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...तो हेलीकाप्टर से टिकट भेजना आचार संहिता का उल्लंघन
बरेली
Updated Wed, 17 Feb 2016 01:20 AM IST
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हेलीकाप्टर से आए सपा प्रत्याशी घनश्याम लोधी के टिकट पर नया विवाद खड़ा हो गया है। निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक और रिटर्निग अधिकारी से शिव सेना के नेता गोपाल गुप्ता ने शिकायत की है कि इस तरह टिकट पहुंचना चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन है और यह सब सरकार ने खुद किया है। सरकारी अधिकारी के जरिए टिकट पहुंचाया गया और उनकी अगवानी के लिए स्थानीय अधिकारियों को तैनात किया गया। इस बारे में प्रेक्षक ने डीएम से रिपोर्ट मांगी है।
समाजवादी पार्टी ने नामांकन के अंतिम दिन रामपुर- बरेली विधान परिषद (स्थानीय प्राधिकारी) का प्रत्याशी एन वक्त पर बदल दिया। नए प्रत्याशी को ए और बी फार्म (प्राधिकार पत्र)उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार ने सरकारी मशीनरी का सहारा लिया। मुख्यमंत्री सचिवालय में तैनात अधिकारी हेलीकाप्टर से ए और बी फार्म लेकर बरेली आए। हेलीकाप्टर पुलिस लाइन में उतारा गया, जिसकी अधिकृत जानकारी प्रशासन को अब तक नहीं है। विपक्ष के नेता कह रहे हैं कि बी फार्म लखनऊ में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में सौंपा जा सकता था। इसके बावजूद भारी भरकम खर्चा करके हेलीकाप्टर का सहारा लेकर सत्ता का दुरुपयोग किया और एक तरह से चुनाव प्रचार किया।
पुलिस लाइन प्रभारी ओंकार सिंह ने बताया कि हेलीकाप्टर लेंडिंग का चार्ज 2500 रुपया जमा कराया गया। विपक्षी दल हेलीकाप्टर प्रकरण को चुनावी मुद्दा बनाने की फिराक में हैं। एमएलसी चुनाव में हेलीकाप्टर से सपा के एमएलसी प्रत्याशी को ए और बी फार्म सौंपने के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय के ओएसडी जगदेव सिंह सोमवार को बरेली आए थे। इनकी अगवानी एसपी सिटी और प्रशासनिक अधिकारियों ने की। इस तरह यह एक सरकारी कार्यक्रम की तरह ही था।
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इस बारे में लखनऊ से ये जानकारी नहीं मिल पायी कि हेलीकाप्टर सरकारी खर्चे पर लाया गया या सपा के। इस बारे में भी कुछ नहीं कहा गया है कि सरकारी अधिकारी यदि टिकट पहुंचाने नहीं आए थे तो लिखा पढ़ी में कौन से सरकारी काम से बरेली भेजे गए थे।
‘हेलीकाप्टर से टिकट पहुंचने और आचार संहिता उल्लंघन करने की शिकायत अभी तक नहीं मिली है। अगर कोई आपत्ति आती है तो उसका परीक्षण कर कार्रवाई कराई जाएगी।’ गौरव दयाल, डीएम
‘एमएलसी चुनाव में हेलीकाप्टर से टिकट मंगाकर सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया है। ऐसी स्थिति में निष्पक्ष चुनाव की क्या उम्मीद की जा सकती है।’ रविंद्र सिंह राठौर, जिलाध्यक्ष भाजपा
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समाजवादी पार्टी ने नामांकन के अंतिम दिन रामपुर- बरेली विधान परिषद (स्थानीय प्राधिकारी) का प्रत्याशी एन वक्त पर बदल दिया। नए प्रत्याशी को ए और बी फार्म (प्राधिकार पत्र)उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार ने सरकारी मशीनरी का सहारा लिया। मुख्यमंत्री सचिवालय में तैनात अधिकारी हेलीकाप्टर से ए और बी फार्म लेकर बरेली आए। हेलीकाप्टर पुलिस लाइन में उतारा गया, जिसकी अधिकृत जानकारी प्रशासन को अब तक नहीं है। विपक्ष के नेता कह रहे हैं कि बी फार्म लखनऊ में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में सौंपा जा सकता था। इसके बावजूद भारी भरकम खर्चा करके हेलीकाप्टर का सहारा लेकर सत्ता का दुरुपयोग किया और एक तरह से चुनाव प्रचार किया।
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पुलिस लाइन प्रभारी ओंकार सिंह ने बताया कि हेलीकाप्टर लेंडिंग का चार्ज 2500 रुपया जमा कराया गया। विपक्षी दल हेलीकाप्टर प्रकरण को चुनावी मुद्दा बनाने की फिराक में हैं। एमएलसी चुनाव में हेलीकाप्टर से सपा के एमएलसी प्रत्याशी को ए और बी फार्म सौंपने के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय के ओएसडी जगदेव सिंह सोमवार को बरेली आए थे। इनकी अगवानी एसपी सिटी और प्रशासनिक अधिकारियों ने की। इस तरह यह एक सरकारी कार्यक्रम की तरह ही था।
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इस बारे में लखनऊ से ये जानकारी नहीं मिल पायी कि हेलीकाप्टर सरकारी खर्चे पर लाया गया या सपा के। इस बारे में भी कुछ नहीं कहा गया है कि सरकारी अधिकारी यदि टिकट पहुंचाने नहीं आए थे तो लिखा पढ़ी में कौन से सरकारी काम से बरेली भेजे गए थे।
‘हेलीकाप्टर से टिकट पहुंचने और आचार संहिता उल्लंघन करने की शिकायत अभी तक नहीं मिली है। अगर कोई आपत्ति आती है तो उसका परीक्षण कर कार्रवाई कराई जाएगी।’ गौरव दयाल, डीएम
‘एमएलसी चुनाव में हेलीकाप्टर से टिकट मंगाकर सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया है। ऐसी स्थिति में निष्पक्ष चुनाव की क्या उम्मीद की जा सकती है।’ रविंद्र सिंह राठौर, जिलाध्यक्ष भाजपा