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प्रवासी मजदूरों के आने का सिलसिला थमा, ज्यादातर शेल्टर होम खाली
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बाकी प्रवासियों को भी घर भेजने की तैयारी
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18 शेल्टर होम में अब केवल 73 लोगों के ही ठहरे होने की सूचना
बरेली। लॉकडाउन के बाद से शेल्टर होम में सैकड़ों प्रवासी ठहरे हुए थे, उनमें से अब ज्यादातर अपने घर चले गए हैं। लिहाजा प्रशासन की ओर से बनाए गए आश्रय स्थल खाली हो गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि अब बाहर से आने वाले प्रवासियों की संख्या भी लगभग न के बराबर है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद बाकी मजदूरों को भी घर भेजने की तैयारी चल रही है।
प्रशासन के रिकॉर्ड के मुताबिक, अब तक बाहर से 22228 प्रवासी मजदूर आए हैं। इनमें ज्यादातर हरियाणा, नोएडा, दिल्ली और राजस्थान के हैं। इसके अलावा 11358 प्रवासी श्रमिक उत्तराखंड से आ चुके हैं, जबकि 881 श्रमिकों को उत्तराखंड भेजा जा चुका है। बाहर से आ रहे मजदूरों को क्वारंटीन करने के लिए जिले में 18 शेल्टर होम बनाए गए थे। शहर में हरूनगला और सीबीगंज में सेंटर बनाया गया था। इसके अलावा फरीदपुर, बहेड़ी, नवाबगंज, मीरगंज, आंवला सहित कई और जगहों पर भी शेल्टर होम बनाए गए। चूंकि पहले प्रवासी श्रमिकों को 14 दिन रोकने के निर्देश थे लेकिन अब उन्हें पूल टेस्टिंग के बाद घर भेजने के आदेश हैं। अब प्रवासी मजदूरों के आने का सिलसिला भी लगभग थम गया है। लिहाजा शेल्टर होम भी खाली होने लगे हैं। डीपीएस शेल्टर होम को पहले ही बंद किया जा चुका है। हरूनगला में भी प्रवासी मजदूर नहीं रह गए हैं। प्रशासन की रिपोर्ट के तहत अब सभी 18 शेल्टर होम में 73 प्रवासी मजदूरों के ही रुकने की सूचना है। इनमें भी कई लोग शनिवार देर शाम घर भेजे जा चुके हैं। बाकी लोगों को भेजने का इंतजाम किया जा रहा है।
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प्रवासी मजदूर अब बहुत कम आ रहे हैं। शेल्टर होम में भी इनकी काफी कम संख्या है। बाकी जो भी मजदूर आ रहे हैं, उन्हें उनके घरों को भेजने की व्यवस्था कराई जा रही है। - वीके सिंह, एडीएम प्रशासन
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18 शेल्टर होम में अब केवल 73 लोगों के ही ठहरे होने की सूचना बरेली। लॉकडाउन के बाद से शेल्टर होम में सैकड़ों प्रवासी ठहरे हुए थे, उनमें से अब ज्यादातर अपने घर चले गए हैं। लिहाजा प्रशासन की ओर से बनाए गए आश्रय स्थल खाली हो गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि अब बाहर से आने वाले प्रवासियों की संख्या भी लगभग न के बराबर है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद बाकी मजदूरों को भी घर भेजने की तैयारी चल रही है।
प्रशासन के रिकॉर्ड के मुताबिक, अब तक बाहर से 22228 प्रवासी मजदूर आए हैं। इनमें ज्यादातर हरियाणा, नोएडा, दिल्ली और राजस्थान के हैं। इसके अलावा 11358 प्रवासी श्रमिक उत्तराखंड से आ चुके हैं, जबकि 881 श्रमिकों को उत्तराखंड भेजा जा चुका है। बाहर से आ रहे मजदूरों को क्वारंटीन करने के लिए जिले में 18 शेल्टर होम बनाए गए थे। शहर में हरूनगला और सीबीगंज में सेंटर बनाया गया था। इसके अलावा फरीदपुर, बहेड़ी, नवाबगंज, मीरगंज, आंवला सहित कई और जगहों पर भी शेल्टर होम बनाए गए। चूंकि पहले प्रवासी श्रमिकों को 14 दिन रोकने के निर्देश थे लेकिन अब उन्हें पूल टेस्टिंग के बाद घर भेजने के आदेश हैं। अब प्रवासी मजदूरों के आने का सिलसिला भी लगभग थम गया है। लिहाजा शेल्टर होम भी खाली होने लगे हैं। डीपीएस शेल्टर होम को पहले ही बंद किया जा चुका है। हरूनगला में भी प्रवासी मजदूर नहीं रह गए हैं। प्रशासन की रिपोर्ट के तहत अब सभी 18 शेल्टर होम में 73 प्रवासी मजदूरों के ही रुकने की सूचना है। इनमें भी कई लोग शनिवार देर शाम घर भेजे जा चुके हैं। बाकी लोगों को भेजने का इंतजाम किया जा रहा है।
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प्रवासी मजदूर अब बहुत कम आ रहे हैं। शेल्टर होम में भी इनकी काफी कम संख्या है। बाकी जो भी मजदूर आ रहे हैं, उन्हें उनके घरों को भेजने की व्यवस्था कराई जा रही है। - वीके सिंह, एडीएम प्रशासन
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