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जूडो प्रतियोगिता - आठ गोल्ड के साथ अंतिम दिन भी सहारनपुर में मारी बाजी

Sat, 19 Oct 2019 02:03 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 19 Oct 2019 02:03 AM IST
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स्टेट लेवल जूडो टूर्नामेंट
आखिरी दिन भी सहारनपुर ने आठ गोल्ड
मेडल जीतकर कायम रखी बादशाहत
- बरेली के खिलाड़ियों का प्रदर्शन रहा बेहद खराब, सिर्फ दो गोल्ड मेडल ही आए हाथ
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अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। जीआईसी में चल रही प्रदेश स्तरीय जूडो प्रतियोगिता अंडर-19 का शुक्रवार को समापन हो गया। 31 सालों में पहली बार बरेली को इस प्रतियोगिता की मेजबानी का मौका मिला था, लेकिन बेहद खराब प्रदर्शन के चलते यहां के खिलाड़ी पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ दो गोल्ड मेडल ही जीत सके। सहारनपुर मंडल के खिलाड़ियों ने अंतिम दिन भी आठ गोल्ड मेडल जीतकर अपनी बादशाहत कायम रखी। सहारनपुर के खिलाड़ियों ने इस टूर्नामेंट में कुल 14 गोल्ड मेडल जीते। मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय रेफरी मुनव्वर अंजार ने विजेताओं को पुरस्कृत किया। समापन पर छात्र-छात्राओं ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
अंडर-19 बालिका के 36 किलो भारवर्ग में मेरठ की चंचल, 40 किलो में प्रयागराज की प्रियंका, 44 किलो में सहारनपुर की बरखा, 52 किलो में सहारनपुर की नबिया, 57 किलो में सहारनपुर की रश्मि, 63 किलो में गोरखपुर की शिवानी, 70 किलो में कानपुर की सारिका और इससे ऊपर के भारवर्ग में मुरादाबाद की पुष्पांजलि ने गोल्ड मेडल जीते। बालकों के 40 किलो भारवर्ग में सहारनपुर के रितेश, 45 किलो में प्रयागराज के तसलीम, 55 किलो में सहारनपुर के तुषार, 60 किलो में वाराणसी के विवेक, 66 किलो में सहारनपुर के आकाश, 73 किलो में सहारनपुर के अखिलेश, 81 किलो में गोरखपुर के अखिलेश और 90 किलो में सहारनपुर के कृष्णा ने गोल्ड मेडल जीते।
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अंतिम दिन बरेली के खिलाड़ियों में लड़कों ने दो और लड़कियों ने सिर्फ एक सिल्वर मेडल ही जीता। खराब प्रदर्शन की वजह पूछने पर खिलाड़ियों ने बताया कि कोच न होन से उनकी ठीक से तैयारी ही नहीं हो पाती है। करीब एक साल से शहर में कोई स्थायी कोच नहीं हैं। जूडो एसोसिएशन होने के बावजूद कोई इस पर कोई ध्यान नहीं देता है। मार्च में खिलाड़ियों ने डीएम के सामने भी अपनी समस्या रखी थी, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। हालांकि कुछ निजी एकेडमी संचालकों ने खिलाड़ियों की इस शिकायत को उनमें लगन की कमी बताकर हवा में उड़ा दिया।
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