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जो प्रदूषण कम फैलाएं.. एसईजेड में वही उद्योग लगाएं
बरेली।
Updated Fri, 17 Nov 2017 03:39 AM IST
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नेशनल हाईवे पर रामपुर रोड स्थित रबर फैक्ट्री की बेशकीमती जमीन का सर्वे करने के बाद नोवार्च आर्किटेक्ट एंड इंजीनियर्स कंपनी ने यहां एसईजेड बनाने के लिए लेआउट तैयार करके डीएम को सौंप दिया है। इस वीरान इलाके में पांच अलग-अलग क्लस्टरों में एसईजेड विकसित करके बरेली शहर को चार चांद लगाने के लिए 1156 करोड़ रु पये का एस्टीमेट तैयार किया गया है। पहले फेस में एसईजेड के अलावा और भी कई ऐसे उद्योग प्रस्तावित किए गए हैं, जो लगभग प्रदूषण रहित होंगे। दूसरे फेस में एग्रीकल्चर बेस्ड उद्योग लगाए जाने पर विचार किया जा रहा है। डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह के मुताबिक रबर फैक्ट्री की जमीन पर एसईजेड स्थापित करने के लिए बनाए गए ले आउट पर आला अफसरों के अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी चर्चा की जाएगी, जिसके बाद इसे शासन को भेज दिया जाएगा। शासन से स्वीकृति मिलने और जमीन का स्वामित्व वापस होते ही इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
रोजगार के अवसर मिलेंगे
रबर फैक्ट्री बरेली शहर से करीब 13 किलोमीटर दूरी पर है। इस जमीन से रेलवे और नेशनल हाईवे का भी कनेक्शन है। इससे उद्यमियों को यहां अपने कारोबार चलाने में खास मदद मिलेगी। 2011 की जनगणना के मुताबिक बरेली जिले की जनसंख्या 44 लाख 48 हजार 359 है। 2001 की तुलना में जनसंख्या में 22.93 की दर से बढ़ोत्तरी हुई है। प्रशासन के मुताबिक बरेली शहर में 59 फीसदी पुरुष और 41 फीसदी महिलाएं पढ़ी लिखी हैं, लेकिन रोजगार के अवसर इस अनुपात में नहीं बढ़ पाए हैं। रबर फैक्ट्री में औद्योगिक इकाइयां लगने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
भिटौरा रेलवे स्टेशन का होगा कायापलट
रबर फैक्ट्री की जमीन पर कंटेनर डिपो बनने के बाद भिटौरा रेलवे स्टेशन के दिन भी बहुरेंगे। स्टेशन का विस्तार करने के साथ रेलवे को यहां नए प्लेटफार्म भी बनाने होंगे। जाहिर है कि इसका लाभ आसपास के बड़े इलाके की आम जनता को भी मिलेगा।
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90 करोड़ से बनेगा सोलर पार्क
रबर फैक्ट्री की जमीन पर 90 करोड़ की लागत से सोलर पार्क बनाया जाएगा जिसमें करीब 15 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। इस बिजली को ग्रिड को दे दिया जाएगा। इस औद्योगिक क्षेत्र में 24 घंटे बिजली की आपूर्ति होगी। माना जा रहा है कि यहां बनने वाली बिजली पर जिले का ही सबसे पहला हक होगा।
रबर फैक्ट्री की जमीन औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के हिसाब से बेहतर है। हमने आर्कि टेक्ट राज गोयल और निशांत गोयल के साथ मिलकर रबर फैक्ट्री की जमीन पर ले आउट तैयार किया है। इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाए जाने के बाद ही इसे शासन को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। यह प्रोजेक्ट बरेली के विकास को गति देगा। -मंजूू गोयल, आर्किटेक्ट
शासन को मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजेंगे: डीएम
सेठ तुलसीदास किला चंद से रबर फैक्ट्री की जमीन वापस लेने के लिए कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जमीन का सर्वे कराने के बाद ले आउट तैयार करा लिया गया है। अब डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट(डीपीआर) तैयार कराकर शासन को मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। इस प्रोजेक्ट से शहर के विकास में चार चांद लगेंगे और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। -राघवेंद्र विक्रम सिंह, डीएम
रोजगार के अवसर मिलेंगे
रबर फैक्ट्री बरेली शहर से करीब 13 किलोमीटर दूरी पर है। इस जमीन से रेलवे और नेशनल हाईवे का भी कनेक्शन है। इससे उद्यमियों को यहां अपने कारोबार चलाने में खास मदद मिलेगी। 2011 की जनगणना के मुताबिक बरेली जिले की जनसंख्या 44 लाख 48 हजार 359 है। 2001 की तुलना में जनसंख्या में 22.93 की दर से बढ़ोत्तरी हुई है। प्रशासन के मुताबिक बरेली शहर में 59 फीसदी पुरुष और 41 फीसदी महिलाएं पढ़ी लिखी हैं, लेकिन रोजगार के अवसर इस अनुपात में नहीं बढ़ पाए हैं। रबर फैक्ट्री में औद्योगिक इकाइयां लगने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
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भिटौरा रेलवे स्टेशन का होगा कायापलट
रबर फैक्ट्री की जमीन पर कंटेनर डिपो बनने के बाद भिटौरा रेलवे स्टेशन के दिन भी बहुरेंगे। स्टेशन का विस्तार करने के साथ रेलवे को यहां नए प्लेटफार्म भी बनाने होंगे। जाहिर है कि इसका लाभ आसपास के बड़े इलाके की आम जनता को भी मिलेगा।
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90 करोड़ से बनेगा सोलर पार्क
रबर फैक्ट्री की जमीन पर 90 करोड़ की लागत से सोलर पार्क बनाया जाएगा जिसमें करीब 15 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। इस बिजली को ग्रिड को दे दिया जाएगा। इस औद्योगिक क्षेत्र में 24 घंटे बिजली की आपूर्ति होगी। माना जा रहा है कि यहां बनने वाली बिजली पर जिले का ही सबसे पहला हक होगा।
रबर फैक्ट्री की जमीन औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के हिसाब से बेहतर है। हमने आर्कि टेक्ट राज गोयल और निशांत गोयल के साथ मिलकर रबर फैक्ट्री की जमीन पर ले आउट तैयार किया है। इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाए जाने के बाद ही इसे शासन को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। यह प्रोजेक्ट बरेली के विकास को गति देगा। -मंजूू गोयल, आर्किटेक्ट
शासन को मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजेंगे: डीएम
सेठ तुलसीदास किला चंद से रबर फैक्ट्री की जमीन वापस लेने के लिए कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जमीन का सर्वे कराने के बाद ले आउट तैयार करा लिया गया है। अब डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट(डीपीआर) तैयार कराकर शासन को मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। इस प्रोजेक्ट से शहर के विकास में चार चांद लगेंगे और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। -राघवेंद्र विक्रम सिंह, डीएम