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Bareilly News: चाचा पापा कब आएंगे, सुनकर परिजनों की आंखें डबडबा गई
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बीएलओ ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले शिक्षक के घर नेताओं और अफसरों की लगी रही आवाजाही, बंधाया ढांढस
बरेली। नीरेंद्र चाचा, हमारे पापा घर कब आएंगे...? इतने सारे लोग हमारे घर क्यों आ रहे हैं...? पांच वर्षीय जुड़वा भाई-बहन अहाना और अयांश के यह सवाल सुनकर बृहस्पतिवार को श्री कृष्णा होम कॉलोनी स्थित दिवंगत शिक्षक सर्वेश कुमार गंगवार के परिजनों की आंखें डबडबा जा रही थी। नीरेंद्र खुद को संभालते हुए दोनों बच्चों से कह रहे थे कि तुम्हारे पापा मम्मी को लाने गए हैं।
भोजीपुरा ब्लाक के परधौली स्थित प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत सहायक अध्यापक सर्वेश की बुधवार को बीएलओ ड्यूटी के दौरान हार्टअटैक से मौत हो गई थी। सर्वेश के बच्चों अहाना-अयांश की ताई व बेसिक शिक्षा विभाग की शिक्षिका शशिबाला ने रुंधे गले से कहा कि बच्चे कहते हैं कि जहां हमारी मम्मी प्रभा की फोटो पर माला चढ़ी है, वहीं पापा सर्वेश की फोटो भी लगेगी। इससे यह प्रतीत हुआ कि बच्चों ने जिस तरह तीन माह पहले अपनी मां का पार्थिव शरीर देखा था, उसी तरह से पिता का पार्थिव शरीर देखने के बाद उन्हें कुछ-कुछ तो समझ में आ गया है। शायद दोनों यह जान गए हैं कि अब उनके पापा घर नहीं आएंगे। फिर भी दोनों बच्चे ही तो हैं। उनके मन में कई सवाल हैं, लेकिन हमारे पास कोई जवाब नहीं है। संवाद
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परिवार में महिला सदस्यों में सिर्फ ताई
अहाना और अयांश के मामा दुष्यंत ने बताया कि सर्वेश के परिवार में मौजूदा समय में महिला सदस्यों में केवल बच्चों की ताई हैं। बच्चों की मां, नानी-दादी और एक चाची की मौत हो चुकी है। बच्चों को घर के पास ही एक स्कूल भेजा जा रहा था। दोनों का लगाव उनके नीरेंद्र चाचा से है, जो उनके साथ ही रहते हैं। तीन माह पहले बहन प्रभा के निधन के बाद से नीरेंद्र ही दोनों बच्चों का मां की तरह ध्यान रख रहे हैं।
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शिक्षक नेता ने की मुआवजे की मांग
सर्वेश के निधन के बाद उनके दोनों बच्चों से मिलने के लिए बृहस्पतिवार को नेताओं का दिन भर आना-जाना लगा रहा। जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, भाजपा सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार, एमएलसी बहौरन लाल मौर्य और कांग्रेस व सपा के स्थानीय नेताओं ने पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाया। वहीं, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के कोषाध्यक्ष योगेश गंगवार ने कहा कि सर्वेश के बच्चों के लिए इस समय सबसे जरूरी मुआवजा मिलना है। बीते वर्ष चुनाव आयोग ने निर्वाचन कार्य के दौरान मरने वालों के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा देने के लिए कहा था। जिलाधिकारी ने चुनाव आयोग तक मुआवजे की मांग पहुंचाने की बात कही है। सर्वेश के ऊपर 28 लाख रुपये का होम लोन था, इसकी चिंता पूरे परिवार को है।
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अफसर देंगे एक दिन का वेतन, बच्चों के नाम होगा फिक्स डिपॉजिट
