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Bareilly News: दीक्षा एप के प्रयोग में रुचि नहीं दिखा रहे शिक्षक
Wed, 15 May 2024 05:26 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Wed, 15 May 2024 05:26 AM IST
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बरेली। मंडल के परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक दीक्षा एप का प्रयोग करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। शासन स्तर से मई माह के प्रथम सप्ताह में पोर्टल पर उपलब्ध रिपोर्ट का जिलेवार विश्लेषण किया गया। इसमें डिजिटल कंटेंट के प्रयोग में बरेली ने 24, पीलीभीत ने 28, शाहजहांपुर ने 45वीं रैंक के साथ औसत प्रदर्शन किया है। वहीं, बदायूं की स्थिति 64 वें स्थान के साथ औसत से कम रही।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से बेसिक शिक्षा अधिकारियों को परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों और विद्यार्थियों की प्रोफाइल में विकास खंड और विद्यालय की मैपिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे दीक्षा एप का प्रयोग करने पर डाटा रिपोर्ट में प्रदर्शित हो सके, इसकी निगरानी के लिए जिला स्तर पर जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) को और विकास खंड स्तर पर ब्लॉक समन्वयक (गुणवत्ता) को नोडल नामित किया गया है।
मई माह के प्रथम सप्ताह में दीक्षा पोर्टल पर उपलब्ध रिपोर्ट के विश्लेषण में जिलों की स्थिति का आकलन किया गया है। इसमें दीक्षा एप के प्रयोग के आधार पर जिला और विकासखंड की स्थिति प्रदर्शित की गई है। रिपोर्ट में प्रथम तीन स्थानों पर प्रयागराज, लखनऊ और प्रतापगढ़ ने जगह बनाई है। वहीं, बरेली मंडल में बदायूं की स्थिति सबसे खराब रही।
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कई शिक्षकों ने दीक्षा प्रोफाइल में विकासखंड और विद्यालयों की मैपिंग नहीं की है। इसलिए उनका डाटा रिपोर्ट में अनमैप्ड डाटा के रूप में दिखा रहा है। बीएसए को निर्देश दिए गए हैं कि दीक्षा एप के प्रयोग की नियमित समीक्षा की जाए। शिक्षकों की दीक्षा प्रोफाइल में विकासखंड और विद्यालयों की मैपिंग की जाए।
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महानिदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से बेसिक शिक्षा अधिकारियों को परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों और विद्यार्थियों की प्रोफाइल में विकास खंड और विद्यालय की मैपिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे दीक्षा एप का प्रयोग करने पर डाटा रिपोर्ट में प्रदर्शित हो सके, इसकी निगरानी के लिए जिला स्तर पर जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) को और विकास खंड स्तर पर ब्लॉक समन्वयक (गुणवत्ता) को नोडल नामित किया गया है।
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मई माह के प्रथम सप्ताह में दीक्षा पोर्टल पर उपलब्ध रिपोर्ट के विश्लेषण में जिलों की स्थिति का आकलन किया गया है। इसमें दीक्षा एप के प्रयोग के आधार पर जिला और विकासखंड की स्थिति प्रदर्शित की गई है। रिपोर्ट में प्रथम तीन स्थानों पर प्रयागराज, लखनऊ और प्रतापगढ़ ने जगह बनाई है। वहीं, बरेली मंडल में बदायूं की स्थिति सबसे खराब रही।
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कई शिक्षकों ने दीक्षा प्रोफाइल में विकासखंड और विद्यालयों की मैपिंग नहीं की है। इसलिए उनका डाटा रिपोर्ट में अनमैप्ड डाटा के रूप में दिखा रहा है। बीएसए को निर्देश दिए गए हैं कि दीक्षा एप के प्रयोग की नियमित समीक्षा की जाए। शिक्षकों की दीक्षा प्रोफाइल में विकासखंड और विद्यालयों की मैपिंग की जाए।