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दस डिग्री तक लुढ़का पारा, नहीं जले अलाव

Mon, 29 Nov 2021 12:04 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 29 Nov 2021 12:04 AM IST
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The mercury rolled up to ten degrees, the bonfire did not burn
पारा गिरने का बाद भी बरेली जंक्शन पर नहीं जले अलाव। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
सार्वजनिक स्थानों पर ठिठुरते हुए रात काट रहे हैं बेघर और बेसहारा लोग, अफसरों को परवाह नहीं
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बरेली। रात का तापमान अब दस डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है लेकिन इसके बावजूद अब तक शहर में कहीं अलाव जलने शुरू नहीं हुए हैं। नगर निगम के अफसरों की बेपरवाही रात को सड़कों पर रहने वाले बेघर और मजबूर लोगों की दुश्वारियों को बढ़ा रही है।
मौसम विभाग के अनुसार दिसंबर के पहले पखवाड़े में ही शीतलहर शुरू हो जाएगी और पारा भी सात डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। कई दिनों से अब भी रात का पारा दस डिग्री के आसपास स्थिर लेकिन नगर निगम की ओर से अब तक अलाव जलवाने के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए हैं। नगर आयुक्त अभिषेक आनंद ने बताया कि अलाव के लिए शहर में स्थान चिह्नित हैं। अस्थायी रैन बसेरों को बनाने का काम शुरू किया जा चुका है। जल्द ही अलाव की व्यवस्था भी शुरू हो जाएगी।
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सेटेलाइट बस अड्डा: अलाव की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां कानपुर, दिल्ली, मुरादाबाद, लखनऊ, उत्तराखंड तक जाने वाले सैकड़ों यात्री देर रात तक बसों के इंतजार में ठंड से ठिठुरते रहते हैं। खुद को ठंड से बचाकर घंटों बसों का इंतजार करना यात्रियों के लिए मुसीबत साबित हो रहा है।
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श्यामगंज चौराहा : यहां पुल के नीचे कई रिक्शा चालक और मजदूर रात काटते हैं। सर्दियों में ये लोग अलाव के भरोसे रहते हैं लेकिन इस बार अब तक नगर निगम ने यहां अलाव की कोई व्यवस्था नहीं की है। बेसहारा लोग कूड़े को जलाकर खुद को सर्दी से बचा रहे हैं।
चौकी चौराहा : पटेल चौक से लेकर चौकी चौराहे तक तमाम लोग फुटपाथ पर रात काटते हैं और पार्क या चौराहे पर बने फुटपाथ पर सोते हैं। रात में सर्दी बढ़ने के साथ ओस भी गिरने लगी है लेकिन यहां अलाव की कोई व्यवस्था नहीं है। ये लोग भी सर्दी में ठिठुरते हुए रात काटने को मजबूर हैं।

रेलवे जंक्शन : रेलवे जंक्शन के बाहर हर रात करीब सौ से ज्यादा बेसहारा लोग पेड़ के नीचे या खुले आसमान के नीचे रात काटते हैं। यहां रिक्शा चालक, मजदूर और बेसहारा लोग हर रात मौजूद रहते हैं। यहां भी अब तक अलाव की कोई व्यवस्था नहीं है।
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