फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   The roar of Sultan's clan is filling the tourists with romance

Bareilly News: सुल्तान के कुनबे की दहाड़ सैलानियों में भर रही रोमांच

Fri, 17 May 2024 03:52 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 17 May 2024 03:52 AM IST
विज्ञापन
The roar of Sultan's clan is filling the tourists with romance
कलीनगर (पीलीभीत)। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में कुछ बाघ ऐसे हैं जो सैलानियों की पहली पसंद बने हुए हैं। उनका शांत स्वभाव और विशाल शरीर देखने के लिए देश-विदेश के न सिर्फ सैलानी बल्कि प्रसिद्ध वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर भी यहां आ रहे हैं। इसमें सबसे प्रसिद्ध सुल्तान का परिवार है। जिसमें तीन बाघ शामिल हैं, जो यहां विचरण करते देखे जा सकते हैं।
विज्ञापन

पिछले सत्रों के दौरान जंगल सफारी के मार्गों पर एक विशाल बाघ अक्सर सैलानियों को दिखता था। सैलानियों ने उसका नामकरण सुल्तान किया और इसी नाम से वह प्रसिद्ध हो गया। इसके अब दो शावकों ने भी बड़े होकर सुल्तान का रूप ले लिया, जिन्हें एस (सुल्तान) टू और एस (सुल्तान) थ्री नाम दिया गया। यह दोनों बाघ भी शांत स्वभाव और विशाल शरीर के लिए जाने जाते हैं।
विज्ञापन

पिछले माह पीटीआर आने वाले वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर ने एस थ्री बाघ की कई तस्वीरें सोशल मीडिया एकाउंट पर शेयर भी कीं। जिन्हें देश और विदेश के लोगों ने खूब पसंद किया। बता दें कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व के आंकड़ों में बाघों की संख्या 75 है। पर्यटन के दौरान सैलानी चूका बीच और जंगल की खूबसूरती को देखना तो पसंद करते ही हैं, साथ ही उनकी तमन्ना बाघ के दीदार की भी रहती है। इस समय जंगल सफारी के दौरान बाघ आसानी से देखने को मिल भी रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

--
ऐसे पड़ा सुल्तान नाम
तीन साल पूर्व मुंबई से यहां घूमने आए कुछ सैलानियों ने जंगल सफारी के दौरान एक बाघ को घूमते हुए देखा। विशाल बाघ को देख सैलानियों ने उसको सुल्तान नाम दिया। इसके बाद गाइड और चालकों के जरिये अन्य सैलानियों में भी यह बाघ सुल्तान नाम से प्रसिद्ध हो गया। इसके बाद सुल्तान के दो शावक भी बड़े हो गए। जो अब एस टू और एस थ्री के नाम से जाने जाते हैं, लेकिन यह पूरा कुनबा ‘सुल्तान के परिवार’ के रूप में सैलानियों में प्रसिद्ध है।
--
बाघों के दीदार के मामले में भी पीटीआर आगे

पीटीआर के पर्यटन सत्र के दौरान जंगल सफारी का आनंद लेने आने वाले सैलानियों में पिछले सत्र से मुकाबले इस बार बाघ के खूब दीदार हो रहे हैं। ऐसे में पीटीआर ने देश के अन्य नेशनल पार्कों को पीछे छोड़ दिया है। इस बार सैलानियों की बढ़ती संख्या भी यही एक कारण है।

--
बाघों का विभाग की ओर से नामकरण नहीं होता है लेकिन गाइड, चालक और सैलानी सुविधा अनुसार नाम रख देते हैं। यह बात सही है कि एस टू और एस थ्री बाघ सैलानियों को काफी पसंद आ रहे हैं।

- मनीष सिंह, डीएफओ पीटीआर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed