{"_id":"69ee81c31f5271160109c92e","slug":"students-should-avoid-unnecessary-gaps-in-the-name-of-exploration-bareilly-news-c-4-bly1053-872247-2026-04-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: एक्सप्लोर करने के नाम पर अनावश्यक गैप से बचें विद्यार्थी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: एक्सप्लोर करने के नाम पर अनावश्यक गैप से बचें विद्यार्थी
Mon, 27 Apr 2026 02:51 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 27 Apr 2026 02:51 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी और संस्कृत बोर्ड के बारहवीं के परिणाम जारी होने के बाद अब सीबीएसई के नतीजों का इंतजार है। ऐसे में कई विद्यार्थी बारहवीं के बाद गैप ईयर लेने पर विचार कर रहे हैं, जिस पर कॅरिअर विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण सलाह दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मेडिकल या इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए गैप लिया गया है और किसी संस्थागत कोर्स में प्रवेश है, तो यह स्वीकार्य है। हालांकि, केवल ''''एक्सप्लोर'''' करने के नाम पर गैप लेने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे पढ़ाई की लय खत्म हो जाती है। मंडलीय मनोवैज्ञानिक केंद्र की प्रवक्ता व कॅरिअर काउंसलर डॉ. यशिका वर्मा ने बताया कि जो विद्यार्थी बारहवीं के बाद नौकरी करना चाहते हैं, उन्हें नौकरी के साथ कोई कोर्स करके पढ़ाई जारी रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा न करने पर कुछ सालों बाद सामाजिक और शैक्षणिक विकास शून्य लगने लगता है।
गैप ईयर के जोखिम और समाधान
एक निजी स्कूल की मनोवैज्ञानिक व काउंसलर मेघना ने बताया कि गैप ईयर में 70 फीसदी संभावना होती है कि विद्यार्थी अपने मार्ग से भटक सकते हैं। मोबाइल की इसमें अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि जब दोस्त कॉलेज में प्रवेश लेते हैं, तो गैप लेने वाले विद्यार्थी को पीछे छूटने का एहसास होता है, जिससे चिंता बढ़ती है और मादक पदार्थों के सेवन तक बात पहुंच सकती है। इसलिए लगातार सीखते रहना आवश्यक है। वर्तमान में ऑनलाइन और ऑफलाइन सर्टिफिकेट व डिप्लोमा कोर्स उपलब्ध हैं, जिन्हें विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुसार चुन सकते हैं।
विज्ञापन
सर्टिफिकेट व डिप्लोमा कोर्स उपलब्ध हैं
- राजकीय खाद्य प्रशिक्षण संस्थान में बेकरी, कुकिंग, फूड प्रिजर्वेशन के डिप्लोमा व एक माह और 15 दिन के सर्टिफिकेट कोर्स।
-आईटीआई में एक व दो साल के इंजीनियरिंग डिप्लोमा।
-पॉलीटेक्नीक कॉलेजों व रुहेलखंड विश्वविद्यालय कैंपस में उपलब्ध इंजीनियरिंग डिप्लोमा।
-रुहेलखंड विश्वविद्यालय में संचालित विदेश भाषा जैसे फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश, मंदारिन, पाली, फंक्शनल हिंदी व अंग्रेजी का डिप्लोमा कोर्स व अनुवाद के सर्टिफिकेट कोर्स।
-कर्मयोगी व स्वयं पोर्टल पर उपलब्ध अनेकों कोर्स।
विज्ञापन
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मेडिकल या इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए गैप लिया गया है और किसी संस्थागत कोर्स में प्रवेश है, तो यह स्वीकार्य है। हालांकि, केवल ''''एक्सप्लोर'''' करने के नाम पर गैप लेने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे पढ़ाई की लय खत्म हो जाती है। मंडलीय मनोवैज्ञानिक केंद्र की प्रवक्ता व कॅरिअर काउंसलर डॉ. यशिका वर्मा ने बताया कि जो विद्यार्थी बारहवीं के बाद नौकरी करना चाहते हैं, उन्हें नौकरी के साथ कोई कोर्स करके पढ़ाई जारी रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा न करने पर कुछ सालों बाद सामाजिक और शैक्षणिक विकास शून्य लगने लगता है।
विज्ञापन
गैप ईयर के जोखिम और समाधान
एक निजी स्कूल की मनोवैज्ञानिक व काउंसलर मेघना ने बताया कि गैप ईयर में 70 फीसदी संभावना होती है कि विद्यार्थी अपने मार्ग से भटक सकते हैं। मोबाइल की इसमें अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि जब दोस्त कॉलेज में प्रवेश लेते हैं, तो गैप लेने वाले विद्यार्थी को पीछे छूटने का एहसास होता है, जिससे चिंता बढ़ती है और मादक पदार्थों के सेवन तक बात पहुंच सकती है। इसलिए लगातार सीखते रहना आवश्यक है। वर्तमान में ऑनलाइन और ऑफलाइन सर्टिफिकेट व डिप्लोमा कोर्स उपलब्ध हैं, जिन्हें विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुसार चुन सकते हैं।
विज्ञापन
सर्टिफिकेट व डिप्लोमा कोर्स उपलब्ध हैं
- राजकीय खाद्य प्रशिक्षण संस्थान में बेकरी, कुकिंग, फूड प्रिजर्वेशन के डिप्लोमा व एक माह और 15 दिन के सर्टिफिकेट कोर्स।
-आईटीआई में एक व दो साल के इंजीनियरिंग डिप्लोमा।
-पॉलीटेक्नीक कॉलेजों व रुहेलखंड विश्वविद्यालय कैंपस में उपलब्ध इंजीनियरिंग डिप्लोमा।
-रुहेलखंड विश्वविद्यालय में संचालित विदेश भाषा जैसे फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश, मंदारिन, पाली, फंक्शनल हिंदी व अंग्रेजी का डिप्लोमा कोर्स व अनुवाद के सर्टिफिकेट कोर्स।
-कर्मयोगी व स्वयं पोर्टल पर उपलब्ध अनेकों कोर्स।