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Bareilly News: करोल बाग में तेज रफ्तार बस पलटी, शाही निवासी युवक समेत दो की मौत, 23 यात्री घायल
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नई दिल्ली/शाही। दिल्ली के करोल बाग इलाके में हनुमान मंदिर के पास मंगलवार रात करीब एक बजे जयपुर से आ रही एक तेज रफ्तार स्लीपर बस पलट गई। हादसे में गांव कनूनगला निवासी मजदूर मजदूर महेश (21) समेत दो यात्रियों की मौत हो गई। महेश के बड़े भाई मुकेश (30) और साथी प्रदीप समेत 23 यात्री घायल हो गए। घायलों को दिल्ली के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। पोस्टमॉर्टम के बाद बुधवार को महेश का शव गांव में लाया गया, तब अंत्येष्टि की गई।
मध्य जिला पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि हादसा मंगलवार रात करीब एक बजे हनुमान मंदिर के पास एक गोलचक्कर पर तेज रफ्तार से मुड़ने के दौरान बस पलटने से हुआ। बस में 30 यात्री सवार थे। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पास में तैनात पुलिसकर्मी और पिकेट स्टाफ मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, तेज धमाके की आवाज और धूल-धुएं का गुबार उठता देखकर हम मौके पर पहुंचे। वहां देखा कि बस पलटी हुई थी और अंदर फंसे लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे।
पुलिस ने पास से गुजर रही एक जेसीबी मशीन को रोका। उसकी मदद से बस को उठाया, जिससे अंदर फंसे यात्रियों तक पहुंच बन सकी। बस को स्थिर रखने के लिए उसके नीचे पत्थर और सीमेंट ब्लॉक लगाए गए। स्थानीय लोगों ने भी बचाव कार्य में सहयोग किया।
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प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उन्होंने पत्थर से बस की खिड़कियां तोड़ीं और यात्रियों को बाहर निकालने के लिए सीटों और कपड़ों का इस्तेमाल कर किनारों को सुरक्षित बनाया। बाद में दमकल विभाग और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। विशेष उपकरणों की मदद से बस के पिछले हिस्से को काटकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला गया।
महेश के अलावा दूसरा मृतक बिजनौर निवासी :
पुलिस ने बताया कि 23 घायलों को सुरक्षित निकाल लिया गया। घायलों को एंबुलेंस से राम मनोहर लोहिया अस्पताल, सर गंगा राम अस्पताल और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। 12 घायलों को राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने महेश और बिजनौर निवासी शाहबाज आलम (30) को मृत घोषित कर दिया।
बस चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज :
महेश के भाई मुकेश ने आरोप लगाया कि चालक तेज रफ्तार से बस चला रहा था। यात्रियों के बार-बार कहने के बावजूद उसने गति कम नहीं की। हालांकि, पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर चालक के नशे में होने से इन्कार किया है। पुलिस ने बताया कि बस में आपातकालीन निकास था, लेकिन दरवाजे जाम थे। वाहन की यांत्रिक जांच कराई जाएगी ताकि तकनीकी खामी का पता लगाया जा सके। राजस्थान के अलवर निवासी बस चालक पंकज कुमार (26) के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। उसको हिरासत में ले लिया गया। हांलाकि घायल होने की वजह से वह अस्पताल में भर्ती है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के बाद स्थानीय लोग, दुकानदार और राहगीर बिना हिचकिचाहट के बचाव कार्य में जुट गए, जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकी।
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सबसे छोटे थे महेश, 19 अप्रैल को होनी थी शादी
परिजनों ने बताया कि महेश की शादी 19 अप्रैल को होनी तय थी। महेश होली पर भी घर पर नहीं आए थे। शादी के लिए सामान की खरीदारी करने के लिए मंगलवार रात लौट रहे थे। महेश, दो भाइयों और एक बहन में सबसे छोटे थे। घर में शादी की तैयारियां अंतिम दौर में थीं। परिजन खुशियां मना रहे थे। मौत की सूचना मिलते ही घर में मातम छा गया। ग्राम प्रधान अशोक कुमार गंगवार समेत अन्य ग्रामीणों ने घर जाकर महेश के परिजनों को ढांढस बंधाया। महेश की मां रो-रोकर बेसुध हैं। अन्य परिजन भी बेहाल हैं।
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मैया इंतजार कर रही, बेटा सुबह आएगा
