फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   The bus kept picking up passengers while parked on the road, causing a long line of vehicles to pile up behind it.

Bareilly News: सड़क पर खड़ी बस सवारियां भरती रहीं, पीछे लग गया वाहनों का रेला

Sun, 06 Sep 2026 01:43 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 06 Sep 2026 01:43 AM IST
विज्ञापन
The bus kept picking up passengers while parked on the road, causing a long line of vehicles to pile up behind it.
बरेली। सेटेलाइट और पुराने रोडवेज बस अड्डे के बाहर सड़क पर बसें खड़ी कर सवारियां भरने का सिलसिला थम नहीं रहा है। बसें रुकती हैं, सवारियां बैठाती-उतारती हैं और उनके पीछे वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। देखते ही देखते पूरा इलाका जाम की चपेट में आ जाता है। जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण रोजाना हजारों लोगों को इस समस्या से जूझना पड़ रहा है।
विज्ञापन

दोपहर करीब एक बजे पुराने बस अड्डे के बाहर अलीगढ़ डिपो की बस सड़क पर खड़ी थी। उसमें सवारियां भरी जा रही थीं। इसके अलावा उत्तराखंड के विभिन्न जिलों के लिए जाने वाली बसें भी सड़क पर खड़ी थीं। बसों के रुकते ही पीछे निजी वाहनों और टेंपो की कतार लग गई। भीषण गर्मी में जाम में फंसे स्कूली बच्चे और अन्य यात्री परेशान दिखाई दिए। कई वाहन चालकों को कुछ दूरी तय करने में ही काफी समय लग गया। वहां से गुजर रहे चौपुला रोड निवासी घनश्याम गंगवार ने बताया कि यह रोज की पीड़ा है। इससे निजात नहीं मिल पा रही है।
विज्ञापन

सेटेलाइट बस अड्डे के बाहर अपराह्न 1:30 बजे रुहेलखंड डिपो की बस बरेली से लखनऊ जाने के लिए सड़क पर खड़ी मिली। बरेली डिपो की बस शाहजहांपुर, बढ़नी-कृष्णानगर और लखनऊ जाने के लिए सवारियां भर रही थी। शाहजहांपुर डिपो की बस हरदोई जाने वाली सवारियों का इंतजार करती नजर आई। बसों के सड़क पर खड़ी होने से पीछे वाहनों की कतार बढ़ती गई, लेकिन बस चालकों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

ठेले व ऑटो स्टैंड ने बिगाड़ी व्यवस्था
पुराने व सेटेलाइट बस अड्डे के आसपास सड़क किनारे खड़े ठेले और ऑटो भी जाम की समस्या बढ़ा रहे हैं। ये सड़क का काफी हिस्सा घेर लेते हैं। जब बस खड़ी होती है तो आधी से ज्यादा सड़क बाधित हो जाती है। यातायात पुलिस अगर नियमित अभियान चलाकर इन पर कार्रवाई करे तो जाम की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।

वर्जन
इज्जतनगर में नया बस अड्डा और वर्कशॉप बनाया जा रहा है। करीब 550 बसों की क्षमता वाला नया बस अड्डा तैयार होने के बाद पुराने और सेटेलाइट बस अड्डे का लोड काफी कम हो जाएगा। सेटेलाइट बस अड्डे को भी पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा। - एके वाजपेयी, एआरएम, रुहेलखंड डिपो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed