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कथक की ताल पर गूंजती रहीं दर्शकों की तालियां
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रिधिमा में कथक नृत्य की प्रस्तुति देते लखनऊ घराने के कलाकार।
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एसआरएमएस रिद्धिमा में शास्त्रीय नृत्य के कलाकारों बांधा समां
बरेली। एसआरएमएस रिद्धिमा के उमंग कार्यक्रम में संगीतमयी शास्त्रीय नृत्य की शाम सजाई गई। इसमें लखनऊ घराने के कलाकारों ने अपनी पेशकश से समां बांध दिया। खास कर कथक नृत्य की एक-एक ताल पर दर्शकों ने बार बार तालियां बजा कर फनकारों को दाद दी। गुरु शिष्य की जुगलबंदी नृत्य ने तो लोगों के मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत रिद्धिमा के विद्यार्थियों ने राग यमन पर आधारित गणपति वंदना पर नृत्य पेश कर की। इसके बाद राग रूपक और शृंगार रस पर आधारित ठुमरी ‘निर्तत ढंग’ पर विद्यार्थियों ने नृत्य पेश कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। इस संगतमयी शाम में अगली शानदार प्रस्तुति तराना की रही। इसके बाद गुरुओं अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए भगवान शिव के अर्धनारीश्वर रूप को कथक के माध्यम से पेश किया। इसमें गुरु देव ज्योति नक्सर और रियाश्री चटर्जी ने रूपक ताल पर प्रस्तुति देते हुए दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
इस दौरान मोमिन खां मोमिन की गजल पर भी गुरु और शिष्या ने शानदार प्रस्तुति दी। फिर तराना पेश किया। इसके अलावा शिवांगी मिश्रा और शिवाशीष मिश्रा ने गणपति वंदना और गजल पेश की। इस मौके पर एसआरएमएस ट्रस्ट के चेयरमैन देव मूर्ति, आशा मूर्ति, ऋचा मूर्ति और शहर के संभ्रांत लोग मौजूद रहे।
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बरेली। एसआरएमएस रिद्धिमा के उमंग कार्यक्रम में संगीतमयी शास्त्रीय नृत्य की शाम सजाई गई। इसमें लखनऊ घराने के कलाकारों ने अपनी पेशकश से समां बांध दिया। खास कर कथक नृत्य की एक-एक ताल पर दर्शकों ने बार बार तालियां बजा कर फनकारों को दाद दी। गुरु शिष्य की जुगलबंदी नृत्य ने तो लोगों के मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत रिद्धिमा के विद्यार्थियों ने राग यमन पर आधारित गणपति वंदना पर नृत्य पेश कर की। इसके बाद राग रूपक और शृंगार रस पर आधारित ठुमरी ‘निर्तत ढंग’ पर विद्यार्थियों ने नृत्य पेश कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। इस संगतमयी शाम में अगली शानदार प्रस्तुति तराना की रही। इसके बाद गुरुओं अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए भगवान शिव के अर्धनारीश्वर रूप को कथक के माध्यम से पेश किया। इसमें गुरु देव ज्योति नक्सर और रियाश्री चटर्जी ने रूपक ताल पर प्रस्तुति देते हुए दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
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इस दौरान मोमिन खां मोमिन की गजल पर भी गुरु और शिष्या ने शानदार प्रस्तुति दी। फिर तराना पेश किया। इसके अलावा शिवांगी मिश्रा और शिवाशीष मिश्रा ने गणपति वंदना और गजल पेश की। इस मौके पर एसआरएमएस ट्रस्ट के चेयरमैन देव मूर्ति, आशा मूर्ति, ऋचा मूर्ति और शहर के संभ्रांत लोग मौजूद रहे।
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