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UP: स्मैक तस्करी में जेल भेजे गए युवक की मौत, मां बोली- पुलिस ने पीटा... दो महीने बाद बेटे की शादी थी

Thu, 03 Jul 2025 05:06 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 03 Jul 2025 05:06 PM IST
सार

बरेली में इज्जतनगर थाना पुलिस और एसओजी की कार्रवाई में जेल भेजे गए स्मैक तस्करी के आरोपी आदेश तिवारी नाम के युवक की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। एक दिन पहले ही उसे जेल भेजा गया था। परिजनों ने पुलिस पर पिटाई और जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

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Smack smuggling accused dies in bareilly jail
बेटे की मौत की खबर सुनकर बेहाश हुई मां - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली में इज्जतनगर थाना पुलिस व एसओजी की कार्रवाई में बुधवार को जेल भेजे गए स्मैक तस्करी के आरोपी आदेश तिवारी की बृहस्पतिवार सुबह मौत हो गई। आदेश के भाई और भाभी मुलाकात करने जेल आए थे, तभी उसकी हालत बिगड़ गई। आदेश के भाई ने एसओजी पर हल्की धारा लगाने के बदले दस लाख रुपये वसूलने व इज्जतनगर पुलिस पर पिटाई का आरोप लगाया है। पोस्टमॉर्टम के बाद मौत की सही वजह का पता लगेगा।

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फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के मनकरी गांव निवासी 28 साल के आदेश तिवारी को बुधवार दोपहर बाद जिला जेल (केंद्रीय जेल 2) भेजा गया था। आदेश और उसके पांच अन्य साथियों की गिरफ्तारी कर इज्जतनगर थाना पुलिस व एसओजी ने गुडवर्क दिखाया था। एसपी सिटी मानुष पारीक के यहां प्रेसवार्ता में सभी आरोपी मीडिया के सामने पेश किए गए थे। हालांकि सबके चेहरों पर उस वक्त मास्क लगे थे।
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आदेश के बड़े भाई अंशुल तिवारी बृहस्पतिवार सुबह अपनी पत्नी के साथ जेल पहुंचे थे। इन्होंने भाई से मुलाकात की पर्ची लगाई। फिर आदेश से मुलाकात हुई। जेल प्रशासन के मुताबिक भाई-भाभी से बातचीत के दौरान आदेश की हालत बिगड़ गई। वह सीने पर हाथ रखकर गिर पड़ा। तब जेल प्रशासन ने एंबुलेंस से उसे जिला अस्पताल भेज दिया। अस्पताल में डॉक्टरों ने आदेश को मृत घोषित कर दिया।

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भाई बोले- प्लॉट बेचकर दिए दस लाख रुपये
आदेश के भाई अंशुल तिवारी ने एसओजी टीम पर गंभीर आरोप लगाए। बताया कि एसओजी ने आदेश को 29 जून को उनके घर से उठाया था और दो जुलाई को जेल भेज दिया। एसओजी ने उनसे दस लाख रुपये की मांग की। हमने प्लॉट बेचकर रुपये दिए। तय हुआ था कि एसओजी उसे छोड़ देगी। एसओजी ने कुछ और लोगों को भी इसी तरह रुपये लेकर छोड़ा था। 

बाद में एसओजी के सदस्य आनाकानी करने लगे। फिर कहा कि पिटाई नहीं लगेगी और हल्की धारा में कम स्मैक दिखाकर जेल भेजा जाएगा। ये वादा भी टूट गया। इज्जतनगर पुलिस ने भारी भरकम स्मैक साथ में दिखाई और पिटाई भी की। इससे आदेश की हालत बिगड़ गई। उसे जेल भेजा गया तो जेल प्रशासन ने भी इलाज पर ध्यान नहीं दिया। इसकी वजह से भाई की मौत हो गई। मृतक की मां का कहना है कि पुलिस ने बेटे को पीटा। दो महीने बाद उसकी शादी थी। 

पुलिस रिकार्ड में दो प्रदेशों में तस्करी करता था आदेश
बरेली पुलिस ने आदेश की मौत के बाद उत्तराखंड पुलिस से संपर्क साधकर उसका आपराधिक रिकार्ड निकाला। इससे पता लगा कि देहरादून में भी आदेश के खिलाफ वर्ष 2018 और 2019 में स्मैक तस्करी की रिपोर्ट दर्ज है। वह अक्सर बाहर रहता था और कम समय में उसके काफी धन कमा लिया था। हाल ही में घर लौटकर वह बरेली में भी तस्करी करने लगा था।

सीओ प्रथम आशुतोष शिवम ने बताया कि स्मैक तस्करी कर समाज में नशे की सामग्री बेचने गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इनमें आदेश तिवारी भी शामिल था। न्यायिक हिरासत में भेजने से पहले जिला अस्पताल में उसका मेडिकल परीक्षण हुआ, इसमें कोई चोट का निशान नहीं है। 

जेल में परिजनों से मुलाकात के दौरान तबीयत खराब होने पर मौत हुई है। डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा जिसकी वीडियोग्राफी भी होगी। संज्ञान में आया है कि आदेश हार्ट पेशेंट था एवं उसे स्टंट पड़े हुए थे। अगर परिवार कोई लिखित शिकायत करेगा तो उसकी उच्च स्तरीय जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। 

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