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Bareilly News: धान में पहुंचा तनावेदक और भूरा फुदका कीट

Sun, 29 Sep 2024 11:04 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 29 Sep 2024 11:04 PM IST
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Stress worm and brown hopper pests reached paddy
उझानी के खेतों में धान की फसल। संवाद
उझानी। पिछले कई दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश की वजह से धान की फसल में तनावेदक और भूरा फुदका कीट लग गया है। खेतों में बारिश का पानी भर जाने के कारण ये कीट पनपने लगे हैं, जिसका सीधा प्रभाव पैदावार पर पड़ने से किसान चिंतित हैं।
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बारिश के दौरान पिछले दिनों तेज हवा में करीब 20 फीसदी धान की फसल बिछ गई थी। इसके बाद भी बारिश रुक-रुक कर होती रही। खेतों में पानी भी भर गया। जानकार बताते हैं कि जिन खेतों में खड़ी धान की फसल में अब भी बारिश का पानी भरा है, उनमें तनावेदक और भूरा फुदका का प्रकोप बढ़ा है।
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तनावेदक पौधे में तने के जरिये बालियों तक पहुंच जाता है। चपेट में पौधों की बालियां सफेद नजर आने लगती हैं। इसी तरह भूरा फुदका पौधे को तने से ही चूस लेता है। फसल में टापू जैसे बन जाते हैं। पिछले साल धान में सबसे ज्यादा प्रकोप भूरा फुदका का रहा था। पैदावार पर तब भी प्रभाव पड़ा था। इस बार भी पैदावार प्रभावित होने की आशंका है। भूरा फुदका और तनावेदक से बचाव का देशी उपाय तो यह भी है कि धान की फसल में बारिश के पानी के निकास की व्यवस्था कर दी जाए।
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ऐसे करें फसल का बचाव

तनावेदक : कारटाप हाइड्रोक्लोराइड 75 प्रतिशत की दो सौ ग्राम मात्रा का दो सौ लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करने से कीट मृत हो जाता है।
भूरा फुदका : पाइमैट्रोजाइन 50 प्रतिशत की 120 ग्राम मात्रा को दो सौ लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ या फिर बुप्रोफेजिन चार सौ मिली का पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें, कीट मृत हो जाएगा।


बारिश से बाजरा समेत सब्जी और अन्य फसलों को पहुंचा फायदा
बारिश के दौरान पिछले दिनों बाजरा समेत मिर्च और शिमला मिर्च को नुकसान हुआ था, लेकिन बाद में शिमला मिर्च और बाजरा लहलहाने लग गया। सब्जी फसलों में टमाटर, अगेती फुल और पत्तीदार गोभी, बैंगन की फसल को मौसम के मौजूदा मिजाज से फायदा हुआ है। मचान पर उगने वाली सब्जियों में लौकी और करेला को भी बारिश से संजीवनी मिली।



धान की फसल में कीट के प्रकोप से नुकसान होने का अंदेशा बना हुआ है। तनावेदक और भूरा फुदका तराई में ज्यादा नुकसानदेह साबित हो रहा है। फसल में जलभराव या फिर अत्यधिक नमी की वजह से कीट नुकसान पहुंचाता है।- डॉ. संजय कुमार, कृषि वैज्ञानिक
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