{"_id":"5fa848038ebc3e9b8d708662","slug":"teen-talaak-bareilly-news-bly426311851","type":"story","status":"publish","title_hn":"शादीशुदा जिंदगी की कहानी खत्म.. इंसाफ की लड़ाई शुरू करूंगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शादीशुदा जिंदगी की कहानी खत्म.. इंसाफ की लड़ाई शुरू करूंगी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। हेलो.. हेलो.. तुम मेरे साथ ऐसा क्यों कर रहे हो.. ये तुमने क्या भेजा है.. अब तो कोई ऐसी बात भी नहीं हैं फिर ये क्यूं..। गिड़गिड़ाती सिमरन के सवालों का जवाब देने के बजाय दूसरी तरफ से आवाज आई.. सिमरन मैने तुझे तलाक दिया.. तलाक दिया.. तलाक दिया। शौहर से रहम की उम्मीद कर रही सिमरन की शादीशुदा जिंदगी की कहानी यहीं खत्म हो गई लेकिन अब उसने इंसाफ की लड़ाई की शुरुआत की है।
सिमरन ने शौहर को टूटे मन से उम्मीद की एक आखिरी आस में की गई इस कॉल की रिकार्डिंग रविवार को मेरा हक फाउंडेशन के कार्यालय पर मीडिया के लोगों को सुनाई। उसने बताया कि तीन साल पहले गुलाबनगर के शहजाद से उसकी शादी हुई थी। कुछ समय बाद ही शहजाद मायके से पैसे लाने की मांग करने लगा। उसने मजबूरी जताई तो मारपीट का दौर शुरू हो गया जिसमें उसके ससुराल वाले भी शामिल आमादा हो गए। एक सच्चाई यह भी थी कि शहजाद किसी और लड़की से शादी करना चाहता था।
सिमरन ने बताया कि शहजाद और ससुराल वालों ने एक दिन उसके हाथ की नस काटने की कोशिश की। उसने फोन किया तो उसके पिता आकर उसे ले गए। तीन दिन पहले शहजाद उनके पिता के घर के दरवाजे पर पहुंचा और उसके भाई को एक कागज देकर बाहर से ही लौट गया। बोला- यह दवा का परचा है, सिमरन को दे देना। सिमरन ने रोते हुए बताया कि परचे में उसे तीन बार तलाक दिए जाने की बात लिखी हुई थी। इसी के बाद उसने शहजाद को फोन किया तो उसने फोन पर भी तीन तलाक दे दिया।
विज्ञापन
मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी ने अशरफ खां छावनी की रहने वाली सिमरन की मदद करने की बात कहते हुए कहा कि कानून बनने के बाद भी तीन तलाक की घटनाओं में कमी नहीं आ रही है। सख्ती के बाद ही ऐसे मामले रुक सकते हैं। शनिवार रात सिमरन की ओर से थाना प्रेमनगर में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
विज्ञापन
सिमरन ने शौहर को टूटे मन से उम्मीद की एक आखिरी आस में की गई इस कॉल की रिकार्डिंग रविवार को मेरा हक फाउंडेशन के कार्यालय पर मीडिया के लोगों को सुनाई। उसने बताया कि तीन साल पहले गुलाबनगर के शहजाद से उसकी शादी हुई थी। कुछ समय बाद ही शहजाद मायके से पैसे लाने की मांग करने लगा। उसने मजबूरी जताई तो मारपीट का दौर शुरू हो गया जिसमें उसके ससुराल वाले भी शामिल आमादा हो गए। एक सच्चाई यह भी थी कि शहजाद किसी और लड़की से शादी करना चाहता था।
विज्ञापन
सिमरन ने बताया कि शहजाद और ससुराल वालों ने एक दिन उसके हाथ की नस काटने की कोशिश की। उसने फोन किया तो उसके पिता आकर उसे ले गए। तीन दिन पहले शहजाद उनके पिता के घर के दरवाजे पर पहुंचा और उसके भाई को एक कागज देकर बाहर से ही लौट गया। बोला- यह दवा का परचा है, सिमरन को दे देना। सिमरन ने रोते हुए बताया कि परचे में उसे तीन बार तलाक दिए जाने की बात लिखी हुई थी। इसी के बाद उसने शहजाद को फोन किया तो उसने फोन पर भी तीन तलाक दे दिया।
विज्ञापन
मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी ने अशरफ खां छावनी की रहने वाली सिमरन की मदद करने की बात कहते हुए कहा कि कानून बनने के बाद भी तीन तलाक की घटनाओं में कमी नहीं आ रही है। सख्ती के बाद ही ऐसे मामले रुक सकते हैं। शनिवार रात सिमरन की ओर से थाना प्रेमनगर में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।