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Bareilly News: जिला अस्पताल से महिला बंदी को भगाने में मददगार बेटा गिरफ्तार
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अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। कोतवाली पुलिस ने जिला अस्पताल से फरार महिला बंदी ममता को भगाने में मदद करने वाले उसके बेटे विशाल वाल्मीकि को गिरफ्तार किया है। ममता दो सितंबर को पुलिस निगरानी से चकमा देकर भाग निकली थी, तब से उसकी तलाश चल रही है। विशाल ने स्वीकार किया कि उसने भाई के साथ मां को बुर्का लाकर दिया, जिसे पहनकर वह निकल भागी।
सीओ सिटी प्रथम आशुतोष शिवम ने बताया कि कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि विशाल शहर छोड़कर भागने की फिराक में है। उसे चौपुला चौराहे के पास से सोमवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। विशाल को थाने लाकर पूछताछ की गई। पुलिस ने विशाल को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। शाम को उसे जेल भेज दिया गया। पहले से कोतवाली में ममता और उसके दोनों बेटों के खिलाफ मामला दर्ज था। अब मुकदमे में धारा की बढ़ोतरी की गई है।
ऐसे हुई थी फरार
दो सितंबर को मुख्य आरक्षी नूतन सिसौदिया और आरक्षी रिंकी की ड्यूटी केंद्रीय कारागार-2 की बंदी ममता की निगरानी में लगी थी। ममता जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती थी। शाम करीब साढ़े छह बजे ममता बाथरूम में नहाने गई। कुछ देर बाद एक बुर्का पहने महिला बाथरूम से निकली, उसे पुलिसकर्मियों ने कोई अन्य महिला समझा। शक होने पर जब बाथरूम में देखा गया तो ममता वहां नहीं थी।
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पूछताछ में कबूला जुर्म
विशाल ने पूछताछ में जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसने और भाई केशव ने मिलकर मां ममता को भगाने में मदद की थी। विशाल ने बताया कि वे दोनों अस्पताल में मां से मिलने गए थे। केशव ने मां को बुर्का दिया था, जिसे पहनकर ममता पुलिसकर्मियों को चकमा देकर भाग निकली। विशाल ने यह भी बताया कि उसे नहीं पता कि उसकी मां इस समय कहां छिपी है। वह खुद पुलिस के डर से शहर छोड़कर भागने की तैयारी में था।
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बरेली। कोतवाली पुलिस ने जिला अस्पताल से फरार महिला बंदी ममता को भगाने में मदद करने वाले उसके बेटे विशाल वाल्मीकि को गिरफ्तार किया है। ममता दो सितंबर को पुलिस निगरानी से चकमा देकर भाग निकली थी, तब से उसकी तलाश चल रही है। विशाल ने स्वीकार किया कि उसने भाई के साथ मां को बुर्का लाकर दिया, जिसे पहनकर वह निकल भागी।
सीओ सिटी प्रथम आशुतोष शिवम ने बताया कि कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि विशाल शहर छोड़कर भागने की फिराक में है। उसे चौपुला चौराहे के पास से सोमवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। विशाल को थाने लाकर पूछताछ की गई। पुलिस ने विशाल को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। शाम को उसे जेल भेज दिया गया। पहले से कोतवाली में ममता और उसके दोनों बेटों के खिलाफ मामला दर्ज था। अब मुकदमे में धारा की बढ़ोतरी की गई है।
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ऐसे हुई थी फरार
दो सितंबर को मुख्य आरक्षी नूतन सिसौदिया और आरक्षी रिंकी की ड्यूटी केंद्रीय कारागार-2 की बंदी ममता की निगरानी में लगी थी। ममता जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती थी। शाम करीब साढ़े छह बजे ममता बाथरूम में नहाने गई। कुछ देर बाद एक बुर्का पहने महिला बाथरूम से निकली, उसे पुलिसकर्मियों ने कोई अन्य महिला समझा। शक होने पर जब बाथरूम में देखा गया तो ममता वहां नहीं थी।
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पूछताछ में कबूला जुर्म
विशाल ने पूछताछ में जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसने और भाई केशव ने मिलकर मां ममता को भगाने में मदद की थी। विशाल ने बताया कि वे दोनों अस्पताल में मां से मिलने गए थे। केशव ने मां को बुर्का दिया था, जिसे पहनकर ममता पुलिसकर्मियों को चकमा देकर भाग निकली। विशाल ने यह भी बताया कि उसे नहीं पता कि उसकी मां इस समय कहां छिपी है। वह खुद पुलिस के डर से शहर छोड़कर भागने की तैयारी में था।