{"_id":"57f40e944f1c1b9232270ed4","slug":"the-school-also-has-orphan-orphanage","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनाथालय के स्कूल को भी कर दिया अनाथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनाथालय के स्कूल को भी कर दिया अनाथ
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Wed, 05 Oct 2016 01:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकाें और अधिकारियों को सिर्फ तबादलों की फिक्र है, बच्चों से किसी का कोई सरोकार नहीं। तभी तो आर्य समाज अनाथालय के प्राथमिक विद्यालय को भी बिना शिक्षक के अनाथ कर दिया गया है। एक माह से स्कूल की जिम्मेदारी चतुर्थ श्रेणी कर्मी नीलू कश्यप के पास है। वह स्नातक तक पढ़ी हैं, इसलिए शुक्र है बच्चे खाली नहीं बैठते।
यहां तैनात दो शिक्षक नीरजा माहेश्वरी और मीरा अग्रवाल में एक भी नहीं हैं। मीरा अग्रवाल दो साल पहले रिटायर हो चुकी हैं, जबकि नीरजा माहेश्वरी का तबादला कर दिया गया है। स्कूल में कक्षा एक से पांच तक कुल 20 बच्चे पढ़ते हैं। स्कूली समय में 10 साल से तैनात नीलू ही बच्चों को पढ़ा देती हैं। कक्षा एक व दो में एक- एक, तीन में सात, चार और पांच में 5-5 बच्चे पंजीकृत हैं।
पढ़ने में होशियार हैं बच्चे
मंगलवार को जब स्कूल में पहुंचे तो नीलू कश्यप और भारत सेवक समाज के चेयरमैन कृष्ण स्वरूप सक्सेना बच्चों को पढ़ा रहे थे। नीलू ने बच्चाें से पर्यायवाची पूछा था, जिसे बच्चे कॉपी पर लिख रहे थे। बच्चों ने किताब पढ़ी और अंग्रेजी में अपने नाम की स्पेलिंग भी बताई। पर्यायवाची भी सही बताया। सभी बच्चे पढ़ने में होशियार हैं। कृष्ण स्वरूप सक्सेना यहां कभी- कभी बच्चाें को पढ़ाने आ जाते हैं। वह कहते हैं कि बीएसए व बीईओ को इस संबंध में बता चुके हैं।
विज्ञापन
शिक्षक को ऐसे स्कूल भेजा जहां है शिक्षक
नीरजा माहेश्वरी ने तबादले में पहले जाटवपुर मांगा था। लेकिन बाद में उन्हाेंने अपने महानगर स्थित घर के पास जखीरा में तैनाती मांग ली। अधिकारियाें ने तैनाती दे भी दी। जखीरा में पहले से ही शिक्षक तैनात हैं। जबकि अनाथालय में कोई शिक्षक ही नहीं था।
‘तबादले के दौरान जिन शिक्षकों ने आवेदन किया था उनको तबादला दिया गया है। बीईओ से बात कर कोई इंतजाम किया जाएगा। हालांकि अभी तबादले होने हैं, उसमें यहां तैनाती होगी।’
ऐश्वर्य लक्ष्मी, बीएसए
विज्ञापन
यहां तैनात दो शिक्षक नीरजा माहेश्वरी और मीरा अग्रवाल में एक भी नहीं हैं। मीरा अग्रवाल दो साल पहले रिटायर हो चुकी हैं, जबकि नीरजा माहेश्वरी का तबादला कर दिया गया है। स्कूल में कक्षा एक से पांच तक कुल 20 बच्चे पढ़ते हैं। स्कूली समय में 10 साल से तैनात नीलू ही बच्चों को पढ़ा देती हैं। कक्षा एक व दो में एक- एक, तीन में सात, चार और पांच में 5-5 बच्चे पंजीकृत हैं।
विज्ञापन
पढ़ने में होशियार हैं बच्चे
मंगलवार को जब स्कूल में पहुंचे तो नीलू कश्यप और भारत सेवक समाज के चेयरमैन कृष्ण स्वरूप सक्सेना बच्चों को पढ़ा रहे थे। नीलू ने बच्चाें से पर्यायवाची पूछा था, जिसे बच्चे कॉपी पर लिख रहे थे। बच्चों ने किताब पढ़ी और अंग्रेजी में अपने नाम की स्पेलिंग भी बताई। पर्यायवाची भी सही बताया। सभी बच्चे पढ़ने में होशियार हैं। कृष्ण स्वरूप सक्सेना यहां कभी- कभी बच्चाें को पढ़ाने आ जाते हैं। वह कहते हैं कि बीएसए व बीईओ को इस संबंध में बता चुके हैं।
विज्ञापन
शिक्षक को ऐसे स्कूल भेजा जहां है शिक्षक
नीरजा माहेश्वरी ने तबादले में पहले जाटवपुर मांगा था। लेकिन बाद में उन्हाेंने अपने महानगर स्थित घर के पास जखीरा में तैनाती मांग ली। अधिकारियाें ने तैनाती दे भी दी। जखीरा में पहले से ही शिक्षक तैनात हैं। जबकि अनाथालय में कोई शिक्षक ही नहीं था।
‘तबादले के दौरान जिन शिक्षकों ने आवेदन किया था उनको तबादला दिया गया है। बीईओ से बात कर कोई इंतजाम किया जाएगा। हालांकि अभी तबादले होने हैं, उसमें यहां तैनाती होगी।’
ऐश्वर्य लक्ष्मी, बीएसए