बरेली। सहायक अध्यापक सर्वेश कुमार गंगवार के घर पर बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी अविनाश सिंह पहुंचे। सर्वेश के मासूम बच्चों अहाना और अयांश को देख कर जिलाधिकारी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के सभी अधिकारी एक दिन का वेतन जमा करेंगे, जो दोनों बच्चों के नाम पर फिक्स डिपॉजिट किया जाएगा। सर्वेश के छोटे भाई को संविदा पर नौकरी दी जाएगी, ताकि परिवार को आर्थिक सहारा मिल सके। जिलाधिकारी ने पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि यह दुख हम सबका है। परिवार चिंता न करे, प्रशासन साथ खड़ा है। जिलाधिकारी ने कहा कि सर्वेश गंगवार न केवल एक जिम्मेदार शिक्षक थे, बल्कि बीएलओ के तौर पर अपना 46 प्रतिशत से अधिक काम पूरा कर चुके थे। इसलिए अधिकारियों द्वारा उन पर किसी प्रकार के दबाव का सवाल नहीं उठता। इस दौरान बीएसए विनीता और एसडीएम सदर प्रमोद कुमार भी मौजूद रहे। ब्यूरो
48 घंटे के अंदर एक करोड़ की एफडी दें और नौकरी की करें घोषणा
बरेली। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. केबी त्रिपाठी ने बृहस्पतिवार को कहा कि 48 घंटे के अंदर प्रशासन और शासन की ओर से बीएलओ सर्वेश कुमार गंगवार के बच्चों को एक करोड़ रुपये की एफडी दी जाए। उनके परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी की घोषणा की जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो कांग्रेस आंदोलन शुरू करेगी और आमरण अनशन करेंगे। जिला और महानगर कांग्रेस कमेटी की ओर से बृहस्पतिवार को सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा गया। कांग्रेसियों ने मांग की कि एसआईआर की अंतिम तिथि 4 दिसंबर को आगे बढ़ाया जाए। ज्ञापन से पहले धन्वंतरी तोमर चौराहा स्थित कांग्रेस कार्यालय पर जिलाध्यक्ष मिर्जा अशफाक सकलैनी ने कहा कि सत्ता पक्ष को छोड़कर सभी विपक्षी दल एसआईआर की अवधि बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। महानगर अध्यक्ष दिनेश दद्दा एडवोकेट, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेम प्रकाश अग्रवाल, कृष्णकांत शर्मा, जिला उपाध्यक्ष जिया उर रहमान, डॉ. हरीश गंगवार, इकबाल रजा, रमेश चंद श्रीवास्तव, तबरेज खान, जोया खान, मोबिन अंसारी सहित अन्य कांग्रेसजन मौजूद रहे। ब्यूरो
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बरेली। नीरेंद्र चाचा, हमारे पापा घर कब आएंगे...? इतने सारे लोग हमारे घर क्यों आ रहे हैं...? पांच वर्षीय जुड़वा भाई-बहन अहाना और अयांश के यह सवाल सुनकर बृहस्पतिवार को श्री कृष्णा होम कॉलोनी स्थित दिवंगत शिक्षक सर्वेश कुमार गंगवार के परिजनों की आंखें डबडबा जा रही थी। नीरेंद्र खुद को संभालते हुए दोनों बच्चों से कह रहे थे कि तुम्हारे पापा मम्मी को लाने गए हैं।
भोजीपुरा ब्लाक के परधौली स्थित प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत सहायक अध्यापक सर्वेश की बुधवार को बीएलओ ड्यूटी के दौरान हार्टअटैक से मौत हो गई थी। सर्वेश के बच्चों अहाना-अयांश की ताई व बेसिक शिक्षा विभाग की शिक्षिका शशिबाला ने रुंधे गले से कहा कि बच्चे कहते हैं कि जहां हमारी मम्मी प्रभा की फोटो पर माला चढ़ी है, वहीं पापा सर्वेश की फोटो भी लगेगी। इससे यह प्रतीत हुआ कि बच्चों ने जिस तरह तीन माह पहले अपनी मां का पार्थिव शरीर देखा था, उसी तरह से पिता का पार्थिव शरीर देखने के बाद उन्हें कुछ-कुछ तो समझ में आ गया है। शायद दोनों यह जान गए हैं कि अब उनके पापा घर नहीं आएंगे। फिर भी दोनों बच्चे ही तो हैं। उनके मन में कई सवाल हैं, लेकिन हमारे पास कोई जवाब नहीं है। संवाद
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परिवार में महिला सदस्यों में सिर्फ ताई
