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रुविवि में छात्रों का सात घंटे हंगामा, तोड़फोड़, हाथापाई, चार छात्र बेहोश

Fri, 16 Sep 2022 02:09 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 16 Sep 2022 02:09 AM IST
सार

रुहेलखंड विश्वविद्यालय की स्नातक परीक्षा के परिणामों में हुई भारी गड़बड़ियां हफ्ते भर बाद भी दुरुस्त न होने पर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा।सैकड़ों छात्रों ने विश्वविद्यालय में दिन भर हंगामा और तोड़फोड़ की।प्रशासनिक भवन का गेट भी तोड़ने की कोशिश की और जब इसमें कामयाबी नहीं मिली तो उस पर ताला जड़ दिया।

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Students created ruckus, sabotage in Rohilkhand University for seven hours
बारिश में भीगते हुए विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के साथ छात्र-छात्रायों ने कि

विस्तार

बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय की स्नातक परीक्षा के परिणामों में हुई भारी गड़बड़ियां हफ्ते भर बाद भी दुरुस्त न होने पर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों छात्रों ने विश्वविद्यालय में दिन भर हंगामा और तोड़फोड़ की। प्रशासनिक भवन पर ताला जड़ दिया। इस बीच विश्वविद्यालय के अधिकारियों और पुलिसकर्मियों से उनकी नोकझोंक और हाथापाई भी हुई। कुलपति के माफी मांगने और दस दिन में परिणाम दुरुस्त कराने का भरोसा दिलाने पर हंगामा शांत हुआ।
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छात्रों ने बड़े स्तर पर प्रदर्शन की तैयारी पहले से कर रखी थी लेकिन विश्वविद्यालय को इसकी भनक नहीं लगी। बृहस्पतिवार सुबह बरेली के अलावा मुरादाबाद और मेरठ मंडल से सैकड़ों छात्र विश्वविद्यालय पहुंच गए। करीब 11 बजे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर तले विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन को घेरकर उसका गेट बंद करने के बाद प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। हंगामे और नारेबाजी के बीच चीफ प्रॉक्टर प्रो. जेएन मौर्य मुख्य सुरक्षा अधिकारी सुधांशु के साथ छात्रों से बात करने पहुंचे लेकिन छात्रों ने उनसे बात करने से इन्कार कर दिया और कुलपति को बुलाने की मांग की।
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एक घंटे तक प्रदर्शन के बावजूद कुलपति बात करने नहीं पहुंचे तो छात्र बेकाबू हो गए। उन्होंने प्रशासनिक भवन के आसपास रखे गमले और सीसीटीवी कैमरे तोड़ने शुरू कर दिए। प्रशासनिक भवन का गेट भी तोड़ने की कोशिश की और जब इसमें कामयाबी नहीं मिली तो उस पर ताला जड़ दिया। इस बीच भारी तादाद में पुलिस फोर्स भी आ गया। छात्रों को रोकने की कोशिश की गई तो वे विश्वविद्यालय के अधिकारियों और पुलिसकर्मियों से भी भिड़ गए। काफी देर नोकझोंक होने के बाद हाथापाई तक हो गई।
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इस बीच कई छात्र और छात्राएं प्रशासनिक भवन की छत पर चढ़ गए और पत्थर मारकर उसके शीशे तोड़ने की कोशिश शुरू कर दी। छात्रों का गुस्सा देख अधिकारियों का पसीना छूट गया। इस सबके बाद कुलपति प्रो. केपी सिंह छात्रों से बात करने पहुंचे। उन्होंने छात्रों से माफी मांगी और दस दिन के अंदर उनकी समस्याओं को हल कराने का भरोसा दिलाया, तब कहीं सात घंटे बाद हंगामा खत्म हुआ।
भ्रष्टाचार के आरोपों की बौछार के साथ
की नारेबाजी तो लौट गए कुलपति
कुलपति प्रो. केपी सिंह के न आने पर छात्रों का गुस्सा बढ़ता रहा। काफी देर बाद कुलपति आए तो छात्रों ने उनके सामने जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। विद्यार्थी परिषद के महानगर मंत्री अमन सिंह तोमर और संगठन मंत्री अवनी यादव ने कहा कि एजेंसी की लापरवाही की वजह से परीक्षा परिणामों में लगातार गड़बड़ी हो रही है। फिर भी विश्वविद्यालय के अधिकारी एजेंसी पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इस पर कुलपति ने कहा कि एजेंसी का चयन केंद्र और प्रदेश सरकार करती हैं। विश्वविद्यालय की इसमें कोई भूमिका नहीं होती। इस पर छात्रों ने पूछा कि परिणाम में गड़बड़ी