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जंगल में मिले कंकाल के अवशेष , परिजन बोले- लापता युवक की हैं हड्डियां
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झानी में कंकाल के अवशेष मिलने के बाद लापता युवक के घरवालों से बात करते पुलिस कर्मी।
- फोटो : BADAUN
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उझानी (बदायूं)। करीब दो साल से लापता युवक के मामले में शुक्रवार को उस समय नया मोड़ आ गया जब युवक के परिजन सूचना पर जंगल में पहुंचे। जंगल में कंकाल के अवशेष पड़े देख उन्होंने पुलिस को भी बुला लिया। परिजनों की मानें तो हड्डियां लापता युवक की हैं जिसको रंजिशन मार डाला गया। पुलिस ने हड्डियों को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जरूरत पड़ने पर डीएनए टेस्ट भी कराया जाएगा।
कंकाल के अवशेष बरामद होने का मामला कोतवाली क्षेत्र के गांव भवानीपुर का है। गांव का सत्यवीर सिंह (30) पुत्र सोरन सिंह जनवरी 2017 से लापता है। लापता सत्यवीर के भाई अमर सिंह के अनुसार वह घर से अहमदाबाद जाने की कहकर गया था लेकिन पांच दिन बाद भी वह वहां नहीं पहुंचा तो खोजबीन शुरू कर दी गई। सत्यवीर के दूसरे भाई राजवीर ने 19 जनवरी को कोतवाली में गुमशुदगी भी दर्ज करा दी थी।
पहले साबित हो नर कंकाल, फिर होगा डीएनए
उझानी। भवानीपुर के जंगल से बरामद कंकाल के अवशेष मानव के हैं, यह तो पोस्टमार्टम के बाद ही पता लगेगा। पोस्टमार्टम में कंकाल के अवशेष मानव के होने की पुष्टि होने के बाद पुलिस को हकीकत तक पहुंचने के लिए एक और प्रक्रिया पूरी करनी होगा। वह बरामद हड्डियों और लापता सत्यवीर के किसी परिजन का डीएनए टेस्ट भी कराएगी। डीएनए मैच करने पर ही साबित होगा कि कंकाल सत्यवीर का था या नहीं।
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पुलिस ने कंकाल के अवशेष बरामद किए हैं। लापता सत्यवीर के घरवालों ने जो दावा किया है, उसकी हकीकत तक पहुंचने में थोड़ा समय लगेगा। सभी संदिग्धों से पूछताछ की जाएगी।
- विनोद कुमार चाहर, प्रभारी निरीक्षक
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कंकाल के अवशेष बरामद होने का मामला कोतवाली क्षेत्र के गांव भवानीपुर का है। गांव का सत्यवीर सिंह (30) पुत्र सोरन सिंह जनवरी 2017 से लापता है। लापता सत्यवीर के भाई अमर सिंह के अनुसार वह घर से अहमदाबाद जाने की कहकर गया था लेकिन पांच दिन बाद भी वह वहां नहीं पहुंचा तो खोजबीन शुरू कर दी गई। सत्यवीर के दूसरे भाई राजवीर ने 19 जनवरी को कोतवाली में गुमशुदगी भी दर्ज करा दी थी।
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पहले साबित हो नर कंकाल, फिर होगा डीएनए
उझानी। भवानीपुर के जंगल से बरामद कंकाल के अवशेष मानव के हैं, यह तो पोस्टमार्टम के बाद ही पता लगेगा। पोस्टमार्टम में कंकाल के अवशेष मानव के होने की पुष्टि होने के बाद पुलिस को हकीकत तक पहुंचने के लिए एक और प्रक्रिया पूरी करनी होगा। वह बरामद हड्डियों और लापता सत्यवीर के किसी परिजन का डीएनए टेस्ट भी कराएगी। डीएनए मैच करने पर ही साबित होगा कि कंकाल सत्यवीर का था या नहीं।
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पुलिस ने कंकाल के अवशेष बरामद किए हैं। लापता सत्यवीर के घरवालों ने जो दावा किया है, उसकी हकीकत तक पहुंचने में थोड़ा समय लगेगा। सभी संदिग्धों से पूछताछ की जाएगी।
- विनोद कुमार चाहर, प्रभारी निरीक्षक