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Bareilly News: बरेली में गश्त के दौरान तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से दरोगा की मौत
Wed, 30 Nov 2022 08:30 AM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 30 Nov 2022 08:30 AM IST
सार
संजय सिंह के बड़े भाई जगवीर सिंह और साले जितेंद्र सिंह ने पोस्टमार्टम हाउस पर बताया कि संजय 1998 में कांस्टेबल के पद पर भर्ती हुए। वर्ष 2013 में दरोगा के पद पर प्रमोशन मिला। संजय ने गाजियाबाद के विजय नगर में घर बना लिया है।
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दरोगा संजय सिंह (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बरेली के भोजीपुरा थाने में तैनात दरोगा संजय सिंह की गश्त के दौरान सड़क हादसे में मौत हो गई। सोमवार रात वह थाने की जीप से गश्त पर निकले थे। नैनीताल हाईवे पर लघुशंका करने उतरे तभी किसी तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। उन्हें गंभीर हालत में निजी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां मंगलवार सुबह उनकी मौत हो गई। पुलिस लाइन में सलामी के बाद एडीजी ने भी शव को कंधा दिया। अंतिम संस्कार बुलंदशहर में किया गया।
भोजीपुरा थाने में सोमवार रात नाइट ऑफिसर के रूप में 41 वर्षीय दरोगा दरोगा संजय सिंह की ड्यूटी थी। वह आधीरात को थाने की जीप से गश्त पर निकले थे। गाड़ी ड्राइवर चीकू कुमार चला रहा था। साथ में कांस्टेबल देवेंद्र और ललित कुमार थे। रात एक बजकर नौ मिनट पर जीप थाने से बरेली दिशा में पुलिया के पास आई तो संजय लघुशंका करने के लिए उतरे, तभी बहेड़ी दिशा से आया तेज रफ्तार वाहन उन्हें टक्कर मारता हुआ निकल गया। साथी पुलिसकर्मियों ने गंभीर हालत में उन्हें निजी मेडिकल कॉलेज ले गए। वहां सुबह सवा पांच बजे उनकी मौत हो गई।
शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस लाइन में सलामी गारद के साथ अंतिम विदाई दी गई। एडीजी जोन राजकुमार, एसपी सिटी राहुल भाटी, एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल, एसपी ट्रैफिक राममोहन सिंह आदि ने शव को कंधा देकर वाहन में रखा। शव उनके पैतृक गांव बुलंदशहर के सिकंदराबाद अंतर्गत हदीमपुर ले जाया गया।
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सिपाही से भर्ती हुए, दो साल पहले बने दरोगा
संजय सिंह के बड़े भाई जगवीर सिंह और साले जितेंद्र सिंह ने पोस्टमार्टम हाउस पर बताया कि संजय 1998 में कांस्टेबल के पद पर भर्ती हुए। वर्ष 2013 में दरोगा के पद पर प्रमोशन मिला। संजय ने गाजियाबाद के विजय नगर में घर बना लिया है। पत्नी रजनी, बेटा हिमांशु और बेटी हिमांशी वहां रहते हैं। मुरादाबाद से करीब साढ़े तीन साल पहले संजय का बरेली ट्रांसफर हुआ था। 17 नवंबर को ही भोजीपुरा थाने में उनकी तैनाती हुई। वह तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। सबसे बड़े जगवीर शिक्षक और मझले सतवीर दिल्ली पुलिस में दरोगा हैं।
- दरोगा संजय सिंह लघुशंका के लिए सड़क पार कर रहे थे तभी कोई वाहन उन्हें टक्कर मार गया। इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। वाहन का पता लगाने में पुलिस जुटी है। - राजकुमार अग्रवाल, एसपी देहात बरेली
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भोजीपुरा थाने में सोमवार रात नाइट ऑफिसर के रूप में 41 वर्षीय दरोगा दरोगा संजय सिंह की ड्यूटी थी। वह आधीरात को थाने की जीप से गश्त पर निकले थे। गाड़ी ड्राइवर चीकू कुमार चला रहा था। साथ में कांस्टेबल देवेंद्र और ललित कुमार थे। रात एक बजकर नौ मिनट पर जीप थाने से बरेली दिशा में पुलिया के पास आई तो संजय लघुशंका करने के लिए उतरे, तभी बहेड़ी दिशा से आया तेज रफ्तार वाहन उन्हें टक्कर मारता हुआ निकल गया। साथी पुलिसकर्मियों ने गंभीर हालत में उन्हें निजी मेडिकल कॉलेज ले गए। वहां सुबह सवा पांच बजे उनकी मौत हो गई।
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शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस लाइन में सलामी गारद के साथ अंतिम विदाई दी गई। एडीजी जोन राजकुमार, एसपी सिटी राहुल भाटी, एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल, एसपी ट्रैफिक राममोहन सिंह आदि ने शव को कंधा देकर वाहन में रखा। शव उनके पैतृक गांव बुलंदशहर के सिकंदराबाद अंतर्गत हदीमपुर ले जाया गया।
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सिपाही से भर्ती हुए, दो साल पहले बने दरोगा
संजय सिंह के बड़े भाई जगवीर सिंह और साले जितेंद्र सिंह ने पोस्टमार्टम हाउस पर बताया कि संजय 1998 में कांस्टेबल के पद पर भर्ती हुए। वर्ष 2013 में दरोगा के पद पर प्रमोशन मिला। संजय ने गाजियाबाद के विजय नगर में घर बना लिया है। पत्नी रजनी, बेटा हिमांशु और बेटी हिमांशी वहां रहते हैं। मुरादाबाद से करीब साढ़े तीन साल पहले संजय का बरेली ट्रांसफर हुआ था। 17 नवंबर को ही भोजीपुरा थाने में उनकी तैनाती हुई। वह तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। सबसे बड़े जगवीर शिक्षक और मझले सतवीर दिल्ली पुलिस में दरोगा हैं।
- दरोगा संजय सिंह लघुशंका के लिए सड़क पार कर रहे थे तभी कोई वाहन उन्हें टक्कर मार गया। इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। वाहन का पता लगाने में पुलिस जुटी है। - राजकुमार अग्रवाल, एसपी देहात बरेली