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Bareilly News: बिगड़ रही स्वास्थ्य महकमे की सेहत...एक माह में लुढ़के पांच पायदान

Wed, 15 Mar 2023 01:56 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 15 Mar 2023 01:56 AM IST
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The health of the health department is deteriorating ... it has dropped five places in a month
बरेली। अफसर भले ही जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का दावा करें, लेकिन मंगलवार को जारी रैंकिंग हकीकत बयां कर रही है। जनवरी की रैंकिंग में हम पांच पायदान लुढ़ककर प्रदेश में 67वें स्थान पर जा पहुंचे हैं, जबकि दिसंबर में 62वां स्थान मिला था। सबसे खराब स्थिति परिवार नियोजन की है। गर्भवतियों और अन्य मरीजों को जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने में भी जिला फिसड्डी साबित हुआ। जन्म अनुपात और क्षय रोगियों की रिपोर्टिंग में भी हम पिछड़ते जा रहे हैं। पिछले दिनों अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच को लेकर भी महकमे की खूब किरकिरी हुई थी।
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टॉप टेन फिसड्डी जिलों में शामिल बरेली दिसंबर में क्षय रोगियों की रिपोर्टिंग में पहले पायदान पर रहा जो इस बार खिसक कर 20वें स्थान से भी नीचे पहुंच गया है। सिजेरियन प्रसव के मामले में 26वें, जन्म अनुपात की रिपोर्टिंग में 51वें, गर्भवतियों और अन्य मरीजों को जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने में 68वें, परिवार नियोजन के लिए स्थायी तरीका अपनाने के मामले में जिला 69वें पायदान पर रहा। हालांकि, जिला बच्चों के टीकाकरण में अव्वल रहा। एंटी नेटल केयर की स्थिति भी संतोषजनक रही।
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मझगवां, मुड़िया नबी बक्श और भोजीपुरा सीएचसी की स्थिति बेहद खराबरैंकिंग में जिले की 16 सीएचसी पर उपलब्ध सेवाओं का भी आकलन किया गया है। इसमें मझगवां, भोजीपुरा और मुड़िया नबी बक्श सीएचसी की स्थिति बेहद खराब मिली। दिसंबर में भी मुड़िया नबी बक्श और मझगवां सीएचसी की स्थिति खराब मिली थी। 16 सीएचसी में से फरीदपुर में सर्वाधिक सुधार हुआ। वहीं, भोजीपुरा की स्थिति पहले से और खराब हुई है। दलेलनगर, क्यारा, शेरगढ़ और रामनगर सीएचसी की स्थिति ठीक रही।
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बहेड़ी में सर्वाधिक सुविधाएं

बहेड़ी के ज्यादातर स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण, टीबी रोगी चिह्नांकन, एएनसी, प्रसव, परिवार नियोजन, मरीजों को बेहतर सेवा देने में सर्वाधिक सुधार हुआ है। बिथरी चैनपुर की स्थिति खराब हुई है। परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता में सर्वाधिक गिरावट हुई है।

इन बिंदुओं पर जारी हुआ रिपोर्ट कार्ड
एचआईवी स्क्रीनिंग
टीकाकरण
डिलीवरी रेट
एएनसी
एचबी टेस्ट
आशा की उपस्थिति
प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा प्रसव
आशाओं का मानदेय वितरण
परिवार नियोजन
जन्म अनुपात



प्रभावी कार्रवाई पर उठते रहे हैं सवाल

रैंकिंग में गिरावट की बड़ी वजह इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंच रहे मरीजों की समस्याओं का निस्तारण न होना माना जा रहा है। अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच, झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई के मामले में कई शिकायतें हुईं, पर कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय लोगों ने आईजीआरएस पोर्टल पर विभाग के हाल बयां किए तो अफसर जागे और ताबड़तोड़ 75 सेंटरों पर कार्रवाई की। इसमें भी कुछ पर ही मुकदमा दर्ज कराया, शेष को सील कर कर्तव्यों की इतिश्री कर ली। सील हुए सेंटरों में भी अल्ट्रासाउंड संचालन के वीडियो, फोटो वायरल हुए, पर कार्रवाई नहीं की गई।
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