{"_id":"66146ec35dedf355a6084d54","slug":"teacher-reached-school-late-family-members-argued-faridpur-news-c-184-1-sbly1014-100523-2024-04-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: देरी से स्कूल पहुंचे शिक्षक, परिजनों ने नोकझोंक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: देरी से स्कूल पहुंचे शिक्षक, परिजनों ने नोकझोंक
Tue, 09 Apr 2024 03:55 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Tue, 09 Apr 2024 03:55 AM IST
विज्ञापन
फतेहगंज पूर्वी। पढ़ेरा गांव के प्राथमिक विद्यालय में देरी से आने को लेकर सोमवार को ग्रामीणों ने शिक्षकों से विरोध जताया। इस दौरान जमकर हंगामा भी हुआ। इसके वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षक प्रतिदिन देरी से आते हैं। बीईओ ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
वायरल हो रहे वीडियो में विद्यालय के गेट पर ताला लगा दिख रहा है। बाहर ही कई बच्चे स्कूल ड्रेस में खड़े हैं। इसी दौरान एक निजी वाहन से शिक्षिकाएं आती हैं। देरी से आने को लेकर ग्रामीण जब उनसे सवाल पूछते हैं तो वह क्रॉसिंग पर जाम में फंसने की बात कहती है। इस दौरान उनकी ग्रामीणों से बहस भी होती है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षक आए दिन देरी से आते हैं। इस वजह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। हंगामे के बीच शिक्षिकाएं ताला खोलकर विद्यालय में चली जाती हैं।
एक अन्य वीडियो में एक महिला झाडू लगाते नजर आ रही हैं। वहीं, तीसरे वीडियो में शिक्षक बाइक से स्कूल जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यहां तैनात शिक्षक नौ बजे के बाद आते हैं। तब तक विद्यार्थी उनके इंतजार में बाहर ही खड़े रहते हैं। इसके चलते बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। शिकायत के बाद भी वह लोग अपना ढर्रा नहीं बदल रहे। यहां बंदरों का भी प्रकोप है। ऐसे में बाहर खड़े रहने के दौरान बच्चों पर हमले का डर बना रहता है।
विज्ञापन
ग्रामीणों के आरोप निराधार : प्रधानाचार्य
विद्यालय के प्रधानाचार्य ऋतुरेश सिंह से जब इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने ग्रामीणों के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने बताया कि सभी शिक्षक समय से ही आते हैं। सोमवार को पितांबरपुर क्रॉसिंग बंद होने की वजह से देरी हुई।
मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच की जाएगी। अगर शिक्षकों की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई भी होगी। - तौसीफ अहमद, बीईओ
विज्ञापन
वायरल हो रहे वीडियो में विद्यालय के गेट पर ताला लगा दिख रहा है। बाहर ही कई बच्चे स्कूल ड्रेस में खड़े हैं। इसी दौरान एक निजी वाहन से शिक्षिकाएं आती हैं। देरी से आने को लेकर ग्रामीण जब उनसे सवाल पूछते हैं तो वह क्रॉसिंग पर जाम में फंसने की बात कहती है। इस दौरान उनकी ग्रामीणों से बहस भी होती है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षक आए दिन देरी से आते हैं। इस वजह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। हंगामे के बीच शिक्षिकाएं ताला खोलकर विद्यालय में चली जाती हैं।
विज्ञापन
एक अन्य वीडियो में एक महिला झाडू लगाते नजर आ रही हैं। वहीं, तीसरे वीडियो में शिक्षक बाइक से स्कूल जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यहां तैनात शिक्षक नौ बजे के बाद आते हैं। तब तक विद्यार्थी उनके इंतजार में बाहर ही खड़े रहते हैं। इसके चलते बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। शिकायत के बाद भी वह लोग अपना ढर्रा नहीं बदल रहे। यहां बंदरों का भी प्रकोप है। ऐसे में बाहर खड़े रहने के दौरान बच्चों पर हमले का डर बना रहता है।
विज्ञापन
ग्रामीणों के आरोप निराधार : प्रधानाचार्य
विद्यालय के प्रधानाचार्य ऋतुरेश सिंह से जब इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने ग्रामीणों के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने बताया कि सभी शिक्षक समय से ही आते हैं। सोमवार को पितांबरपुर क्रॉसिंग बंद होने की वजह से देरी हुई।
मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच की जाएगी। अगर शिक्षकों की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई भी होगी। - तौसीफ अहमद, बीईओ