बरेली: उत्तराखंड तक हो रही थी नकली खाद की सप्लाई, जांच में जुटी पुलिस, कारोबारी पर रिपोर्ट दर्ज
बरेली में नकली खाद बनाने की शिकायत पर कृषि विभाग की टीम ने मैसर्स आयुष्मान फर्टिलाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड पर छापा मारकर 1200 बोरी खाद जब्त की। जिला कृषि अधिकारी ऋतुषा तिवारी की तहरीर पर मालिक आयुष अग्रवाल पर मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस अब सप्लाई रिकॉर्ड खंगालेगी।
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बरेली के बुखारा मोड़ स्थित मैसर्स आयुष्मान फर्टिलाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड के परिसर में नकली खाद तैयार किए जाने की शिकायत पर कृषि विभाग की टीम ने छापा मारकर 1200 बोरी खाद जब्त की है। मामले में जिला कृषि अधिकारी ऋतुषा तिवारी की तहरीर पर कैंट थाने में फर्म के मालिक आयुष अग्रवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस अब फर्म से पिछले दो माह में हुई खाद की सप्लाई का रिकॉर्ड खंगालेगी।
जिला कृषि अधिकारी ऋतुषा तिवारी के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद टीम ने आयुष्मान फर्टिलाइजर्स के विनिर्माण परिसर में छापा मारा। यहां कुल 1200 बोरी खाद मिली। इनमें 950 बोरी अनुदानित यूरिया (आरसीएफ) और 250 बोरी आयुष्मान फर्टिलाइजर्स प्रा.लि. निर्मित पीआरओएम के छपे हरे बैग में भरी यूरिया मिली। दोनों प्रकार की खाद के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
विभाग की जांच में प्रथम दृष्टया आशंका जताई गई है कि मौके पर मिली अनुदानित यूरिया का इस्तेमाल आयुष्मान फर्टिलाइजर्स द्वारा कच्चे मैटेरियल के रूप में किया जा रहा था। कृषि विभाग ने इसे उर्वरक (परिसंचलन) नियंत्रण आदेश, 1973 के क्लॉज-4सी और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा-3 के प्रावधानों का उल्लंघन माना है।
पुलिस खंगालेगी सप्लाई नेटवर्क
आयुष्मान फर्टिलाइजर्स से केवल बरेली मंडल ही नहीं, बल्कि अन्य जिलों में भी खाद की सप्लाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। उत्तराखंड के कई जिलों और हरियाणा से भी लिंक जुड़ने की बात सामने आ रही है। हालांकि सप्लाई का पूरा नेटवर्क पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
एएसपी शिवम आशुतोष ने बताया कि कृषि अधिकारी और प्रवर्तन दल की टीम ने कैंट के आयुष्मान फर्टिलाइजर्स के विनिर्माण परिसर में छापेमारी की। 950 बोरी अनुदानित यूरिया (आरसीएफ) और 250 बोरी आयुष्मान फर्टिलाइजर्स प्रा.लि. निर्मित पीआरओएम के छपे हरे बैग में भरी यूरिया मिली। कृषि अधिकारी की तहरीर पर मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना आरंभ कर दी गई है।