अहाना और अयांश के मामा दुष्यंत ने बताया कि सर्वेश के परिवार में मौजूदा समय में महिला सदस्यों में केवल बच्चों की ताई हैं। बच्चों की मां, नानी-दादी और एक चाची की मौत हो चुकी है। बच्चों को घर के पास ही एक स्कूल भेजा जा रहा था। दोनों का लगाव उनके नीरेंद्र चाचा से है, जो उनके साथ ही रहते हैं। तीन माह पहले बहन प्रभा के निधन के बाद से नीरेंद्र ही दोनों बच्चों का मां की तरह ध्यान रख रहे हैं।
शिक्षक नेता ने की मुआवजे की मांग
सर्वेश के निधन के बाद उनके दोनों बच्चों से मिलने के लिए बृहस्पतिवार को नेताओं का दिन भर आना-जाना लगा रहा। जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, भाजपा सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार, एमएलसी बहौरन लाल मौर्य और कांग्रेस व सपा के स्थानीय नेताओं ने पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाया। वहीं, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के कोषाध्यक्ष योगेश गंगवार ने कहा कि सर्वेश के बच्चों के लिए इस समय सबसे जरूरी मुआवजा मिलना है। बीते वर्ष चुनाव आयोग ने निर्वाचन कार्य के दौरान मरने वालों के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा देने के लिए कहा था। जिलाधिकारी ने चुनाव आयोग तक मुआवजे की मांग पहुंचाने की बात कही है। सर्वेश के ऊपर 28 लाख रुपये का होम लोन था, इसकी चिंता पूरे परिवार को है।
अफसर देंगे एक दिन का वेतन, बच्चों के नाम होगा फिक्स डिपॉजिट
बरेली। सहायक अध्यापक सर्वेश कुमार गंगवार के घर पर बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी अविनाश सिंह पहुंचे। सर्वेश के मासूम बच्चों अहाना और अयांश को देख कर जिलाधिकारी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के सभी अधिकारी एक दिन का वेतन जमा करेंगे, जो दोनों बच्चों के नाम पर फिक्स डिपॉजिट किया जाएगा। सर्वेश के छोटे भाई को संविदा पर नौकरी दी जाएगी, ताकि परिवार को आर्थिक सहारा मिल सके। जिलाधिकारी ने पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि यह दुख हम सबका है। परिवार चिंता न करे, प्रशासन साथ खड़ा है। जिलाधिकारी ने कहा कि सर्वेश गंगवार न केवल एक जिम्मेदार शिक्षक थे, बल्कि बीएलओ के तौर पर अपना 46 प्रतिशत से अधिक काम पूरा कर चुके थे। इसलिए अधिकारियों द्वारा उन पर किसी प्रकार के दबाव का सवाल नहीं उठता। इस दौरान बीएसए विनीता और एसडीएम सदर प्रमोद कुमार भी मौजूद रहे। ब्यूरो
48 घंटे के अंदर एक करोड़ की एफडी दें और नौकरी की करें घोषणा
बरेली। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. केबी त्रिपाठी ने बृहस्पतिवार को कहा कि 48 घंटे के अंदर प्रशासन और शासन की ओर से बीएलओ सर्वेश कुमार गंगवार के बच्चों को एक करोड़ रुपये की एफडी दी जाए। उनके परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी की घोषणा की जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो कांग्रेस आंदोलन शुरू करेगी और आमरण अनशन करेंगे। जिला और महानगर कांग्रेस कमेटी की ओर से बृहस्पतिवार को सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा गया। कांग्रेसियों ने मांग की कि एसआईआर की अंतिम तिथि 4 दिसंबर को आगे बढ़ाया जाए। ज्ञापन से पहले धन्वंतरी तोमर चौराहा स्थित कांग्रेस कार्यालय पर जिलाध्यक्ष मिर्जा अशफाक सकलैनी ने कहा कि सत्ता पक्ष को छोड़कर सभी विपक्षी दल एसआईआर की अवधि बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। महानगर अध्यक्ष दिनेश दद्दा एडवोकेट, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेम प्रकाश अग्रवाल, कृष्णकांत शर्मा, जिला उपाध्यक्ष जिया उर रहमान, डॉ. हरीश गंगवार, इकबाल रजा, रमेश चंद श्रीवास्तव, तबरेज खान, जोया खान, मोबिन अंसारी सहित अन्य कांग्रेसजन मौजूद रहे। ब्यूरो