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Bareilly News: मौत के शाॅर्टकट पर अफसरों की अनदेखी का पर्दा

Sun, 03 Sep 2023 02:13 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Sun, 03 Sep 2023 02:13 AM IST
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The curtain of ignorance of officers on the shortcut of death
बरेली। बरेली-मुरादाबाद हाईवे के 40 किलोमीटर हिस्से में बने अवैध कट मौत के शॉर्टकट बनते जा रहे हैं। समय बचाने के लिए कहीं पर सीमेंट के बेरिकेड खिसका कर रास्ता बनाया गया है तो कहीं पर डिवाइडर काटकर। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी इसकी निगरानी नहीं कर रहे हैं। इन अवैध कटों पर अनदेखी का पर्दा पड़ा है। अनुबंध के तहत हाईवे की देखरेख की जिम्मेदारी लेने वाली निजी संस्था को भी इसकी चिंता नहीं है।
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जिले के विभिन्न मार्गों पर जुलाई में 99 हादसे हुए हैं। इसमें 41 लोगों की जान जा चुकी है। 81 लोग घायल हुए हैं। सेवानिवृत अधिशासी अभियंता राजेंद्र आर्या का कहना है कि सड़क सुरक्षा के नियमों का ढिंढोरा पीट रहे अफसर अवैध कट खत्म कराएं तो हादसों की संख्या घटेगी।
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मुरादाबाद से बरेली के रजऊ तक 121 किलोमीटर हिस्सा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण मुरादाबाद के अधीन है। इसका करीब 40 किलोमीटर हिस्सा (इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी से मीरगंज तक) बरेली की सीमा में है। इसी हिस्से में खतरे के स्पॉट हैं। सड़क सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत होने वाली बैठकों में मुरादाबाद से एनएचएआई के अधिकारी आमतौर पर आते ही नहीं हैं। स्थानीय अधिकारी पत्र लिखकर कर्तव्य की इतिश्री कर लेते हैं। इस वजह से ब्लैक स्पॉट बरकरार हैं। एनएचएआई की सलाहकार एजेंसी ली-एसोसिएट साउथ एशिया कंपनी लिमिटेड के टीम लीडर यादवेंद्र सिंह का कहना है कि जिस निजी संस्था के पास इस मार्ग की जिम्मेदारी है, उसके अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। जहां हादसों का खतरा है, वहां सुरक्षा संबंधी काम कराएं। अगले हफ्ते रिपोर्ट ली जाएगी।
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कोट-
कहीं खतरे के स्पॉट हैं तो उन्हें खत्म कराने के लिए निजी फर्म से कहेंगे। अनुबंध के तहत वर्ष 2035 तक मार्ग की देखरेख की जिम्मेदारी निजी फर्म की ही है। -रोहित सिंह, मैनेजर टेक्निकल, एनएचएआई मुरादाबाद





ये हैं खतरे के स्पॉट
उनासी चौराहे पर बेरिकेड हटाकर रास्ता बनाया

उनासी चौराहा पर राजमार्ग के डिवाइडर का अधिकतर हिस्सा तोड़ दिया गया। एक दो हादसे हुए तो अफसरों की नींद टूटी। सीमेंट के बड़े-बड़े बेरिकेड लगाए गए, लेकिन जल्दबाजों ने बेरिकेड खिसकाकर अपने लिए रास्ता बना लिया। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों ने ऐसा इंतजाम करने की जहमत नहीं उठाई] जिससे सीमेंट व पत्थर के बेरिकेड खिसकाकर रास्ता बनाने की गुंजाइश खत्म हो जाए।

थानपुर में अवैध मार्ग बनाया
फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र के थानपुर गांव की बसावट हाइवे के किनारे है। गांव के सामने कोई अंडरपास नहीं है। फोरलेन हाईवे यहां आपस में जुड़ा नहीं है। करीब एक किलोमीटर हिस्से में आने जाने के मार्ग के बीच में तकरीबन 40-50 मीटर का अंतर है। हाइवे की दोनों सड़कों के बीच के अंतर के इस हिस्से को गांव के लोगों ने अपने लिए शार्टकट मार्ग बना लिया है। बीच में बाधा बन रहे सीमेंट के बेरिकेड खिसका दिए। रेलिंग को तोड़ दिया। इससे हादसे का खतरा रहता है।

हादसों के ये भी कारण
मीरगंज में सिधौली फ्लाईओवर के बाईं ओर सर्विस रोड के किनारे मकान बने हैं। मकान के चबूतरे और रैंप रोड की ओर हैं। सर्विस रोड पर चलने वाले लोग वाहन चलाते समय जरा भी चूके तो हादसा हो जाता है।
कचौली गांव के पास ग्रामीणों ने अवैध कट बना लिया है। एनएचएआई मुरादाबाद के जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की जबकि अवैध कट को बने हुए एक वर्ष से अधिक समय हो चुका है।

हाईवे पर वाहन चलाते वक्त लोगों को सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी देने के लिए सड़क के किनारे लगाए गए साइन बोर्ड धुंधले पड़ गए हैं। उनकी नियमित तौर पर साफ-सफाई नहीं कराई जाती।

हाईवे के किनारे क्रॉस बैरियर लगाए गए हैं। कई स्थानों पर टूट चुके हैं। मार्ग पर लगाए गए किलोमीटर स्टोन के आसपास झाड़ियां उग आई हैं।
बरेली-मुरादाबाद हाईवे पर कई स्थानों पर आने-जाने वाले मार्ग में फासला अधिक है। इस फासले के बीच से ही अवैध रास्ते बनाए हैं। मार्ग पर कई स्थानों पर अवैध कब्जे हैं।




जनता का दर्द
लोगों ने नाले को पाटकर रैंप बना ली। आए दिन जाम लगता है। आवागमन के दौरान हादसे का खतरा है। -संतोष शर्मा

स्थानीय अधिकारी खुद इस मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन समस्या पर ध्यान नहीं है। यह तो सरासर अनदेखी है। -रामेंद्र सिंह चौहान
अवैध कट खत्म किए जाएं। सड़क सुरक्षा के उपाय कराएं, तभी हादसों से बचा जा सकेगा। -जुल्फिकार इदरसी

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