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Bareilly News: भैंस का इलाज कराने पहुंचा पशुपालक, डॉक्टर ने की सरकार की बुराई, हंगामा

Sun, 09 Jun 2024 05:32 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 09 Jun 2024 05:32 AM IST
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The doctor spoke ill of the government to the cattle rearer
शाही। पशुपालक भैंस का इलाज करने के लिए पशु चिकित्सालय पहुंचा तो वहां मौजूद डॉक्टर ने जरूरी सुविधाओं की कमी को लेकर सरकार की बुराई की। इससे वहां हंगामा हो गया। भाजपा के नगर पंचायत अध्यक्ष को जब इसकी जानकारी हुई तो दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत करा दिया। हालांकि पशुपालक डॉक्टर पर बाहर से दवा लिखने का आरोप लगाता रहा। वहीं, पशुपालक ने इससे इन्कार किया है।
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शनिवार को शाही थाना क्षेत्र के गांव चकरपुर उर्फ लमकन के रहने वाले सुखलाल मौर्य अपनी गाभिन भैंस का इलाज कराने के लिए शाही के पशु चिकित्सालय आए थे। पशु के इलाज के लिए पशुपालक ने कुछ चीजें मांगी। इस पर पशु चिकित्सा अधिकारी आग बबूला होकर भाजपा सरकार को कोसने लगे। इस पर किसान ने चिकित्सक से सरकार की आलोचना न करने की गुजारिश करते हुए भैंस का इलाज सही तरीके से करने के लिए कहा, तब पशु चिकित्सक ने पशुपालक को दवा का पर्चा लिखकर बाहर से दवा लाने के लिए कह दिया।
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बाहर से दवा लिखने का लगाया आरोप
पैसे नहीं होने से पशुपालक तो परेशान रहा, फिर उधार लेकर दवा ले आया। इसके बाद भी अस्पताल में पशुपालक की डॉक्टर से नोकझोंक होती रही। पशुपालक का आरोप था कि पशु चिकित्सक अस्पताल से दवा कम देते हैं। बाहर मेडिकल से दवा अधिकांश लिखते हैं। यही नहीं वह अपनी कार से भी निजी दवाई लेकर आते हैं। भाजपा के नगर पंचायत अध्यक्ष वीर पाल मौर्य और अन्य लोगों ने किसान व चिकित्सक को समझाकर शांत कराया।
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पशुपालक ने ही की अभद्रता: चिकित्सा अधिकारी
इस संबंध में पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिशंकर का कहना था कि उन्होंने अस्पताल में जरूरी संसाधन के लिए विभाग को पत्र लिखा है। इसमें सरकार को कोसने जैसी कोई बात उनके द्वारा नहीं कही गई है। किसान ने ही उनके साथ अभद्रता की है। किसान की भैंस को थनैला रोग था, जिसकी दवाएं अस्पताल में उपलब्ध नहीं थीं। इलाज करने के लिए मजबूरीवश मेडिकल से दवा लिखी गई थी। संवाद
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