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टेली मनोचिकित्सा से होगी मानसिक रोगियों की काउंसलिंग
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प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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एम्स के मनोरोग विभाग ने जारी किए निर्देश, दो-दो जूनियर सीनियर करेंगे मरीजों की काउंसलिंग
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बरेली। महामारी बन चुके कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए पूरा देश में लॉकडाउन है। मनोरोगियों को नियमित अंतराल पर परामर्श लेने में भी काफी दिक्कत हो रही है। ओपीडी में जरूरत से ज्यादा मरीजों के पहुंचने से सामाजिक दूरी का भी पालन नहीं हो पा रहा है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए अब एम्स ने टेली मनोचिकित्सा की सुविधा शुरू की है। जिसके जरिए कॉल, मैसेज, वाट्सएप, ईमेल से मनोरोगियों को परामर्श दिया जाएगा।
लॉकडाउन के चलते मनोरोगियों को अस्पताल पहुंचने समेत दवा खरीदने में भी काफी दिक्कत हो रही है। ऐसे में टेली मनोचिकित्सा के जरिए मनोचिकित्सक रोगियों को कोरोना के संक्रमण से बचाकर फोन पर मूल्यांकन कर परामर्श प्रदान कर सकेंगे। इसमें ऐसे रोगी, जिनका मनोरोग विभाग द्वारा पहले से ही इलाज किया जा रहा है, जो भर्ती हैं या जिन्हें फॉलोअप करना हो और नए रोगी जिन्हें इलाज की जरूरत है.. सभी इसका लाभ ले सकेंगे।
लॉकडाउन के चलते मनोरोगियों को अस्पताल पहुंचने समेत दवा खरीदने में भी काफी दिक्कत हो रही है। ऐसे में टेली मनोचिकित्सा के जरिए मनोचिकित्सक रोगियों को कोरोना के संक्रमण से बचाकर फोन पर मूल्यांकन कर परामर्श प्रदान कर सकेंगे। इसमें ऐसे रोगी, जिनका मनोरोग विभाग द्वारा पहले से ही इलाज किया जा रहा है, जो भर्ती हैं या जिन्हें फॉलोअप करना हो और नए रोगी जिन्हें इलाज की जरूरत है.. सभी इसका लाभ ले सकेंगे।
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हेल्पलाइन नंबर से कर सकते हैं संपर्क
सरकारी टेलीमेडिसिन प्रैक्टिस गाइडलाइन के अनुसार दिए नंबर 9999625860 पर मरीजों को मेसेज भेजकर चिकित्सकीय सेवा लेना होगा। इसमें उनका नाम, एप्वाइंटमेंट की तारीख और यूएचआई़डी नंबर देना अनिवार्य होगा। इसके बाद चिकित्सक ऑडियो या वीडियो कॉल द्वारा पंजीकृत या अन्य मरीजों को परामर्श देंगे। चिकित्सक दवाएं लेने और अन्य परामर्श डिजीटल पर्ची वाट्सएप के माध्यम से मरीजों को भेजेंगे।
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