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स्मार्ट सिटी- अब सॉलिड वेस्ट पर शुरू हुई रार, बाकरगंज प्लांट संचालक को नोटिस
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बरेली। नगर निगम में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर फिर रार शुरू हो गई है। बाकरगंज में प्लांट लगाने वाली अमेजो वेस्ट कंपनी नगर निगम से हुए करार के तहत पूरे शहर के कूड़े की मालिक है। वहीं, नगर निगम ने स्मार्ट सिटी के तहत कूड़ा निस्तारण के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाया है। मगर अमेजो वेस्ट कंपनी से करार के चलते इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू नहीं हो सकता। इसके चलते नगर निगम ने कंपनी से करार खत्म करने की कोशिशें शुरू कर दी हैं। इसी कवायद के तहत बाकरगंज में नियमानुसार कूड़ा निस्तारण न होने को लेकर नगर निगम ने अमेजो वेस्ट कंपनी को पहला नोटिस थमा दिया है।
नगर निगम का बाकरगंज स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड सालों पहले भर चुका है लेकिन कोई और इंतजाम न होने के चलते कूड़ा अब भी वहीं डाला जा रहा है। इसके चलते वहां के लोगों की जिंदगी मुश्किल हो गई है और संक्रामक बीमारियां फैल रही हैं। वहां के हालात देखते हुए समाज सेवा मंच ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में याचिका दायर कर नगर निगम को पार्टी बना लिया। एनजीटी की सख्ती देख करीब डेढ़ साल पहले गुजरात की अमेजो वेस्ट सोल्यूशंस कंपनी से करार किया गया। इसके तहत कंपनी को वहां कूड़ा निस्तारण के लिए छह प्लांट लगाने थे। इस कूड़े से तेल और गैस का उत्पादन होना था। ट्रायल के लिए प्लांट लगा और उसने काम भी शुरू कर दिया। मगर वहां सिर्फ प्लास्टिक से तेल ही निकल रहा है। फरवरी में तत्कालीन नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव का ट्रांसफर हो गया। उसके बाद नगर निगम के लिए इस प्लांट की वैल्यू भी खत्म हो गई। लिहाजा कंपनी ने ट्रायल के बाद यहां दूसरा प्लांट नहीं लगाया। अब स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत नगर निगम ने शहर में कूड़ा निस्तारण के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार किया। पिछले दिनों स्मार्ट सिटी की बोर्ड बैठक में यह प्रोजेक्ट रखा गया लेकिन इसे रोकना पड़ा। इसकी वजह नगर निगम और अमेजो वेस्ट कंपनी के बीच हुआ करार था। करार के मुताबिक नगर निगम क्षेत्र के सारे कूड़े की मालिक कंपनी है और जब कंपनी इसकी मालिक है तो उस कूड़े के लिए स्मार्ट सिटी दूसरा प्रोजेक्ट नहीं बना सकती। लिहाजा इस करार को खत्म करने के नगर निगम ने दांव-पेंच शुरू कर दिए हैं और प्लांट को वहां पर सिर्फ प्लास्टिक निस्तारण करने को लेकर नोटिस थमा दिया है। इसमें कहा गया है कि अनुबंध के मुताबिक कंपनी कूड़े का निस्तारण नहीं कर रही है।
50 करोड़ के प्रोजेक्ट से होने वाले काम
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 50 करोड़ रुपये का सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट बनाया गया है। इसके तहत शहर के चारों कोनों पर कूड़ा इकट्ठा करने और उसके पृथक्करण करने के लिए ट्रांसफर स्टेशन बनाने के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने का काम होना है।
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बाकरगंज प्लांट में सिर्फ प्लास्टिक का निस्तारण हो रहा है जबकि कंपनी को यहां कूड़े का पूरा ढेर खत्म करना था। कूड़ा निस्तारण की गति काफी कम होने के चलते प्लांट संचालक को नोटिस दिया गया है। - संजीव प्रधान, प्रभारी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
प्लांट का संचालन लगातार जारी है। शनिवार को भी नगर निगम ने हमें प्लास्टिक मैटीरियल उपलब्ध कराया है। नगर निगम से कोई नोटिस भी अब तक प्राप्त नहीं हुआ है। - संतोष कुमार, मैनेजर, बाकरगंज प्लांट
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नगर निगम का बाकरगंज स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड सालों पहले भर चुका है लेकिन कोई और इंतजाम न होने के चलते कूड़ा अब भी वहीं डाला जा रहा है। इसके चलते वहां के लोगों की जिंदगी मुश्किल हो गई है और संक्रामक बीमारियां फैल रही हैं। वहां के हालात देखते हुए समाज सेवा मंच ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में याचिका दायर कर नगर निगम को पार्टी बना लिया। एनजीटी की सख्ती देख करीब डेढ़ साल पहले गुजरात की अमेजो वेस्ट सोल्यूशंस कंपनी से करार किया गया। इसके तहत कंपनी को वहां कूड़ा निस्तारण के लिए छह प्लांट लगाने थे। इस कूड़े से तेल और गैस का उत्पादन होना था। ट्रायल के लिए प्लांट लगा और उसने काम भी शुरू कर दिया। मगर वहां सिर्फ प्लास्टिक से तेल ही निकल रहा है। फरवरी में तत्कालीन नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव का ट्रांसफर हो गया। उसके बाद नगर निगम के लिए इस प्लांट की वैल्यू भी खत्म हो गई। लिहाजा कंपनी ने ट्रायल के बाद यहां दूसरा प्लांट नहीं लगाया। अब स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत नगर निगम ने शहर में कूड़ा निस्तारण के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार किया। पिछले दिनों स्मार्ट सिटी की बोर्ड बैठक में यह प्रोजेक्ट रखा गया लेकिन इसे रोकना पड़ा। इसकी वजह नगर निगम और अमेजो वेस्ट कंपनी के बीच हुआ करार था। करार के मुताबिक नगर निगम क्षेत्र के सारे कूड़े की मालिक कंपनी है और जब कंपनी इसकी मालिक है तो उस कूड़े के लिए स्मार्ट सिटी दूसरा प्रोजेक्ट नहीं बना सकती। लिहाजा इस करार को खत्म करने के नगर निगम ने दांव-पेंच शुरू कर दिए हैं और प्लांट को वहां पर सिर्फ प्लास्टिक निस्तारण करने को लेकर नोटिस थमा दिया है। इसमें कहा गया है कि अनुबंध के मुताबिक कंपनी कूड़े का निस्तारण नहीं कर रही है।
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50 करोड़ के प्रोजेक्ट से होने वाले काम
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 50 करोड़ रुपये का सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट बनाया गया है। इसके तहत शहर के चारों कोनों पर कूड़ा इकट्ठा करने और उसके पृथक्करण करने के लिए ट्रांसफर स्टेशन बनाने के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने का काम होना है।
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बाकरगंज प्लांट में सिर्फ प्लास्टिक का निस्तारण हो रहा है जबकि कंपनी को यहां कूड़े का पूरा ढेर खत्म करना था। कूड़ा निस्तारण की गति काफी कम होने के चलते प्लांट संचालक को नोटिस दिया गया है। - संजीव प्रधान, प्रभारी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
प्लांट का संचालन लगातार जारी है। शनिवार को भी नगर निगम ने हमें प्लास्टिक मैटीरियल उपलब्ध कराया है। नगर निगम से कोई नोटिस भी अब तक प्राप्त नहीं हुआ है। - संतोष कुमार, मैनेजर, बाकरगंज प्लांट