{"_id":"63ffb2dda5576ca93806de44","slug":"the-contractors-besieged-the-municipal-commissioner-regarding-the-payment-bareilly-news-c-4-noi1138-80618-2023-03-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: भुगतान को लेकर ठेकेदारों ने नगर आयुक्त का किया घेराव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: भुगतान को लेकर ठेकेदारों ने नगर आयुक्त का किया घेराव
विज्ञापन
बरेली। भुगतान न करने और अभद्रता करने का आरोप लगाकर ठेकेदारों ने बुधवार शाम करीब पांच बजे नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स की गाड़ी मुख्य गेट पर रोककर नारेबाजी शुरू कर दी। करीब दो घंटे तक हाय-हाय के नारे लगाते रहे। ठेकेदारों के बुलाने पर निवर्तमान मेयर उमेश गौतम नगर निगम पहुंचे। उन्होंने नगर आयुक्त से भुगतान के संबंध में बात की और ठेकेदारों को आश्वासन दिया कि जल्द भुगतान करा दिया जाएगा। मगर ठेकेदार नहीं माने बाद में नगर आयुक्त से वार्ता के बाद मामला शांत हुआ।
ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि नगर निगम में उनकी फाइलें आगे नहीं बढ़ती है। ठेकेदार चक्कर काटते रहते हैं। जब हम बाबुओं या अधिकारियों से फाइल आगे बढ़ाने के लिए बार-बार कहते हैं, तो उनके साथ अभद्रता भी की जाती है। ऐसे में ठेकेदारों ने तय किया है कि वह काम नहीं करेंगे जब तक उनका पिछला पूरा भुगतान नहीं हो जाएगा। कहा कि नगर निगम के निर्माण विभाग के इंजीनियरों में आपसी तालमेल नहीं है और उसे भुगत ठेकेदार रहे हैं। हंगामे के दौरान नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स निर्माण विभाग के अफसरों और अपर नगर आयुक्त के साथ बैठक करती रही। इसी दौरान ठेकेदारों ने निवर्तमान मेयर उमेश गौतम को बुलाया। उन्होंने नगर आयुक्त से भुगतान करने की बात कही। उमेश गौतम ने बाहर आकर ठेकेदारों से कहा कि पंद्रह मार्च से बीस मार्च तक भुगतान करा दिया जाएगा। इसके बाद ठेकेदार इस बात पर अड़ गए कि यही बात नगर आयुक्त यह बात बाहर आकर कहें। इसके बाद उमेश गौतम फिर नगर आयुक्त से बात करने अंदर गए और फिर ठेकेदारों को समझा बुझाकर अंदर ले गए। यहां नगर आयुक्त से भुगतान का आश्वासन मिलने के बाद सभी वापस लौट गए। नगर आयुक्त ने ठेकेदारों की समस्याएं सुनी और कहा कि वित्तीय स्थिति के अनुसार सभी ठेकेदारों का भुगतान पंद्रह मार्च से बीस मार्च के बीच कर दिया जाएगा। हर ठेकेदार की एक फाइल का भुगतान जरूर किया जाएगा।
एक्सईएन पर आरोप लगाए तो नगर आयुक्त ने बुलवाया
नगर आयुक्त ने ठेकेदारों से बात करनी शुरू की तो ठेकेदारों ने एक्सईएन डीके शुक्ला पर फाइलें लटकाने का आरोप लगाना शुरू कर दिया। इस दौरान चीफ इंजीनियर बीके सिंह भी मौजूद थे। नगर आयुक्त ने चीफ इंजीनियर से कहा कि डीके शुक्ला को बुलाइए। डीके शुक्ला के आने के बाद ठेकेदारों ने कई आरोप लगाने शुरू कर दिए, अभद्रता करने का आरोप भी लगाया। नगर आयुक्त ने जवाब देने को कहा तो उन्हाेंने कह दिया कि मैं रोजाना फाइलें आगे बढ़ा रहा हूं। इस पर निवर्तमान मेयर उमेश गौतम ने एक्सईएन को अपना व्यवहार ठीक रखने को कहते हुए कहा कि काम करें या न करें वो अलग बात है, मगर व्यवहार ठीक रखें।
विज्ञापन
विज्ञापन
ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि नगर निगम में उनकी फाइलें आगे नहीं बढ़ती है। ठेकेदार चक्कर काटते रहते हैं। जब हम बाबुओं या अधिकारियों से फाइल आगे बढ़ाने के लिए बार-बार कहते हैं, तो उनके साथ अभद्रता भी की जाती है। ऐसे में ठेकेदारों ने तय किया है कि वह काम नहीं करेंगे जब तक उनका पिछला पूरा भुगतान नहीं हो जाएगा। कहा कि नगर निगम के निर्माण विभाग के इंजीनियरों में आपसी तालमेल नहीं है और उसे भुगत ठेकेदार रहे हैं। हंगामे के दौरान नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स निर्माण विभाग के अफसरों और अपर नगर आयुक्त के साथ बैठक करती रही। इसी दौरान ठेकेदारों ने निवर्तमान मेयर उमेश गौतम को बुलाया। उन्होंने नगर आयुक्त से भुगतान करने की बात कही। उमेश गौतम ने बाहर आकर ठेकेदारों से कहा कि पंद्रह मार्च से बीस मार्च तक भुगतान करा दिया जाएगा। इसके बाद ठेकेदार इस बात पर अड़ गए कि यही बात नगर आयुक्त यह बात बाहर आकर कहें। इसके बाद उमेश गौतम फिर नगर आयुक्त से बात करने अंदर गए और फिर ठेकेदारों को समझा बुझाकर अंदर ले गए। यहां नगर आयुक्त से भुगतान का आश्वासन मिलने के बाद सभी वापस लौट गए। नगर आयुक्त ने ठेकेदारों की समस्याएं सुनी और कहा कि वित्तीय स्थिति के अनुसार सभी ठेकेदारों का भुगतान पंद्रह मार्च से बीस मार्च के बीच कर दिया जाएगा। हर ठेकेदार की एक फाइल का भुगतान जरूर किया जाएगा।
विज्ञापन
एक्सईएन पर आरोप लगाए तो नगर आयुक्त ने बुलवाया
नगर आयुक्त ने ठेकेदारों से बात करनी शुरू की तो ठेकेदारों ने एक्सईएन डीके शुक्ला पर फाइलें लटकाने का आरोप लगाना शुरू कर दिया। इस दौरान चीफ इंजीनियर बीके सिंह भी मौजूद थे। नगर आयुक्त ने चीफ इंजीनियर से कहा कि डीके शुक्ला को बुलाइए। डीके शुक्ला के आने के बाद ठेकेदारों ने कई आरोप लगाने शुरू कर दिए, अभद्रता करने का आरोप भी लगाया। नगर आयुक्त ने जवाब देने को कहा तो उन्हाेंने कह दिया कि मैं रोजाना फाइलें आगे बढ़ा रहा हूं। इस पर निवर्तमान मेयर उमेश गौतम ने एक्सईएन को अपना व्यवहार ठीक रखने को कहते हुए कहा कि काम करें या न करें वो अलग बात है, मगर व्यवहार ठीक रखें।
विज्ञापन