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Bareilly News: ठगी के आरोपी पैंतरेबाजी में भी माहिर, न्याय के लिए भटक रहे पीड़ित
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बरेली। फाइनेंस और नेटवर्किंग कंपनियों के मालिक निवेशकों की गाढ़ी कमाई लेकर चंपत हो गए हैं। शहर व आसपास के जिलों के चर्चित मामलों में पुलिस ने इनके खिलाफ मामले दर्ज किए। आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट के जरिये जेल भी भेजा गया। फिलहाल, आरके गोला जैसे कई मालिकान जमानत पर छूटकर दूसरे शहरों में मौज काट रहे हैं, जबकि कुछ आरोपी पुलिस की पकड़ में ही नहीं आ रहे हैं।
पुलिस ने भीड़ से बचाया, अब हाथ नहीं आ रहे मौर्य बंधु
भाजपा नेता रहे सूर्यकांत मौर्य और उसके भाई शशिकांत मौर्य ने बदायूं में अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड नाम से कंपनी खोलकर निवेशकों को अरबों रुपये का चूना लगा दिया। जब निवेशकों ने रुपये लौटाने का दबाव बनाया तो दोनों भाई टालमटोल करने लगे। निवेशकों ने घर पर धावा बोला तो पुलिस ने बरेली स्थित घर से दोनों को परिवार सहित सुरक्षित निकाल लिया। इसके बाद से दोनों भाई भूमिगत हो गए हैं। बदायूं एसएसपी ने उन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। वहां की एसआईटी दोनों की तलाश कर रही है। पुलिस दोनों भाइयों पर शिकंजा कसने के लिए गैंगस्टर और संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई कर सकती है। फिलहाल, निवेशकों को कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है। दोनों भाइयों ने उनकी रकम को पहले ही ठिकाने लगा दिया है और दूसरे शहरों में रिश्तेदारों के नाम से संपत्ति बना ली है। ऐसे में एसआईटी के सामने दोनों भाइयों की संपत्ति चिह्नित करने में भी चुनौती पेश आ रही है।
जेल से बाहर आया गोला, पर पुलिस नहीं खोज सकी संपत्ति
वर्ष 2023 में आईसीएल के निवेशकों ने पीटकर कंपनी मालिक आरके गोला और उसके गुर्गे जितेंद्र गुप्ता को प्रेमनगर पुलिस के हवाले कर दिया था। इसके बाद गठित एसआईटी ने भी आरके गोला के दो गुर्गों को जेल भेजा था, लेकिन दर्जन भर मुकदमे दर्ज होने के बाद भी आरके गोला के भाई अवधेश गोला को नहीं पकड़ा जा सका। अवधेश गोला को पुलिस ने छूट दे दी। इसका नतीजा यह रहा कि अवधेश गोला ने हाईकोर्ट तक पैरवी कर आरके गोला को छुड़वा लिया। पिछली साल आरके गोला के गिरोह पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी, लेकिन अभी तक उसकी एक भी संपत्ति जब्त या चिह्नित नहीं की जा सकी है।
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राजेश की संपत्ति नहीं तलाश सके जिम्मेदार
वर्ष 2018 में गिरफ्तार हुआ राजेश मौर्य भी सैकड़ों निवेशको को करीब तीन सौ करोड़ रुपये का चूना लगा चुका है। राजेश मौर्य पर भी दर्जनों मुकदमे दर्ज हुए, लेकिन उसके द्वारा हड़पी गई रकम निवेशकों को वापस नहीं मिल सकी। सूत्रों के मुताबिक, जेल रोड पर राजेश मौर्य की कंपनी की जमीन बताई जा रही है, लेकिन इसके बारे में पुलिस व तहसील की टीम ने छानबीन तक नहीं की।
फर्जी डिग्री बांटने वाला शेर अली भी आजाद, संपत्ति भी नहीं हुई जब्त
फर्जी डिग्री बांटकर छात्रों से करोड़ों रुपये डकारने का आरोपी शेर अली जाफरी भी कैद से आजाद हो गया है। शेर अली जाफरी और उसके गुर्गों पर सीबीगंज पुलिस ने इस साल जनवरी में गैंगस्टर लगाया था। शेर अली, उसके बेटे फिरोज अली जाफरी और गुर्गे जाकिर अली की जमानत मंजूर हो गई है। गैंगस्टर लगने के बाद शेर अली जाफरी की संपत्ति जब्त की जानी थी। सीबीगंज थाने में दर्ज हुआ गैंगस्टर का मुकदमा काफी समय से सुभाषनगर थाना प्रभारी के यहां विवेचनाधीन है, लेकिन शेर अली जाफरी की संपत्ति चिह्नित तक नहीं की जा सकी है। शेर अली की कई जिलों में संपत्ति है। बताया जा रहा है कि शेर अली जाफरी ने संपत्ति बचाने के लिए सेटिंग कर ली है। उसने जेल से छूटने के बाद अपने कॉलेज में आधी फीस लेकर दाखिला देने का विज्ञापन जारी किया था। इस पर छात्रों ने शेर अली जाफरी को धोखेबाज बताया था। छात्रों ने दूसरे छात्रों को भी आगाह किया था। ब्यूरो
