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Bareilly News: भूटान में पढ़ सकेंगे रुहेलखंड विश्वविद्यालय के विद्यार्थी
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- रॉयल कॉलेज ऑफ भूटान व रुविवि के बीच हुआ समझौता ज्ञापन (एमओयू), मिलकर करेंगे नवाचार
बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के विद्यार्थी भूटान में भी उच्च शिक्षा हासिल कर सकेंगे। इसके लिए हाल ही में विवि व रॉयल कॉलेज ऑफ भूटान के मध्य समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ है। इससे आने वाले समय में संकाय व विद्यार्थियों की अदला-बदली संभव हो सकेगी।
मीडिया प्रभारी डॉ. अमित सिंह के अनुसार विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहा है। इसी क्रम में भूटान के नोरबुलिंग रिग्टर कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन हुआ। यह कार्यक्रम रुविवि के गोल्डन जुबली समारोह की सीरीज का भाग रहा। मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. केपी सिंह रहे।
उन्होंने यहां भारतीय दूतावास में उपस्थिति दर्ज कराई। एक एमओयू के अतिरिक्त भूटान की अन्य शैक्षिक संस्थाओं के साथ भी एमओयू करने पर चर्चा की गई। एमओयू से शोध समेत शैक्षिक गतिविधियों में दोनों संस्थानों के विद्यार्थी एक-दूसरे का सहयोग ले सकेंगे और नवाचार कर सकेंगे। इसमें ऑफलाइन मोड में 15 से अधिक व ऑनलाइन मोड में 100 से ज्यादा शोध पत्रों का प्रस्तुतिकरण हुआ।
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पैनल डिस्कशन व शोधपत्र में रुविवि, दुबई, नेपाल, भूटान, प्रयागराज, दिल्ली, बीएचयू, वीबीएस पूर्वांचल विवि, गोरखपुर विवि, मुंबई विवि, कुमाऊं, राजस्थान, मोतिहारी के विशेषज्ञ शामिल रहे। पेपर प्रस्तुतिकरण में डॉ. प्रिया सक्सेना, डॉ. चारू मेहरोत्रा, डॉ. अनुराग अग्रवाल, डॉ. त्रिलोचन शर्मा, डॉ. अमित सिंह, प्रो. अनुपमा मेहरोत्रा आदि ने अहम सुझाव दिए। इसमें भूटान के 200 से अधिक विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।
सम्मेलन में रॉयल यूनिवर्सिटी ऑफ भूटान, इंडो-गल्फ मैनेजमेंट एसोसिएशन यूएई, जॉन करोल यूनिवर्सिटी यूएसए, एसएस कॉलेज शाहजहांपुर, ग्लोबल कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट नेपाल आदि का सहयोग रहा। इस दौरान भूटान से प्रो. कर्मा द्रुक्पा, डॉ. कुंजांग द्रुक्पा, कोऑर्डिनेटर लहतो जांबा, रुविवि से संयोजक प्रो. तूलिका सक्सेना, कुलसचिव संजीव कुमार उपस्थित रहे। संवाद
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के विद्यार्थी भूटान में भी उच्च शिक्षा हासिल कर सकेंगे। इसके लिए हाल ही में विवि व रॉयल कॉलेज ऑफ भूटान के मध्य समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ है। इससे आने वाले समय में संकाय व विद्यार्थियों की अदला-बदली संभव हो सकेगी।
मीडिया प्रभारी डॉ. अमित सिंह के अनुसार विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहा है। इसी क्रम में भूटान के नोरबुलिंग रिग्टर कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन हुआ। यह कार्यक्रम रुविवि के गोल्डन जुबली समारोह की सीरीज का भाग रहा। मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. केपी सिंह रहे।
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उन्होंने यहां भारतीय दूतावास में उपस्थिति दर्ज कराई। एक एमओयू के अतिरिक्त भूटान की अन्य शैक्षिक संस्थाओं के साथ भी एमओयू करने पर चर्चा की गई। एमओयू से शोध समेत शैक्षिक गतिविधियों में दोनों संस्थानों के विद्यार्थी एक-दूसरे का सहयोग ले सकेंगे और नवाचार कर सकेंगे। इसमें ऑफलाइन मोड में 15 से अधिक व ऑनलाइन मोड में 100 से ज्यादा शोध पत्रों का प्रस्तुतिकरण हुआ।
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पैनल डिस्कशन व शोधपत्र में रुविवि, दुबई, नेपाल, भूटान, प्रयागराज, दिल्ली, बीएचयू, वीबीएस पूर्वांचल विवि, गोरखपुर विवि, मुंबई विवि, कुमाऊं, राजस्थान, मोतिहारी के विशेषज्ञ शामिल रहे। पेपर प्रस्तुतिकरण में डॉ. प्रिया सक्सेना, डॉ. चारू मेहरोत्रा, डॉ. अनुराग अग्रवाल, डॉ. त्रिलोचन शर्मा, डॉ. अमित सिंह, प्रो. अनुपमा मेहरोत्रा आदि ने अहम सुझाव दिए। इसमें भूटान के 200 से अधिक विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।
सम्मेलन में रॉयल यूनिवर्सिटी ऑफ भूटान, इंडो-गल्फ मैनेजमेंट एसोसिएशन यूएई, जॉन करोल यूनिवर्सिटी यूएसए, एसएस कॉलेज शाहजहांपुर, ग्लोबल कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट नेपाल आदि का सहयोग रहा। इस दौरान भूटान से प्रो. कर्मा द्रुक्पा, डॉ. कुंजांग द्रुक्पा, कोऑर्डिनेटर लहतो जांबा, रुविवि से संयोजक प्रो. तूलिका सक्सेना, कुलसचिव संजीव कुमार उपस्थित रहे। संवाद