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Bareilly News: पारे संग गरमाया एसी-कूलर का बाजार
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पारा 40 डिग्री के पार पहुंचते ही शहर के इलेक्ट्रॉनिक बाजार में भी गर्माहट आ गई। एयर कंडीशनर (एसी) और डेजर्ट कूलर की मांग बढ़ गई है। जीएसटी दर घटने से सस्ते हुए एसी तांबे की कीमतों में उछाल की वजह से फिर महंगे हो गए हैं।
कारोबारियों के अनुसार, पिछले साल सितंबर में जीएसटी दरों में कटौती के बाद एसी की कीमतों में गिरावट आई थी। इससे बिक्री को रफ्तार मिली थी। अब अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों ने बाजार का गणित बदल दिया है। पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालात के कारण तांबे की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इससे इसकी कीमतों में उछाल आया है। एसी के कंप्रेसर और पाइपिंग में तांबे का इस्तेमाल होता है। लागत बढ़ने का असर उत्पाद की कीमत पर भी पड़ा है।
कारोबारी नीरज अरोरा के मुताबिक, एसी के नए स्टॉक की एमआरपी दो से तीन हजार रुपये ज्यादा है। युद्ध का रुख अभी साफ नहीं हो सका है। लिहाजा, मांग और आपूर्ति के इस असंतुलन का असर आने वाले दिनों में भी दिख सकता है। अगर तांबे के दाम इसी तरह बढ़ते रहे तो एसी की कीमतों में और इजाफा हो सकता है।
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एग्जॉस्ट और डेजर्ट कूलर की सर्वाधिक मांग
पुराना रोडवेज, साहूकारा, चौपुला, मिनी बाइपास, सुभाषनगर, पीलीभीत बाइपास और सौ फुटा स्थित इलेक्ट्रॉनिक बाजार में कूलर की भी अच्छी मांग है। इनमें भी ब्रांडेड डेजर्ट और एग्जॉस्ट कूलर की सर्वाधिक बिक्री हो रही है। इनकी कीमत पांच हजार से 15 हजार रुपये तक है। बीटीएस 5000 रेंज के छोटे एसी भी बाजार में उपलब्ध हैं। ये कमरे को कूलर से ज्यादा ठंडा करते हैं।
पिछले साल के सापेक्ष गर्मी ने देर से दी दस्तक
बरेली इलेट्रिकल कांट्रैक्टर मर्चेंट वेलफेयर एसोसिएशन के संरक्षक संजीव चांदना के मुताबिक, पिछले वर्ष के सापेक्ष इस वर्ष गर्मी ने देर से दस्तक दी है। 10 अप्रैल के बाद गर्मी का असर दिखने लगा। सप्ताह भर बाद बाजार में ग्राहकों की आवाजाही तेज हुई। अब बाजार ने गति पकड़ ली है। फिर भी पिछले साल के सापेक्ष इस साल करीब 20 फीसदी ज्यादा कारोबार होने का अनुमान है।
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कारोबारियों के अनुसार, पिछले साल सितंबर में जीएसटी दरों में कटौती के बाद एसी की कीमतों में गिरावट आई थी। इससे बिक्री को रफ्तार मिली थी। अब अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों ने बाजार का गणित बदल दिया है। पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालात के कारण तांबे की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इससे इसकी कीमतों में उछाल आया है। एसी के कंप्रेसर और पाइपिंग में तांबे का इस्तेमाल होता है। लागत बढ़ने का असर उत्पाद की कीमत पर भी पड़ा है।
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कारोबारी नीरज अरोरा के मुताबिक, एसी के नए स्टॉक की एमआरपी दो से तीन हजार रुपये ज्यादा है। युद्ध का रुख अभी साफ नहीं हो सका है। लिहाजा, मांग और आपूर्ति के इस असंतुलन का असर आने वाले दिनों में भी दिख सकता है। अगर तांबे के दाम इसी तरह बढ़ते रहे तो एसी की कीमतों में और इजाफा हो सकता है।
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एग्जॉस्ट और डेजर्ट कूलर की सर्वाधिक मांग
पुराना रोडवेज, साहूकारा, चौपुला, मिनी बाइपास, सुभाषनगर, पीलीभीत बाइपास और सौ फुटा स्थित इलेक्ट्रॉनिक बाजार में कूलर की भी अच्छी मांग है। इनमें भी ब्रांडेड डेजर्ट और एग्जॉस्ट कूलर की सर्वाधिक बिक्री हो रही है। इनकी कीमत पांच हजार से 15 हजार रुपये तक है। बीटीएस 5000 रेंज के छोटे एसी भी बाजार में उपलब्ध हैं। ये कमरे को कूलर से ज्यादा ठंडा करते हैं।
पिछले साल के सापेक्ष गर्मी ने देर से दी दस्तक
बरेली इलेट्रिकल कांट्रैक्टर मर्चेंट वेलफेयर एसोसिएशन के संरक्षक संजीव चांदना के मुताबिक, पिछले वर्ष के सापेक्ष इस वर्ष गर्मी ने देर से दस्तक दी है। 10 अप्रैल के बाद गर्मी का असर दिखने लगा। सप्ताह भर बाद बाजार में ग्राहकों की आवाजाही तेज हुई। अब बाजार ने गति पकड़ ली है। फिर भी पिछले साल के सापेक्ष इस साल करीब 20 फीसदी ज्यादा कारोबार होने का अनुमान है।