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कीर्तन दरबार में संगत हुई निहाल
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बरेली। श्री गुरु नानक देव जी के 550 वें प्रकाश पर्व पर गुरुद्वारा जनकपुरी में शनिवार को शब्द प्रचार समागम हुआ। इसमें पन्थ के महान कीर्तनी कीर्तन सम्राट भाई मनप्रीत सिंह कानपुरी ने समूह संगत को गुरु के शब्दों से निहाल किया। दीवान की शुरुआत श्री रहरास साहिब के पाठ से की गई। फिर हजूरी रागी जत्था भाई हरमीत सिंह जी ने कीर्तन किया। ज्ञानी लखविंदर सिंह ने गुरु साहिब की जीवनी पर प्रकाश डाला।
इस दौरान छोटे बच्चों ने राग दरबार में हिस्सा लेकर सभी शब्दों का राग में गायन किया। इसके बाद मनप्रीत सिंह ने स्टेज पर दस्तक दी तो पूरा हाल जयकारों से गूंज गया। उन्होंने शब्द ‘तेरा एक नाम तारे संसार’ गायन कर संगत को मंत्र मुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में अखंड कीर्तनी जत्थे और सिख संगत का सहयोग रहा। दीवान की समाप्ति अरदास से हुई।
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इस दौरान छोटे बच्चों ने राग दरबार में हिस्सा लेकर सभी शब्दों का राग में गायन किया। इसके बाद मनप्रीत सिंह ने स्टेज पर दस्तक दी तो पूरा हाल जयकारों से गूंज गया। उन्होंने शब्द ‘तेरा एक नाम तारे संसार’ गायन कर संगत को मंत्र मुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में अखंड कीर्तनी जत्थे और सिख संगत का सहयोग रहा। दीवान की समाप्ति अरदास से हुई।
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