UP News: बरेली में स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक की मौत, परिजन बोले- एसआईआर के काम का था दबाव
बरेली के बिशारतगंज स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय कन्या कंपोजिट के इंचार्ज प्रधानाचार्य विनोद कुमार शर्मा की मौत हो गई। विनोद कुमार बिथरी चैनपुर विधानसभा क्षेत्र के भाग संख्या 261 के बीएलओ थे। परिजनों का कहना है कि उन पर एसआईआर के काम का दबाव था।
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बरेली के बिशारतगंज कस्बा स्थित कंपोजिट विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक विनोद कुमार शर्मा (60 वर्ष) की रविवार रात मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, बीएलओ ड्यूटी कर रहे विनोद की मौत एसआईआर के काम के दबाव की वजह से हुई है। जिला प्रशासन ने कहा कि शिक्षक की प्राकृतिक मौत हुई है।
बिशारतगंज निवासी विनोद कुमार शर्मा बिथरी चैनपुर विधानसभा क्षेत्र के भाग संख्या 261 के बीएलओ थे। उनके पुत्र विश्व हिंदू परिषद के मझगवां ब्लॉक प्रखंड अध्यक्ष शिवांश शर्मा ने बताया कि पिता वर्ष 2027 में सेवानिवृत्त होने वाले थे। एसआईआर के काम के दबाव की वजह से वह बेहद परेशान चल रहे थे। रविवार रात खाना खाने के बाद वह कमरे में सोने चले गए। रात 12 बजे अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। कुछ ही देर में उनकी सांसें थम गईं।
शिवांश ने कहा कि आशंका है कि हार्ट अटैक से पिता की जान गई है। सोमवार दोपहर बाद रामगंगा किनारे उनकी अंत्येष्टि की गई। अंत्येष्टि के समय विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा, बीईओ सुनील कुमार शर्मा, प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष बनवारी लाल राठौर, क्यारा ब्लाक के एडीओ पंचायत संजीव पराशरी सहित शिक्षक व कस्बे के लोग मौजूद रहे।
उम्र का हवाला देकर ड्यूटी से हटाने की लगाई थी गुहार
शिवांश ने बताया कि उनके पिता ने अपनी उम्र और आंखों की समस्या का हवाला देकर एसआईआर ड्यूटी कटवाने के लिए नौ नवंबर को खंड शिक्षा अधिकारी मझगवां सुनील कुमार शर्मा को प्रार्थना पत्र दिया था। यह भी कहा था कि उन्हें मोबाइल फोन पर ऑनलाइन काम नहीं आता है, लेकिन उनकी ड्यूटी नहीं हटाई गई।
उल्टे एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी गई थी। इस वजह से वह परेशान थे। रविवार तक उन्होंने एसआईआर का काम किया था। पोस्टमॉर्टम नहीं कराने के सवाल पर शिवांश ने कहा कि इस संबंध में न उनसे किसी ने कुछ कहा और न मार्गदर्शन किया। उन्हें समझ में भी नहीं आया कि पोस्टमॉर्टम कराना चाहिए।
एडीएम (वित्त एवं राजस्व) संतोष कुमार सिंह ने बताया कि शिक्षक ने आठ दिसंबर को एसआईआर का काम पूरा कर लिया था। परिजनों ने शव का पोस्टमॉर्टम नहीं कराया है। एसआईआर के काम के दबाव से नहीं, बल्कि उनकी प्राकृतिक मौत हुई है।