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एसयूवी ने डेयरी संचालक को कुचला एक किमी घिसटी स्कूटी में लगी आग
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स्कूटी में लगी आग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
परिवार ने पुलिस को नहीं उठाने दिया शव, ढाई घंटे तक किया हंगामा
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एसपी ने समझाकर हटवाया शव, भाजपा नेता ने पीछा कर पकड़वाई गाड़ी
बरेली। डोहरा रोड पर सोमवार शाम सामान लेकर घर लौट रहे डेयरी संचालक को सामने से आ रही फार्च्यूनर एसयूवी ने कुचल दिया। हादसे के बाद भाग रही गाड़ी में डेयरी संचालक की स्कूटी फंस गई, जिसमें करीब एक किमी घिसटने के बाद आग लग गई। हादसे के बाद मृतक के परिवार ने ढाई घंटे तक जमकर हंगामा किया। शव सड़क पर रखकर जाम लगाने की कोशिश की। एसपी अभिषेक वर्मा ने किसी तरह समझाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। इससे पहले भाजपा नेता ने पीछा करके गाड़ी समेत ड्राइवर को पकड़वा दिया।
बिथरी चैनपुर क्षेत्र के गांव चंद्रपुर निवासी डेयरी संचालक 56 वर्षीय ओमप्रकाश सोमवार शाम चार बजे बाजार से कुछ सामान लेकर स्कूटी से घर जा रहे थे, तभी विश्वविद्यालय छात्रावास के पास फार्च्यूनर गाड़ी ने सामने से स्कूटी में टक्कर मार दी। ओमप्रकाश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि स्कूटी गाड़ी के बोनट में फंस गई। हादसे के बाद ड्राइवर गाड़ी लेकर भागा तो स्कूटी एक किमी तक घिसटती चली गई। इससे उसमें आग लग गई। हादसे की खबर गांव में पहुंची तो करीब दो सौ लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई। लोग गाड़ी समेत ड्राइवर की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा करने लगे। उन्होंने पुलिस को शव भी नहीं उठाने दिया। रुहेलखंड चौकी पुलिस से मामला नहीं संभला तो थाने से अतिरिक्त फोर्स मंगाई गई। शाम चार बजे घटना होने के बाद करीब साढ़े छह बजे तक हंगामा होता रहा। मौके पर पहुंचे एसपी अभिषेक वर्मा ने किसी तरह परिवार के लोगों को समझाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
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भाजपा नेता की सूझबूझ से पकड़ी गई गाड़ी
भाजपा के महानगर उपाध्यक्ष देवेंद्र जोशी सौफुटा रोड से सेटेलाइट चौराहे की ओर कार से आ रहे थे। पीलीभीत रोड पर जब उन्होंने फार्च्यूनर गाड़ी को बोनट में फंसी स्कूटी को घिसटते देखा तो पीछा करके उसे रोकने की कोशिश की। करीब दो सौ मीटर आगे डिवाइडर से यूटर्न लेने पर स्कूटी फार्च्यूनर के बोनट से अलग हो गई, लेकिन उसमें आग लग गई। जोशी के मुताबिक, इसके बाद गाड़ी मुंशीनगर की ओर भागी। उन्होंने पीछा करते हुए गाड़ी का नंबर देखकर बारादरी इंस्पेक्टर को सूचना दे दी। आगे जाकर गाड़ी एक जगह रुकी और पीछे की सीट पर बैठे शख्स ने ड्राइविंग सीट संभाल ली, जबकि गाड़ी ड्राइवर कर रहा व्यक्ति पीछे वाली सीट पर जाकर बैठ गया। इस बीच ओमप्रकाश के परिवार के लोग भी वहां पहुंच गए।
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आरोपी फरार, गाड़ी मालिक को भीड़ ने पीटा, पुलिस से भी भिड़ी
पुलिस के मुताबिक, मनमोहन सिंह के नाम रजिस्टर्ड गाड़ी को जिला अस्पताल के संविदा कर्मचारी मानवेंद्र शर्मा ने खरीद लिया था। मानवेंद्र के माता पिता पुलिस से सेवानिवृत्त हैं। मानवेंद्र का दोस्त सूरज राठौर गाड़ी लेकर बहन से राखी बंधवाने जोगी नवादा जाने को निकला था। हादसा भी उसी से हुआ। हादसे के बाद वह घबराकर भागा। रास्ते में उसने मानवेंद्र को कॉल करके बुला लिया और गाड़ी मानवेंद्र को सौंपकर भाग निकला। मृतक के परिवार के लोग पीछा करते हुए पहुंचे तो गाड़ी में बैठे मानवेंद्र को पकड़ लिया। इंस्पेक्टर शितांशु शर्मा ने मानवेंद्र को भीड़ से छुड़ाने की कोशिश की तो लोगों ने पुलिस टीम से भी अभद्रता कर दी। लोगों ने मानवेंद्र की पिटाई कर दी। हादसे और स्कूटी में आग लगने के वीडियो भी देर शाम सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।
पीड़ित परिवार गुस्से में था इसलिए कुछ देर गतिरोध रहा। हालांकि रोड पर जाम नहीं लगाया गया। फिलहाल कार नंबर के आधार पर रिपोर्ट लिखी गई है। कार मालिक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रहे हैं। वैसे उसका दोस्त सूरज राठौर आरोपी बताया जा रहा है। उसकी भी तलाश की जा रही है। - शितांशु शर्मा, इंस्पेक्टर बारादरी