कैसे सुधरेंगी। उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रबंधन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि शैक्षिक सत्र भी एकेडमिक कैलेंडर के मुताबिक नहीं चल रहा है। बगैर सूचना दिए परीक्षा की तिथियां बदल जाती हैं। छात्रों को लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, विश्वविद्यालय के अधिकारी फिर भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। छात्रों ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए फिर नारेबाजी शुरू की तो कुलपति अन्य अधिकारियों के साथ अपने कार्यालय में लौट गए। इस पर छात्रों का गुस्सा और बढ़ गया। उन्होंने प्रदर्शन और तेज कर दिया। प्रदर्शन के बीच बारिश भी होती रही लेकिन छात्रों ने उसकी परवाह नहीं की।
छात्राएं भी चढ़ीं प्रशासनिक भवन की छत
पर, प्रदर्शन के बीच चार छात्र हुए बेहोश
कुलपति के बातचीत अधूरी छोड़कर लौटने पर भड़के कई छात्र विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के गेट पर चढ़ गए। कई छात्राएं भी छत पर चढ़ गईं। नारेबाजी के बीच उन्होंने प्रशासनिक भवन के शीशों पर पत्थर भी चलाए। छात्रों की मांग के बावजूद कुलपति दोबारा बातचीत के लिए नहीं पहुंचे तो उन्होंने विश्वविद्यालय में ही मार्च किया और प्रशासनिक भवन के पिछले गेट पर ताला डाल दिया। दोबारा गमले तोड़ने शुरू कर दिए। इस दौरान विद्यार्थी परिषद के जलालाबाद संगठन मंत्री निखिल राजपूत के अलावा तीन अन्य छात्र बेहोश हो गए। बारिश के बीच छात्र धरने पर बैठे रहे। प्रशासनिक भवन के मुख्य गेट पर भी ताला लगा दिया और फिर उसे तोड़ने की भी कोशिश की।
सुरक्षाकर्मियों से भी हुई छात्रों की हाथापाई
संकाय के दो शिक्षकों ने धरनास्थल पर पहुंचकर छात्रों को बातचीत के लिए बुलाया तो वे उन पर भड़क गए। इसी बीच साथ आए सुरक्षा कर्मियों से छात्रों की हाथापाई भी हुई। इसके बावजूद शिक्षकों ने छात्र नेताओं से बातचीत की और फिर कुलपति को बुलाया। कुलपति ने छात्रों से मांग पत्र लेकर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। प्रदर्शन में मुख्य रूप से मेरठ प्रांत के मंत्री हंस चौधरी, प्रांत सहमंत्री अंकित पटेल, विभाग संगठन मंत्री अमित भारद्वाज, सिद्धार्थ, मनोज यादव, आकाश राठौर, सचिन सिंह, रवि प्रताप सिंह, अनुष्का, प्रेरणा, प्रशांत, अनिकेत, आनंद, निखिल, हर्षित आदि मौजूद रहे।
सीबीआई जांच की वजह से हटाई थी पिछली एजेंसी
कुलपति ने कहा कि रिजल्ट एजेंसी नहीं, विश्वविद्यालय का परीक्षा नियंत्रक कार्यालय जारी करता है। छात्रों ने कहा कि परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के लोग तो कह रहे हैं कि एजेंसी के कारण सब गड़बड़ हो रहा है। छात्रों ने पूछा कि पुरानी एजेंसी क्यों हटाई गई। कुलपति ने कहा कि उस पर सीबीआई के केस चल रहे हैं। दस साल से वह एजेंसी काम कर रही थी। बदलाव की भी जरूरत थी। बोले, मौजूदा एजेंसियां गड़बड़ी करेंगी तो उन पर भी कार्रवाई होगी। इनकी भी जांच कराएंगे।
शाम को कुलपति की अधिकारियों के साथ बैठक
छात्रों के प्रदर्शन के बाद शाम को कुलपति प्रो. केपी सिंह ने अधिकारियों के साथ बैठक की और उन्हें छात्रों की समस्याओं का त्वरित ढंग से समाधान करने का निर्देश दिया। हिदायत दी कि अधिकारी छात्रों से नियमित वार्ता भी करते रहें। बैठक में रजिस्ट्रार डॉ. राजीव कुमार, परीक्षा नियंत्रक संजीव सिंह, डीएसडब्ल्यू प्रो. पीबी सिंह, चीफ प्रॉक्टर प्रो. जेएन मौर्य, मुख्य सुरक्षा अधिकारी सुधांशु आदि मौजूद रहे।

विश्वविद्यालय के छात्र हमारी प्राथमिकता है। प्रवेश करने, परीक्षा कराने व और परिणाम जारी करने को लेकर उनकी जो भी शंकाएं हैं, वे संवाद के जरिए ही समाप्त हो सकती हैं। छात्रों के हितों के लिए काम करते रहेंगे। उनकी समस्याओं का समाधान जल्द होगा। - प्रो. केपी सिंह, कुलपति रुहेलखंड विश्वविद्यालय

रोहिलखंड विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र छात्रायों से बात ना करने पर छा

रोहिलखंड विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र छात्रायों से बात ना करने पर छा- फोटो : CITY

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