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Bareilly News: पेट्रोल पंप पर कार्य कर बन रहीं परिवार का सहारा
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बरेली। शहर के संजयनगर मोड़, पीर बहोड़ा व डेलापीर स्थित पेट्रोल पंप पर युवतियां व महिलाएं चार वर्ष से कार्य कर रही हैं। सुबह आठ से शाम पांच बजे तक वाहनों में ईंधन भरकर वह परिवार का सहारा बन रही हैं। ये महिलाएं किसी काम को छोटा या बड़ा नहीं समझतीं। शहरवासी महिलाओं के इस कार्य में उनका सहयोग कर रहे हैं।
महिलाओं का कहना है ये कार्य भले ही लोगों को सामान्य नहीं लगता, लेकिन उनके लिए यह सामान्य बन गया है। रोजाना आने वाले वाहन स्वामियों के लिए भी उन्हें ईंधन भरते हुए देखना आम बात हो गई है। सुभाषनगर की ज्योति ने बताया कि वह परिवार का सहयोग करने के लिए चार साल से पेट्रोल पंप पर कार्य कर रही हैं। पति प्राइवेट नौकरी करते हैं, लेकिन इतनी महंगाई में घर का खर्च एक की कमाई से नहीं निकलता।
लाल फाटक की वृंदा ने बताया कि वह अपने परिवार में अकेले कमाने वाली हैं। पिता लकवाग्रस्त हैं। मां बूढ़ी हैं और दो भाई-बहन स्कूल जाते हैं। ऐसे में मेरे कंधों पर चार लोगों की जिम्मेदारी है। इस काम में मेहनत ज्यादा है। जुलाई से ही ये काम शुरू किया है। सुभाषनगर की रहने वाली धर्मेश ने बताया कि उनके ऊपर भी जिम्मेदारी है। इसलिए पेट्रोल पंप पर नौकरी कर रही हैं। उनको रात की ड्यूटी सुरक्षा की दृष्टि से नहीं दी जाती है। कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता। संवाद
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महिलाओं का कहना है ये कार्य भले ही लोगों को सामान्य नहीं लगता, लेकिन उनके लिए यह सामान्य बन गया है। रोजाना आने वाले वाहन स्वामियों के लिए भी उन्हें ईंधन भरते हुए देखना आम बात हो गई है। सुभाषनगर की ज्योति ने बताया कि वह परिवार का सहयोग करने के लिए चार साल से पेट्रोल पंप पर कार्य कर रही हैं। पति प्राइवेट नौकरी करते हैं, लेकिन इतनी महंगाई में घर का खर्च एक की कमाई से नहीं निकलता।
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लाल फाटक की वृंदा ने बताया कि वह अपने परिवार में अकेले कमाने वाली हैं। पिता लकवाग्रस्त हैं। मां बूढ़ी हैं और दो भाई-बहन स्कूल जाते हैं। ऐसे में मेरे कंधों पर चार लोगों की जिम्मेदारी है। इस काम में मेहनत ज्यादा है। जुलाई से ही ये काम शुरू किया है। सुभाषनगर की रहने वाली धर्मेश ने बताया कि उनके ऊपर भी जिम्मेदारी है। इसलिए पेट्रोल पंप पर नौकरी कर रही हैं। उनको रात की ड्यूटी सुरक्षा की दृष्टि से नहीं दी जाती है। कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता। संवाद
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