एशियन गेम्स 2026: आईटीबीपी की परवीन हुड्डा ने बॉक्सिंग में जीता स्वर्ण पदक, बरेली यूनिट में हैं तैनात
तृतीय वाहिनी आईटीबीपी बरेली की असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर परवीन हुड्डा ने एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीता है। उन्होंने महिलाओं की 65 किलोग्राम बॉक्सिंग कैटेगरी में यह उपलब्धि हासिल कर देश का नाम रोशन किया।
विस्तार
बरेली की तृतीय वाहिनी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) से जुड़ी महिला बॉक्सर असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) परवीन हुड्डा ने एशियाई खेल-2026 में महिलाओं की 65 किलोग्राम बॉक्सिंग स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। हरियाणा के रोहतक की रहने वाली परवीन वर्ष 2021 से बरेली स्थित तृतीय वाहिनी आईटीबीपी के बुखारा कैंप में तैनात हैं। यूनिट की स्ट्रेंथ में रहते हुए वह आईटीबीपी की केंद्रीय टीम से खेलती हैं और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व करती हैं।
परवीन की इस उपलब्धि से बरेली की आईटीबीपी यूनिट में भी खुशी का माहौल है। तृतीय वाहिनी के उप सेनानी मोहित के अनुसार, परवीन लंबे समय से यूनिट से जुड़ी हुई हैं। खेल प्रतियोगिताओं के दौरान वह केंद्रीय टीम के साथ रहती हैं, लेकिन उनकी मूल तैनाती तृतीय वाहिनी बरेली के बुखारा कैंप में है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना बरेली की यूनिट के लिए भी गौरव का विषय है।
65 किलोग्राम वर्ग में हासिल किया स्वर्ण
एशियाई खेल-2026 की महिलाओं की 65 किलोग्राम बॉक्सिंग स्पर्धा में परवीन हुड्डा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने चीनी ताइपे की निएन-चिन चेन को 3-2 से हराया। करीबी मुकाबले में जीत दर्ज कर परवीन ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली।
परवीन की सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि वह खेल के साथ आईटीबीपी में अपनी जिम्मेदारी भी निभा रही हैं। वर्दी में ड्यूटी और बॉक्सिंग रिंग में देश के लिए मुकाबला करने की दोहरी जिम्मेदारी के बीच उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अपनी पहचान बनाई है।
2019 से शुरू हुआ अंतरराष्ट्रीय पदकों का सफर
परवीन हुड्डा के अंतरराष्ट्रीय पदक जीतने का सिलसिला वर्ष 2019 से शुरू हुआ। नेपाल के काठमांडू में आयोजित दक्षिण एशियाई खेलों में उन्होंने 60 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। इस प्रदर्शन के बाद अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग में उनकी पहचान मजबूत हुई।
वर्ष 2022 में जॉर्डन के अम्मान में आयोजित एशियाई एमेच्योर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में परवीन ने 63 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया। अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतते हुए उन्होंने भारतीय महिला बॉक्सिंग में अपनी जगह बनाई।
नौकरी के साथ खेल में भी बनाई पहचान
आईटीबीपी में एएसआई के पद पर तैनात परवीन हुड्डा के लिए बॉक्सिंग और सरकारी सेवा साथ-साथ चलती रही हैं। आईटीबीपी की केंद्रीय टीम का हिस्सा होने के कारण उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खेलने का अवसर मिलता है। उप सेनानी मोहित के मुताबिक, परवीन यूनिट की स्ट्रेंथ में हैं और वर्ष 2021 से बुखारा कैंप में तैनात हैं। उनकी उपलब्धि से तृतीय वाहिनी के अधिकारियों और जवानों में उत्साह है।
आईटीबीपी में खुशी का माहौल
परवीन हुड्डा के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने पर तृतीय वाहिनी आईटीबीपी बरेली के अधिकारियों और जवानों ने खुशी जताई है। वाहिनी के पदाधिकारियों ने उनकी उपलब्धि को देश और बल के लिए गौरव का विषय बताया। बरेली में तैनाती के दौरान परवीन ने जहां आईटीबीपी की जिम्मेदारियों का निर्वहन किया, वहीं खेल के मैदान में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल कीं। एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक उनकी इसी खेल यात्रा की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल हो गया है।