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Bareilly News: साई स्टेडियम में बना हॉकी मैदान खस्ताहाल, खतरों के बीच खेल रहे खिलाड़ी
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बरेली। भारतीय खेल प्राधिकरण प्रशिक्षण केंद्र (साई) कैंट का हॉकी मैदान खस्ताहाल हो चुका है। वर्ष 2011 में करोड़ों रुपये की लागत से मैदान पर बिछाई गई एस्ट्रोटर्फ जर्जर हो चुकी है। कई जगहों पर से इसकी ऊपरी परत उखड़ चुकी है और जगह-जगह से फट गई है। इससे नीचे की बजरी साफ नजर आने लगी है। मैदान पर गड्ढे बन गए हैं और सतह भी समतल नहीं रह गई। ग्राउंड पर बिछी एस्ट्रोटर्फ के असंतुलित होने से खिलाड़ियों के चोटिल होने का खतरा लगातार बना रहता है।
स्थिति यह है कि उक्त मैदान अब अभ्यास और प्रतियोगिताओं की मेजबानी दोनों के लिए अनुपयुक्त है। चूंकि शहर के खिलाड़ियों के पास साई स्टेडियम में ही हॉकी के एस्ट्रो टर्फ पर अभ्यास करने की सुविधा है। ऐसे में खिलाड़ियों के पास अब दो विकल्प हैं कि या तो वह खराब मैदान पर अभ्यास करें या फिर किसी घास के मैदान का सहारा लें।
साई प्रबंधन की ओर से पिछले कुछ वर्षों से केंद्रीय लोक निर्माण सीपीडब्ल्यूडी) को पत्र भेजकर नई एस्ट्रोटर्फ बिछाने की मांग की जा रही है। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हो सकी। हाल ही में एक बार सीपीडब्ल्यूडी के इंजीनियर मैदान का मुआयना करने पहुंचे थे। इस दौरान पता चला कि जगह-जगह से टर्फ हटने के कारण, इसकी मरम्मत संभव नहीं है। नई एस्ट्रोटर्फ की अनुमानित लागत करीब चार करोड़ रुपये आंकी गई।
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साई केंद्र प्रभारी गायत्री देवी कन्नौजिया ने बताया कि टर्फ की खराब स्थिति को लेकर नियमित रूप से संबंधित को पत्र भेजे गए हैं। टीम आती है, निरीक्षण करके जाती है। उसके बाद कोई एक्शन नहीं होता। संवाद
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स्थिति यह है कि उक्त मैदान अब अभ्यास और प्रतियोगिताओं की मेजबानी दोनों के लिए अनुपयुक्त है। चूंकि शहर के खिलाड़ियों के पास साई स्टेडियम में ही हॉकी के एस्ट्रो टर्फ पर अभ्यास करने की सुविधा है। ऐसे में खिलाड़ियों के पास अब दो विकल्प हैं कि या तो वह खराब मैदान पर अभ्यास करें या फिर किसी घास के मैदान का सहारा लें।
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साई प्रबंधन की ओर से पिछले कुछ वर्षों से केंद्रीय लोक निर्माण सीपीडब्ल्यूडी) को पत्र भेजकर नई एस्ट्रोटर्फ बिछाने की मांग की जा रही है। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हो सकी। हाल ही में एक बार सीपीडब्ल्यूडी के इंजीनियर मैदान का मुआयना करने पहुंचे थे। इस दौरान पता चला कि जगह-जगह से टर्फ हटने के कारण, इसकी मरम्मत संभव नहीं है। नई एस्ट्रोटर्फ की अनुमानित लागत करीब चार करोड़ रुपये आंकी गई।
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साई केंद्र प्रभारी गायत्री देवी कन्नौजिया ने बताया कि टर्फ की खराब स्थिति को लेकर नियमित रूप से संबंधित को पत्र भेजे गए हैं। टीम आती है, निरीक्षण करके जाती है। उसके बाद कोई एक्शन नहीं होता। संवाद