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Bareilly News: गुलाबनगर में निकला तख्त का जुलूस
Mon, 24 Jul 2023 02:46 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 24 Jul 2023 02:46 AM IST
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बरेली। शहर में मुहर्रमदारी का सिलसिला धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। तख्त-ओ-तजिए व अलम के जुलूसों का सिलसिला शुरू हो चुका है। जगह जगह महफिलें सजाई जाने लगी हैं। सुन्नी इमामबाड़ों में मातम और मजलिस का दौर जारी है।
गुलाबनगर हवेली से रविवार को तख्त का जुलूस निकाला गया, जो निर्धारित रास्तों से होता हुआ हजरत बशीर मियां की दरगाह शरीफ पहुंचा। यहां पर सलामी और गुलपोशी के बाद दस्तार की गई। लोगों का कहना है कि यह रिवायत हजरत बशीर मियां के जमाने से चली आ रही है। नजर पेश करने के बाद जुलूस रवाना हुआ और सराय होते हुए दरगाह शरीफ के दूसरे गेट पर पहुंचा। यहां लंगर का आयोजन किया गया। इसके बाद जुलूस अपने अपने इमामबाड़ा पहुंच कर संपन्न हुआ।
इधर, मलूकपुर स्थित इमामबाड़ा फतेह निशान पर दिनभर नियाज नजर का सिलसिला चलता रहा। तमाम सुन्नी इमामबाड़ों में नियाज नजर और मन्नतों मुराद का सिलसिला चलता रहा।
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शिया इमामबाड़ों में मातम व मजलिस का सिलसिला
शिया इलाकों में अजादारी का सिलसिला बदस्तूर जारी रहा। शहरभर के तमाम इमामबाड़ों में मजलिस और मातम में शिरकत किया। इसमें खास तौर से इमामबाड़ा वसी हैदर में सैफ अली जैदी ने कर्बला का वकिया बयान किया। इसी तरह कंघी टोला स्थित इमामबाड़ा महबूब हुसैन में जौनपुर के जाकिर फैल अली खां ने इमाम हुसैन की जिंदगी पर रोशनी डाली। मजलिस के बाद नौहा भी पढ़ा गया और लोगों ने इमाम हुसैन को याद कर मातम किया।
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गुलाबनगर हवेली से रविवार को तख्त का जुलूस निकाला गया, जो निर्धारित रास्तों से होता हुआ हजरत बशीर मियां की दरगाह शरीफ पहुंचा। यहां पर सलामी और गुलपोशी के बाद दस्तार की गई। लोगों का कहना है कि यह रिवायत हजरत बशीर मियां के जमाने से चली आ रही है। नजर पेश करने के बाद जुलूस रवाना हुआ और सराय होते हुए दरगाह शरीफ के दूसरे गेट पर पहुंचा। यहां लंगर का आयोजन किया गया। इसके बाद जुलूस अपने अपने इमामबाड़ा पहुंच कर संपन्न हुआ।
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इधर, मलूकपुर स्थित इमामबाड़ा फतेह निशान पर दिनभर नियाज नजर का सिलसिला चलता रहा। तमाम सुन्नी इमामबाड़ों में नियाज नजर और मन्नतों मुराद का सिलसिला चलता रहा।
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शिया इमामबाड़ों में मातम व मजलिस का सिलसिला
शिया इलाकों में अजादारी का सिलसिला बदस्तूर जारी रहा। शहरभर के तमाम इमामबाड़ों में मजलिस और मातम में शिरकत किया। इसमें खास तौर से इमामबाड़ा वसी हैदर में सैफ अली जैदी ने कर्बला का वकिया बयान किया। इसी तरह कंघी टोला स्थित इमामबाड़ा महबूब हुसैन में जौनपुर के जाकिर फैल अली खां ने इमाम हुसैन की जिंदगी पर रोशनी डाली। मजलिस के बाद नौहा भी पढ़ा गया और लोगों ने इमाम हुसैन को याद कर मातम किया।