लोगों से भी मिलवाया था। ये लोग विवादित जमीन में सद्दाम से अशरफ की अवैध कमाई का रुपया लगवाते थे और खुद कब्जा करते थे। समझौते की बात आती थी तो मोटी रंगदारी लेते थे।