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Bareilly News: एलाइनमेंट लीक कर अफसरों ने ही रखी घोटाले की बुनियाद
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एनएचएआई, एसएलएओ कार्यालय और कंसल्टेंसी फर्म के पास थी जानकारी, यहीं से खेल होने की आशंका
बरेली। बरेली-सितारगंज हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण से पहले एलाइनमेंट लीक करके इस तरह से घोटाले का खेल रचा गया कि कार्रवाई के घेरे में भी न आएं और करोड़ों रुपये हजम भी कर जाएं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के साथ ही विशेष भूमि अध्याप्ति कार्यालय (एसएलएओ) और कंसल्टेंसी फर्म को ही एलाइनमेंट की जानकारी थी। आशंका है कि इसी में से किसी ने जानकारी लीक कर घोटाले की बुनियाद रखी। यह पूरा खेल वर्ष 2019 से 2021 के बीच रचा है। तत्कालीन अधिकारी-कर्मचारी अब विस्तृत जांच के घेरे में हैं। इसमें उन अधिकारियों-कर्मचारियों के नाम भी खुलेंगे, जिनके कार्यकाल में एलाइनमेंट लीक हुआ था।
राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के तहत पहली अधिसूचना जारी होने पर भूमि अधिग्रहण अधिकारी की नियुक्ति होती है। इसके साथ ही निजी फर्म, अभियंताओं, आउटसोर्स कर्मियों और एनएचएआई के साइट इंजीनियर मिलकर एलाइनमेंट तय करते हैं। निजी फर्म की ओर से तैयार एलाइनमेंट को परियोजना निदेशक की ओर से एनएचएआई मुख्यालय को भेजा जाता है।
मुख्यालय से स्वीकृति के बाद विस्तृत अधिसूचना जारी की जाती है। इससे पता लगता है कि किस किसान की कितनी जमीन अधिग्रहीत की जानी है। किसानों को भले ही इसकी जानकारी नहीं हुई, लेकिन अधिकारियों और दलालों के नेटवर्क को पूरी सूचना लीक कर दी गई थी। इसलिए बरेली, नोएडा, ऊधमसिंह नगर और लखनऊ के पेशेवर लोगों ने वही भूखंड खरीदे, जिनका अधिग्रहण होना था। इसके बाद उनके भू उपयोग में बदलाव कराया गया। उस पर अस्थायी निर्माण भी कराया। उसे पक्का निर्माण दिखाते हुए सरकारी खजाने को चूना लगाया। डीएम और कमिश्नर की ओर से कराई गई जांच में ऐसे कई मामले पाए गए हैं।
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इन्हें थी एलाइनमेंट की पूरी जानकारी
एनएचएआई मुख्यालय, एसए इंफ्रास्ट्रक्चर कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड, एनएचएआई की स्थानीय इकाई के तत्कालीन परियोजना निदेशक और तत्कालीन विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय ऐसे स्थान हैं, जहां एलाइनमेंट की जानकारी सबसे पहले होती है। इन कार्यालयों के तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों में से किसी के स्तर से भी एलाइनमेंट लीक किए जाने का अंदेशा है। इस दौरान तैनात रहे एनएचएआई के पांच परियोजना निदेशकों, एसए इंफ्रास्ट्रक्चर कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारी-कर्मचारी और विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी अब जांच के घेरे हैं।
यह होता है एलाइनमेंट
किसी हाईवे के चौड़ीकरण या निर्माण से पहले एक एलाइनमेंट तैयार किया जाता है। इसमें इस बात का स्पष्ट उल्लेख होता है कि मार्ग कहां से कहां तक जाएगा। चौड़ीकरण और निर्माण के लिए किस-किस गाटा संख्या की जमीन का अधिग्रहण करना जरूरी होगा। अमर उजाला ब्यूरो
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बरेली। बरेली-सितारगंज हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण से पहले एलाइनमेंट लीक करके इस तरह से घोटाले का खेल रचा गया कि कार्रवाई के घेरे में भी न आएं और करोड़ों रुपये हजम भी कर जाएं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के साथ ही विशेष भूमि अध्याप्ति कार्यालय (एसएलएओ) और कंसल्टेंसी फर्म को ही एलाइनमेंट की जानकारी थी। आशंका है कि इसी में से किसी ने जानकारी लीक कर घोटाले की बुनियाद रखी। यह पूरा खेल वर्ष 2019 से 2021 के बीच रचा है। तत्कालीन अधिकारी-कर्मचारी अब विस्तृत जांच के घेरे में हैं। इसमें उन अधिकारियों-कर्मचारियों के नाम भी खुलेंगे, जिनके कार्यकाल में एलाइनमेंट लीक हुआ था।
राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के तहत पहली अधिसूचना जारी होने पर भूमि अधिग्रहण अधिकारी की नियुक्ति होती है। इसके साथ ही निजी फर्म, अभियंताओं, आउटसोर्स कर्मियों और एनएचएआई के साइट इंजीनियर मिलकर एलाइनमेंट तय करते हैं। निजी फर्म की ओर से तैयार एलाइनमेंट को परियोजना निदेशक की ओर से एनएचएआई मुख्यालय को भेजा जाता है।
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मुख्यालय से स्वीकृति के बाद विस्तृत अधिसूचना जारी की जाती है। इससे पता लगता है कि किस किसान की कितनी जमीन अधिग्रहीत की जानी है। किसानों को भले ही इसकी जानकारी नहीं हुई, लेकिन अधिकारियों और दलालों के नेटवर्क को पूरी सूचना लीक कर दी गई थी। इसलिए बरेली, नोएडा, ऊधमसिंह नगर और लखनऊ के पेशेवर लोगों ने वही भूखंड खरीदे, जिनका अधिग्रहण होना था। इसके बाद उनके भू उपयोग में बदलाव कराया गया। उस पर अस्थायी निर्माण भी कराया। उसे पक्का निर्माण दिखाते हुए सरकारी खजाने को चूना लगाया। डीएम और कमिश्नर की ओर से कराई गई जांच में ऐसे कई मामले पाए गए हैं।
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इन्हें थी एलाइनमेंट की पूरी जानकारी
एनएचएआई मुख्यालय, एसए इंफ्रास्ट्रक्चर कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड, एनएचएआई की स्थानीय इकाई के तत्कालीन परियोजना निदेशक और तत्कालीन विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय ऐसे स्थान हैं, जहां एलाइनमेंट की जानकारी सबसे पहले होती है। इन कार्यालयों के तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों में से किसी के स्तर से भी एलाइनमेंट लीक किए जाने का अंदेशा है। इस दौरान तैनात रहे एनएचएआई के पांच परियोजना निदेशकों, एसए इंफ्रास्ट्रक्चर कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारी-कर्मचारी और विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी अब जांच के घेरे हैं।
यह होता है एलाइनमेंट
किसी हाईवे के चौड़ीकरण या निर्माण से पहले एक एलाइनमेंट तैयार किया जाता है। इसमें इस बात का स्पष्ट उल्लेख होता है कि मार्ग कहां से कहां तक जाएगा। चौड़ीकरण और निर्माण के लिए किस-किस गाटा संख्या की जमीन का अधिग्रहण करना जरूरी होगा। अमर उजाला ब्यूरो