Bareilly: हाईटेंशन लाइन से छू गया ताजिये का झंडा, करंट से बच्चों समेत छह झुलसे; हादसे के बाद बिजली गुल
बरेली में ताजिया का झंडा हाईटेंशन लाइन से छू जाने से छह लोगों को तेज करंट लग गया। इससे झुलसे लोगों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद शहर के कई इलाकों में विद्युत आपूर्ति बंद हो गई।
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बरेली में शनिवार शाम हरुनगला से उमरिया के करबला में ले जाए जा रहे ताजिया जुलूस में स्टील के पाइप में लगा धार्मिक झंडा हाईटेंशन लाइन से छू जाने से छह लोगों को तेज करंट लग गया। झुलसे लोगों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, इनमें बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं। उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
हरुनगला से हर साल दो बड़े ताजिया फाइक एनक्लेव होते हुए बिथरी के उमरिया गांव के करबला में दफनाए जाते हैं। शनिवार शाम पांच बजे तख्तदार नन्हे शाह और शाकिर मंसूरी के नेतृत्व में सैकड़ों लोग जुलूस लेकर फाइक एनक्लेव फेज टू से करबला जा रहे थे। दो तख्तों के बीच में डीजे साउंड की ठेली चल रही थी जिस पर कुछ लोग बैठे थे तो कुछ उससे सटकर चल रहे थे।
ये लोग झुलसे
इसी ठेली पर स्टील के पाइप में धार्मिक झंडा लगा था जो ताजिये से ज्यादा ऊंचाई पर था। नन्हेशाह के मुताबिक एक जगह 33 हजार केवी क्षमता की हाईटेंशन लाइन कुछ नीचे थी। उससे स्टील का पाइप हल्का सा छू गया। इससे तेज धमाका हुआ और ठेली पर बैठे व पास में चल रहे साहिल (20), अली (11) पुत्र अकील, अरबाज (20), आदिल (12) पुत्र आरिफ, बुंदन शाह (60) व फरहान (15) पुत्र महशर तेज करंट से झुलस गए।
ये लोग गिरकर तड़पने लगे। आसपास से लोग दौड़े और इनकी हथेलियां व तलवे रगड़े। साथ में बारादरी थाने के दरोगा इसरार अली व टीम ने इनकी मदद की। तत्काल ही एंबुलेंस से इन्हें सतीपुर चौराहे के पास निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनका उपचार किया जा रहा है।
हादसे के बाद विद्युत आपूर्ति बंद
ताजिये के जुलूस निकालने के लिए शनिवार दोपहर से ही किला सबस्टेशन की आपूर्ति बंद थी। दो लाख लोग गर्मी में परेशान हो रहे थे। शाम को जब हादसा हुआ तो सिविल लाइंस को छोड़कर पूरे शहर की आपूर्ति ठप कर दी गई। 12 लाख की आबादी अंधेरे में डूब गई।