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एसपी ने समझाकर हटवाया शव, भाजपा नेता ने पीछा कर पकड़वाई गाड़ी बरेली। डोहरा रोड पर सोमवार शाम सामान लेकर घर लौट रहे डेयरी संचालक को सामने से आ रही फार्च्यूनर एसयूवी ने कुचल दिया। हादसे के बाद भाग रही गाड़ी में डेयरी संचालक की स्कूटी फंस गई, जिसमें करीब एक किमी घिसटने के बाद आग लग गई। हादसे के बाद मृतक के परिवार ने ढाई घंटे तक जमकर हंगामा किया। शव सड़क पर रखकर जाम लगाने की कोशिश की। एसपी अभिषेक वर्मा ने किसी तरह समझाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। इससे पहले भाजपा नेता ने पीछा करके गाड़ी समेत ड्राइवर को पकड़वा दिया।
बिथरी चैनपुर क्षेत्र के गांव चंद्रपुर निवासी डेयरी संचालक 56 वर्षीय ओमप्रकाश सोमवार शाम चार बजे बाजार से कुछ सामान लेकर स्कूटी से घर जा रहे थे, तभी विश्वविद्यालय छात्रावास के पास फार्च्यूनर गाड़ी ने सामने से स्कूटी में टक्कर मार दी। ओमप्रकाश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि स्कूटी गाड़ी के बोनट में फंस गई। हादसे के बाद ड्राइवर गाड़ी लेकर भागा तो स्कूटी एक किमी तक घिसटती चली गई। इससे उसमें आग लग गई। हादसे की खबर गांव में पहुंची तो करीब दो सौ लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई। लोग गाड़ी समेत ड्राइवर की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा करने लगे। उन्होंने पुलिस को शव भी नहीं उठाने दिया। रुहेलखंड चौकी पुलिस से मामला नहीं संभला तो थाने से अतिरिक्त फोर्स मंगाई गई। शाम चार बजे घटना होने के बाद करीब साढ़े छह बजे तक हंगामा होता रहा। मौके पर पहुंचे एसपी अभिषेक वर्मा ने किसी तरह परिवार के लोगों को समझाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
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भाजपा नेता की सूझबूझ से पकड़ी गई गाड़ी
भाजपा के महानगर उपाध्यक्ष देवेंद्र जोशी सौफुटा रोड से सेटेलाइट चौराहे की ओर कार से आ रहे थे। पीलीभीत रोड पर जब उन्होंने फार्च्यूनर गाड़ी को बोनट में फंसी स्कूटी को घिसटते देखा तो पीछा करके उसे रोकने की कोशिश की। करीब दो सौ मीटर आगे डिवाइडर से यूटर्न लेने पर स्कूटी फार्च्यूनर के बोनट से अलग हो गई, लेकिन उसमें आग लग गई। जोशी के मुताबिक, इसके बाद गाड़ी मुंशीनगर की ओर भागी। उन्होंने पीछा करते हुए गाड़ी का नंबर देखकर बारादरी इंस्पेक्टर को सूचना दे दी। आगे जाकर गाड़ी एक जगह रुकी और पीछे की सीट पर बैठे शख्स ने ड्राइविंग सीट संभाल ली, जबकि गाड़ी ड्राइवर कर रहा व्यक्ति पीछे वाली सीट पर जाकर बैठ गया। इस बीच ओमप्रकाश के परिवार के लोग भी वहां पहुंच गए।
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आरोपी फरार, गाड़ी मालिक को भीड़ ने पीटा, पुलिस से भी भिड़ी
पुलिस के मुताबिक, मनमोहन सिंह के नाम रजिस्टर्ड गाड़ी को जिला अस्पताल के संविदा कर्मचारी मानवेंद्र शर्मा ने खरीद लिया था। मानवेंद्र के माता पिता पुलिस से सेवानिवृत्त हैं। मानवेंद्र का दोस्त सूरज राठौर गाड़ी लेकर बहन से राखी बंधवाने जोगी नवादा जाने को निकला था। हादसा भी उसी से हुआ। हादसे के बाद वह घबराकर भागा। रास्ते में उसने मानवेंद्र को कॉल करके बुला लिया और गाड़ी मानवेंद्र को सौंपकर भाग निकला। मृतक के परिवार के लोग पीछा करते हुए पहुंचे तो गाड़ी में बैठे मानवेंद्र को पकड़ लिया। इंस्पेक्टर शितांशु शर्मा ने मानवेंद्र को भीड़ से छुड़ाने की कोशिश की तो लोगों ने पुलिस टीम से भी अभद्रता कर दी। लोगों ने मानवेंद्र की पिटाई कर दी। हादसे और स्कूटी में आग लगने के वीडियो भी देर शाम सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।पीड़ित परिवार गुस्से में था इसलिए कुछ देर गतिरोध रहा। हालांकि रोड पर जाम नहीं लगाया गया। फिलहाल कार नंबर के आधार पर रिपोर्ट लिखी गई है। कार मालिक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रहे हैं। वैसे उसका दोस्त सूरज राठौर आरोपी बताया जा रहा है। उसकी भी तलाश की जा रही है। - शितांशु शर्मा, इंस्पेक्टर बारादरी