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UP News: यूपी के इस जिले में किसानों से नहीं मिल रहा गन्ना, फरवरी में बंद हो सकती हैं चीनी मिलें

Tue, 28 Jan 2025 11:47 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 28 Jan 2025 11:47 AM IST
सार

Bareilly News: वर्ष 2024 में बरेली जिले में आई बाढ़ की वजह से गन्ने का उत्पादन प्रभावित हो गया था। बाढ़ की वजह से अधिकांश किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं। इसका असर पेराई सत्र पर देखा जा रहा है। 

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Sugarcane is not being received from farmers sugar mills may be closed in February
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

बरेली जिले की चीनी मिलों पर नोकेन का संकट मंडरा रहा है। गत वर्ष आई बाढ़ में गन्ने की फसल बर्बाद हो जाने की वजह से उत्पादन प्रभावित हो गया। इस वजह से मिलों को किसानों से गन्ना नहीं मिल पा रहा है। इस वर्ष चीनी मिलें फरवरी माह में ही बंद हो सकती हैं। स्थिति यह है कि इन दिनों चीनी मिलें तीन घंटे तक ही संचालित हो रही हैं।

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वर्ष 2024 में जिले में आई बाढ़ की वजह से गन्ने का उत्पादन प्रभावित हो गया था। बाढ़ की वजह से अधिकांश किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं। दूसरी ओर गन्ने की प्रजाति 238 में रेड रॉट लग गया। इस वजह से भी फसल प्रभावित हो गई। जिसका असर अब देखने को मिल रहा है। वर्तमान में पांच चीनी मिले हैं। गत वर्ष 204 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की गई थी। लेकिन इस वर्ष अब तक सिफ 180 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई ही पाई है। स्थिति यह है कि 24 घंटे चलने वाली मिलें किसानों से गन्ना न मिलने के कारण कुल तीन घंटे ही संचालित हो रही हैं। गन्ना सत्र की शुरुआत गत वर्ष नवंबर माह में हो गई थी। इसी दौरान चीनी मिलों का संचालन शुरू हो गया था। 
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हर वर्ष करीब 2.5 लाख किसान इन पांच चीनी मिल नवाबगंज की ओसवाल मिल, बहेड़ी की केसर इंटरप्राइजेज, मीरगंज की धामपुर, सीमाखेड़ा की सहकारी मिल और फरीदपुर की द्वारिकेश मिल गन्ना लेकर पहुंचते हैं। लेकिन इस वर्ष फसल खराब होने की वजह से करीब दो लाख किसान ही गन्ना लेकर पहुंचे हैं। गत वर्ष से तुलना की जाए तो इस वर्ष सबसे कम किसान नवाबगंज क्षेत्र से मिलों में गन्ना लेकर पहुंचे हैं।

क्षमता के अनुसार भी मिलों को नहीं मिल रहा गन्ना
जिले की अगर किसी मिल की क्षमता एक लाख क्विंटल गन्ना पेराई करने की है, तो वर्तमान में स्थिति यह हो गई है कि मिल को क्षमता का 50 प्रतिशत भी गन्ना नहीं मिल पा रहा है। इस वजह से कई बार मिल को बंद रखना पड़ रहा है।

नवाबगंज और बहेड़ी मिलें बंद करने की तैयारी
नवाबगंज क्षेत्र में किसानों को गत सत्र से ही फसल का भुगतान नहीं किया गया है। इस वजह से यहां से गन्ना मिलों को नहीं दिया जा रहा है। वहीं बहेड़ी में बरसात के दौरान खेतों में कई दिनों तक पानी भर गया था। जिसकी वजह से किसानों की फसलें खराब हो गईं। दोनों जगह चीनी मिलों में लगभग गन्ने की पेराई हो गई है। इस वजह से यहां पर मिलों को बंद करने की तैयारी चल रही है।

जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह ने बताया कि इस वर्ष फसल बर्बाद होने की वजह से गन्ने का संकट आ गया है। जिसकी वजह से चीनी मिलों में गन्ना समाप्त हो गया है। 

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