परिनजनों ने बताया कि महेश की मौत की सूचना रात 2:00 बजे मिली। परिजन मौके के लिए रवाना हो गए। पोस्टमॉर्टम के बाद बुधवार को महेश का शव गांव लाया गया। महेश की मां की आंखों में आंसू आ गए। वह कह रही थीं, मैया इंतजार कर रही, बेटा सुबह आएगा। भाई मुकेश ने बताया कि बस चालक से कई बार धीरे चलाने को कहा लेकिन वह नहीं माना। रात 11:30 बजे एक ढाबे पर एक घंटे बस रोकी। मुकेश ने दावा किया कि चालक नशे में था। उन्होंने बताया कि बस के दरवाजे जाम हो गए थे। मुकेश के कपड़ों पर खून के धब्बे दुर्घटना की भयावहता की गवाही दे रहे थे।
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मध्य जिला पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि हादसा मंगलवार रात करीब एक बजे हनुमान मंदिर के पास एक गोलचक्कर पर तेज रफ्तार से मुड़ने के दौरान बस पलटने से हुआ। बस में 30 यात्री सवार थे। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पास में तैनात पुलिसकर्मी और पिकेट स्टाफ मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, तेज धमाके की आवाज और धूल-धुएं का गुबार उठता देखकर हम मौके पर पहुंचे। वहां देखा कि बस पलटी हुई थी और अंदर फंसे लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे।
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पुलिस ने पास से गुजर रही एक जेसीबी मशीन को रोका। उसकी मदद से बस को उठाया, जिससे अंदर फंसे यात्रियों तक पहुंच बन सकी। बस को स्थिर रखने के लिए उसके नीचे पत्थर और सीमेंट ब्लॉक लगाए गए। स्थानीय लोगों ने भी बचाव कार्य में सहयोग किया।
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प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उन्होंने पत्थर से बस की खिड़कियां तोड़ीं और यात्रियों को बाहर निकालने के लिए सीटों और कपड़ों का इस्तेमाल कर किनारों को सुरक्षित बनाया। बाद में दमकल विभाग और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। विशेष उपकरणों की मदद से बस के पिछले हिस्से को काटकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला गया।
महेश के अलावा दूसरा मृतक बिजनौर निवासी :
पुलिस ने बताया कि 23 घायलों को सुरक्षित निकाल लिया गया। घायलों को एंबुलेंस से राम मनोहर लोहिया अस्पताल, सर गंगा राम अस्पताल और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। 12 घायलों को राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने महेश और बिजनौर निवासी शाहबाज आलम (30) को मृत घोषित कर दिया।
बस चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज :
महेश के भाई मुकेश ने आरोप लगाया कि चालक तेज रफ्तार से बस चला रहा था। यात्रियों के बार-बार कहने के बावजूद उसने गति कम नहीं की। हालांकि, पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर चालक के नशे में होने से इन्कार किया है। पुलिस ने बताया कि बस में आपातकालीन निकास था, लेकिन दरवाजे जाम थे। वाहन की यांत्रिक जांच कराई जाएगी ताकि तकनीकी खामी का पता लगाया जा सके। राजस्थान के अलवर निवासी बस चालक पंकज कुमार (26) के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। उसको हिरासत में ले लिया गया। हांलाकि घायल होने की वजह से वह अस्पताल में भर्ती है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के बाद स्थानीय लोग, दुकानदार और राहगीर बिना हिचकिचाहट के बचाव कार्य में जुट गए, जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकी।
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सबसे छोटे थे महेश, 19 अप्रैल को होनी थी शादी
परिजनों ने बताया कि महेश की शादी 19 अप्रैल को होनी तय थी। महेश होली पर भी घर पर नहीं आए थे। शादी के लिए सामान की खरीदारी करने के लिए मंगलवार रात लौट रहे थे। महेश, दो भाइयों और एक बहन में सबसे छोटे थे। घर में शादी की तैयारियां अंतिम दौर में थीं। परिजन खुशियां मना रहे थे। मौत की सूचना मिलते ही घर में मातम छा गया। ग्राम प्रधान अशोक कुमार गंगवार समेत अन्य ग्रामीणों ने घर जाकर महेश के परिजनों को ढांढस बंधाया। महेश की मां रो-रोकर बेसुध हैं। अन्य परिजन भी बेहाल हैं।
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मैया इंतजार कर रही, बेटा सुबह आएगा
परिनजनों ने बताया कि महेश की मौत की सूचना रात 2:00 बजे मिली। परिजन मौके के लिए रवाना हो गए। पोस्टमॉर्टम के बाद बुधवार को महेश का शव गांव लाया गया। महेश की मां की आंखों में आंसू आ गए। वह कह रही थीं, मैया इंतजार कर रही, बेटा सुबह आएगा। भाई मुकेश ने बताया कि बस चालक से कई बार धीरे चलाने को कहा लेकिन वह नहीं माना। रात 11:30 बजे एक ढाबे पर एक घंटे बस रोकी। मुकेश ने दावा किया कि चालक नशे में था। उन्होंने बताया कि बस के दरवाजे जाम हो गए थे। मुकेश के कपड़ों पर खून के धब्बे दुर्घटना की भयावहता की गवाही दे रहे थे।