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Bareilly News: सोशल मीडिया की देन, अंग्रेजी के रहे न हिंदी के

Thu, 30 Mar 2023 01:44 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Thu, 30 Mar 2023 01:44 AM IST
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The gift of social media, neither English nor Hindi
शाहजहांपुर। यूपी बोर्ड मूल्यांकन में कुछ कॉपिया ऐसी भी सामने आई हैं, जिनमें परीक्षार्थियों ने अंग्रेजी भाषा का प्रश्नपत्र हिंग्लिश (अंग्रेजी मिश्रित हिंदी) में हल किया। भाषा और व्याकरण का सही प्रयोग नहीं किया गया। मनोविज्ञानी का कहना है कि सोशल मीडिया पर ज्यादा समय बिताने या मेसेज करते रहने की प्रवृत्ति से यह भाषा सहज हो जाती है। ऐसे में उत्तर न आने की स्थिति में परीक्षार्थियों ने सोशल मीडिया की भाषा अपनाई।
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यूपी बोर्ड की कॉपियों के मूल्यांकन के दौरान शिक्षकों को ऐसी ही भाषा से दो-चार होना पड़ा। कई बार अंग्रेजी भाषा के शब्द यू (वाईओयू) के स्थान पर सिर्फ यू का इस्तेमाल मिला। एसपी कॉलेज में अंग्रेजी के शिक्षक ज्वाला प्रसाद ने बताया कि कॉपियों के मूल्यांकन के दौरान तो ऐसे मामले कम सामने आए, लेकिन इस तरह की प्रवृत्ति बच्चों में बढ़ती जा रही है। वे सोशल मीडिया में उपयोग होने वाली भाषा ही इस्तेमाल करने लगे हैं। पिछले सालों में काफी परिवर्तन आया है।
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बच्चों के गृहकार्य की कॉपियों में हिंग्लिश लिखने का प्रचलन बढ़ा है। धर्मानंद इंटर कॉलेज के शिक्षक कमलेश द्विवेदी ने बताया कि पढ़ाई के दौरान छात्र-छात्राओं को अंग्रेजी भाषा में ही पढ़ाते हैं, लेकिन घर से होमवर्क करके लाने पर कुछ विद्यार्थियों की कॉपियों में इस तरह की भाषा लिखी मिल जाती है। इस पर सख्ती बरती जाती है। जीआईसी के प्रधानाचार्य अनिल कुमार ने भी इस पर चिंता जताई और कहा कि छात्र-छात्राओं को सोशल मीडिया पर नहीं, अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए।
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परीक्षा में अंक तब ही मिलेंगे जब उसी भाषा का प्रयोग करेंगे, जिसका पेपर दे रहे हैं। सीबीएसई बोर्ड के जिला समन्वयक राजीव मोहन पांडेय ने भी छात्र-छात्राओं द्वारा इस तरह की भाषा का प्रयोग किए जाने पर चिंता जताई है।


मनोविज्ञानी का तर्क
मनोविज्ञानी डॉ. संजीव कुमार का तर्क है कि हम जो काम सबसे ज्यादा करते हैं, उसी के हिसाब से सोचना शुरू कर देते हैं। इसका असर हमारे जीवन पर भी पड़ता है। आजकल विद्यार्थी सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं। इसमें हिंग्लिश भाषा का प्रयोग बढ़ा है। इसी भाषा को वह अपनी पढ़ाई में भी उपयोग कर लेते हैं। इस पर विराम लगाने के लिए छात्र-छात्राओं को सोशल मीडिया से दूरी बनानी होगी।
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