{"_id":"68f946c04cf58e7abe0601ad","slug":"the-noise-of-firecrackers-has-subsided-with-aqi-exceeding-150-in-residential-areas-bareilly-news-c-4-vns1074-750753-2025-10-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: पटाखों का शोर थमा, रिहायशी क्षेत्र में एक्यूआई 150 से ज्यादा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: पटाखों का शोर थमा, रिहायशी क्षेत्र में एक्यूआई 150 से ज्यादा
विज्ञापन
राजेंद्र नगर में 165, सिविल लाइंस में 70 दर्ज हुआ वायु गुणवत्ता सूचकांक
बरेली। दिवाली के दिन पटाखों से प्रदूषित हुई रिहायशी इलाकों की हवा 48 घंटे बाद भी साफ नहीं हुई। बुधवार को भी वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) खतरे के निशान के पार दर्ज हुआ। हालांकि, व्यावसायिक क्षेत्र की हवा में प्रदूषण का स्तर सामान्य स्तर पर रहा। रिहायशी क्षेत्र में एक्यूआई 150 से ज्यादा रहा।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पोर्टल पर दर्ज डिजिटल डाटा के अनुसार बुधवार को शहर का एक्यूआई 120 रहा। इसमें रिहायशी इलाका राजेंद्र नगर में सुबह से शाम तक एक्यूआई 180 से 150 के बीच रहा। जबकि व्यावसायिक क्षेत्र सिविल लाइंस में एक्यूआई 58 से 82 तक दर्ज हुआ। दिनभर शहर में हल्की धुंध की परत मंडराती रही। क्षेत्रीय अधिकारी चंद्रेश कुमार के मुताबिक पटाखों का जलना बंद होने के बाद वायु प्रदूषण का स्तर तेजी से घटा है। परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो 72 घंटे बाद प्रदूषण साफ हो जाएगा। एक्यूआई चार दिन पहले की तरह सामान्य स्तर पर दर्ज होगा। वहीं, सरकारी अस्पताल की ओपीडी में भी बुधवार को सांस संबंधी रोगों के मरीज पहुंचे। जिनमें सांस फूलने, गले में खराश, सायनस पीड़ित रहे। ब्यूरो
विज्ञापन
बरेली। दिवाली के दिन पटाखों से प्रदूषित हुई रिहायशी इलाकों की हवा 48 घंटे बाद भी साफ नहीं हुई। बुधवार को भी वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) खतरे के निशान के पार दर्ज हुआ। हालांकि, व्यावसायिक क्षेत्र की हवा में प्रदूषण का स्तर सामान्य स्तर पर रहा। रिहायशी क्षेत्र में एक्यूआई 150 से ज्यादा रहा।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पोर्टल पर दर्ज डिजिटल डाटा के अनुसार बुधवार को शहर का एक्यूआई 120 रहा। इसमें रिहायशी इलाका राजेंद्र नगर में सुबह से शाम तक एक्यूआई 180 से 150 के बीच रहा। जबकि व्यावसायिक क्षेत्र सिविल लाइंस में एक्यूआई 58 से 82 तक दर्ज हुआ। दिनभर शहर में हल्की धुंध की परत मंडराती रही। क्षेत्रीय अधिकारी चंद्रेश कुमार के मुताबिक पटाखों का जलना बंद होने के बाद वायु प्रदूषण का स्तर तेजी से घटा है। परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो 72 घंटे बाद प्रदूषण साफ हो जाएगा। एक्यूआई चार दिन पहले की तरह सामान्य स्तर पर दर्ज होगा। वहीं, सरकारी अस्पताल की ओपीडी में भी बुधवार को सांस संबंधी रोगों के मरीज पहुंचे। जिनमें सांस फूलने, गले में खराश, सायनस पीड़ित रहे। ब्यूरो
विज्ञापन