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नई पर्यटन नीति में बरेली को तोहफा
बरेली
Updated Wed, 03 Feb 2016 01:39 AM IST
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बरेली। प्रदेश सरकार ने नई पर्यटन नीति में बरेली के लिए कई तोहफे दिए हैं। उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों की ओर जाने का बरेली से रास्ता होने की वजह से और भी नई संभावनाएं तलाशी जाएंगी। इसके लिए कमिश्नर की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है।
नैनीताल तथा उत्तराखंड के कई तीर्थ स्थलों को जाने का रास्ता होने के कारण बरेली में पर्यटक दोपहर में आराम और रात्रि प्रवास कर सकते हैं। इस संभावना के चलते पर्यटन विभाग के रोहिला होटल को के लिए संवारने प्रदेश सरकार ने 57 लाख रुपये जारी किए हैं। इस राशि से होटल के कमरों, रेस्टोरेंट और बार में सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। इन सुविधाओं के लिए यह राशि जारी कर दी गई है। जून के अंत तक सभी कामों को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
लीलौर झील को महाभारत काल के जल विहार परिपथ में शामिल करने का प्रस्ताव है। इसके लिए केंद्र सरकार से मिली धनराशि से निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए जल के कृत्रिम स्रोत बनाए जाने हैं। इस बारे में उप निदेशक पर्यटन की ओर से प्रदेश सरकार को मार्च के अंत तक प्रस्ताव भेज दिया जाएगा। बरेली में जरी जरदोजी का अधिक काम होने के कारण उनके उत्पादों को पर्यटकों तक पहुंचाने के लिए शिल्प बाजार विकसित करने का प्रस्ताव भी हैं। यह सब प्रदेश की नई पर्यटन नीति के अंतर्गत किया जाएगा।
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‘ एक फरवरी को नई पर्यटन नीति घोषित हुई, उसके अनुसार बरेली में पर्यटन की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। उन्हीं में इन कामों को शामिल करते हुए कमिश्नर के माध्यम से प्रस्ताव भेजे जाएंगे।’ प्रीति श्रीवास्तव, उप निदेशक, पर्यटन
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नैनीताल तथा उत्तराखंड के कई तीर्थ स्थलों को जाने का रास्ता होने के कारण बरेली में पर्यटक दोपहर में आराम और रात्रि प्रवास कर सकते हैं। इस संभावना के चलते पर्यटन विभाग के रोहिला होटल को के लिए संवारने प्रदेश सरकार ने 57 लाख रुपये जारी किए हैं। इस राशि से होटल के कमरों, रेस्टोरेंट और बार में सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। इन सुविधाओं के लिए यह राशि जारी कर दी गई है। जून के अंत तक सभी कामों को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
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लीलौर झील को महाभारत काल के जल विहार परिपथ में शामिल करने का प्रस्ताव है। इसके लिए केंद्र सरकार से मिली धनराशि से निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए जल के कृत्रिम स्रोत बनाए जाने हैं। इस बारे में उप निदेशक पर्यटन की ओर से प्रदेश सरकार को मार्च के अंत तक प्रस्ताव भेज दिया जाएगा। बरेली में जरी जरदोजी का अधिक काम होने के कारण उनके उत्पादों को पर्यटकों तक पहुंचाने के लिए शिल्प बाजार विकसित करने का प्रस्ताव भी हैं। यह सब प्रदेश की नई पर्यटन नीति के अंतर्गत किया जाएगा।
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‘ एक फरवरी को नई पर्यटन नीति घोषित हुई, उसके अनुसार बरेली में पर्यटन की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। उन्हीं में इन कामों को शामिल करते हुए कमिश्नर के माध्यम से प्रस्ताव भेजे जाएंगे।’ प्रीति श्रीवास्तव, उप निदेशक, पर्यटन