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जिन लोगों के खिलाफ जनता की कमाई हड़पने के मुकदमे दर्ज हुए, उनकी गिरफ्तारी के साथ ही चार्जशीट भी लगाई गई है। गैंगस्टर एक्ट की धारा 14 (1) के तहत संपत्ति जब्तीकरण, कुर्की आदि की कार्रवाई भी लगातार की जाती है। पुलिस के स्तर पर कोई लापरवाही नहीं बरती जा रही है। - मानुष पारीक, एसपी सिटी
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पुलिस ने भीड़ से बचाया, अब हाथ नहीं आ रहे मौर्य बंधु
भाजपा नेता रहे सूर्यकांत मौर्य और उसके भाई शशिकांत मौर्य ने बदायूं में अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड नाम से कंपनी खोलकर निवेशकों को अरबों रुपये का चूना लगा दिया। जब निवेशकों ने रुपये लौटाने का दबाव बनाया तो दोनों भाई टालमटोल करने लगे। निवेशकों ने घर पर धावा बोला तो पुलिस ने बरेली स्थित घर से दोनों को परिवार सहित सुरक्षित निकाल लिया। इसके बाद से दोनों भाई भूमिगत हो गए हैं। बदायूं एसएसपी ने उन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। वहां की एसआईटी दोनों की तलाश कर रही है। पुलिस दोनों भाइयों पर शिकंजा कसने के लिए गैंगस्टर और संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई कर सकती है। फिलहाल, निवेशकों को कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है। दोनों भाइयों ने उनकी रकम को पहले ही ठिकाने लगा दिया है और दूसरे शहरों में रिश्तेदारों के नाम से संपत्ति बना ली है। ऐसे में एसआईटी के सामने दोनों भाइयों की संपत्ति चिह्नित करने में भी चुनौती पेश आ रही है।
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जेल से बाहर आया गोला, पर पुलिस नहीं खोज सकी संपत्ति
वर्ष 2023 में आईसीएल के निवेशकों ने पीटकर कंपनी मालिक आरके गोला और उसके गुर्गे जितेंद्र गुप्ता को प्रेमनगर पुलिस के हवाले कर दिया था। इसके बाद गठित एसआईटी ने भी आरके गोला के दो गुर्गों को जेल भेजा था, लेकिन दर्जन भर मुकदमे दर्ज होने के बाद भी आरके गोला के भाई अवधेश गोला को नहीं पकड़ा जा सका। अवधेश गोला को पुलिस ने छूट दे दी। इसका नतीजा यह रहा कि अवधेश गोला ने हाईकोर्ट तक पैरवी कर आरके गोला को छुड़वा लिया। पिछली साल आरके गोला के गिरोह पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी, लेकिन अभी तक उसकी एक भी संपत्ति जब्त या चिह्नित नहीं की जा सकी है।
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राजेश की संपत्ति नहीं तलाश सके जिम्मेदार
वर्ष 2018 में गिरफ्तार हुआ राजेश मौर्य भी सैकड़ों निवेशको को करीब तीन सौ करोड़ रुपये का चूना लगा चुका है। राजेश मौर्य पर भी दर्जनों मुकदमे दर्ज हुए, लेकिन उसके द्वारा हड़पी गई रकम निवेशकों को वापस नहीं मिल सकी। सूत्रों के मुताबिक, जेल रोड पर राजेश मौर्य की कंपनी की जमीन बताई जा रही है, लेकिन इसके बारे में पुलिस व तहसील की टीम ने छानबीन तक नहीं की।
फर्जी डिग्री बांटने वाला शेर अली भी आजाद, संपत्ति भी नहीं हुई जब्त
फर्जी डिग्री बांटकर छात्रों से करोड़ों रुपये डकारने का आरोपी शेर अली जाफरी भी कैद से आजाद हो गया है। शेर अली जाफरी और उसके गुर्गों पर सीबीगंज पुलिस ने इस साल जनवरी में गैंगस्टर लगाया था। शेर अली, उसके बेटे फिरोज अली जाफरी और गुर्गे जाकिर अली की जमानत मंजूर हो गई है। गैंगस्टर लगने के बाद शेर अली जाफरी की संपत्ति जब्त की जानी थी। सीबीगंज थाने में दर्ज हुआ गैंगस्टर का मुकदमा काफी समय से सुभाषनगर थाना प्रभारी के यहां विवेचनाधीन है, लेकिन शेर अली जाफरी की संपत्ति चिह्नित तक नहीं की जा सकी है। शेर अली की कई जिलों में संपत्ति है। बताया जा रहा है कि शेर अली जाफरी ने संपत्ति बचाने के लिए सेटिंग कर ली है। उसने जेल से छूटने के बाद अपने कॉलेज में आधी फीस लेकर दाखिला देने का विज्ञापन जारी किया था। इस पर छात्रों ने शेर अली जाफरी को धोखेबाज बताया था। छात्रों ने दूसरे छात्रों को भी आगाह किया था। ब्यूरो
जिन लोगों के खिलाफ जनता की कमाई हड़पने के मुकदमे दर्ज हुए, उनकी गिरफ्तारी के साथ ही चार्जशीट भी लगाई गई है। गैंगस्टर एक्ट की धारा 14 (1) के तहत संपत्ति जब्तीकरण, कुर्की आदि की कार्रवाई भी लगातार की जाती है। पुलिस के स्तर पर कोई लापरवाही नहीं बरती जा रही है। - मानुष पारीक, एसपी सिटी