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Bareilly News: भाइयों के माथे पर तिलक कर बहनों ने की दीर्घायु की कामना
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बरेली। भाई-बहन के प्यार का त्योहार भैया दूज उत्साह के साथ मनाया गया। बहनों ने भाई का रोली चावल से तिलक कर आरती उतारी और उनकी लंबी आयु की कामना की। साथ ही मुंह मीठा कराकर नारियल का गोला भेंट किया। भाइयों ने भी बहनों को उनकी मनपसंद उपहार दिए और रक्षा का संकल्प लिया।
इस दौरान शहर के बाजारों में खासी चहल पहल देखने को मिली। मिठाई की दुकानों पर खासी भीड़ रही। शहर की गलियों और सड़कों पर भी रौनक रही। इस अवसर पर भाई-बहनों का सुबह से ही एक-दूसरे के घर जाने का सिलसिला शुरू हो गया। दूरदराज से बहनें अपने भाइयों के घर पहुंची तो कुछ भाइयों ने भी अपनी बहनों के घर जाकर तिलक कराया। शाम को सिविल लाइंस, राजेंद्र नगर, डीडी पुरम और किला साहूकारा में खूब रौनक रही।
भगवान चित्रगुप्त व कलम दवात की पूजा
बरेली। यम द्वितीया पर रविवार को कलम दवात की भी पूजा की गई। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान पर बही खाते की पूजा की। कलम पर भी रोली-चावल लगाकर कलावा बांधा और वर्ष भर संपन्नता की प्रार्थना की। इधर कायस्थ समाज ने भी चित्रगुप्त भगवान की विधि विधान से पूजा अर्चना की और भोग लगाकर आरती से बाद सुख समृद्धि के लिए आशीर्वाद मांगा। संवाद
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जेल में भाइयों को किया तिलक
बरेली। जिला जेल में भैया दूज मनाने के लिए आंखों में आंसू लिए सुबह से ही बहनें भाइयों को तिलक करने के लिए पहुंचने लगी। सुबह से शाम तक जेल में अलग-अलग अपराध में बंद 834 भाइयों का बहनों ने तिलक किया। इसके अतिरिक्त कारागार में निरुद्ध सात बहनों से मिलने उनके भाई आए। सेंट्रल जेल में भी 500 से ज्यादा बहनों ने भाइयों को तिलक किया। सुबह से ही बहनों के सेंट्रल जेल और जिला जेल पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जिससे जेल के बाहर लंबी लाइन लग गई। सामूहिक भैया दूज के लिए एक टिनशेड में व्यवस्था की गई।
कारागार मंत्री और उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार इस पर्व को पारंपरिक एवं हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। भाई दूज के त्योहार को दृष्टिगत रखते हुए वरिष्ठ जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्र के मार्गदर्शन में बाहर मुलाकात स्थल पर पर्याप्त व्यवस्थाएं कराई गई।
सम्पूर्ण मुलाकात व्यवस्था का प्रबंधन जेलरगण संजय कुमार सिंह, रतन कुमार एवं शैलेश कुमार सिंह तथा उपजेलरगण अंजुली वर्मा, चैतेन्द्र प्रसाद, किरन कुमारी, रीता सागर एवं देवदत्त की ओर से किया गया। संवाद
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इस दौरान शहर के बाजारों में खासी चहल पहल देखने को मिली। मिठाई की दुकानों पर खासी भीड़ रही। शहर की गलियों और सड़कों पर भी रौनक रही। इस अवसर पर भाई-बहनों का सुबह से ही एक-दूसरे के घर जाने का सिलसिला शुरू हो गया। दूरदराज से बहनें अपने भाइयों के घर पहुंची तो कुछ भाइयों ने भी अपनी बहनों के घर जाकर तिलक कराया। शाम को सिविल लाइंस, राजेंद्र नगर, डीडी पुरम और किला साहूकारा में खूब रौनक रही।
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भगवान चित्रगुप्त व कलम दवात की पूजा
बरेली। यम द्वितीया पर रविवार को कलम दवात की भी पूजा की गई। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान पर बही खाते की पूजा की। कलम पर भी रोली-चावल लगाकर कलावा बांधा और वर्ष भर संपन्नता की प्रार्थना की। इधर कायस्थ समाज ने भी चित्रगुप्त भगवान की विधि विधान से पूजा अर्चना की और भोग लगाकर आरती से बाद सुख समृद्धि के लिए आशीर्वाद मांगा। संवाद
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जेल में भाइयों को किया तिलक
बरेली। जिला जेल में भैया दूज मनाने के लिए आंखों में आंसू लिए सुबह से ही बहनें भाइयों को तिलक करने के लिए पहुंचने लगी। सुबह से शाम तक जेल में अलग-अलग अपराध में बंद 834 भाइयों का बहनों ने तिलक किया। इसके अतिरिक्त कारागार में निरुद्ध सात बहनों से मिलने उनके भाई आए। सेंट्रल जेल में भी 500 से ज्यादा बहनों ने भाइयों को तिलक किया। सुबह से ही बहनों के सेंट्रल जेल और जिला जेल पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जिससे जेल के बाहर लंबी लाइन लग गई। सामूहिक भैया दूज के लिए एक टिनशेड में व्यवस्था की गई।
कारागार मंत्री और उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार इस पर्व को पारंपरिक एवं हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। भाई दूज के त्योहार को दृष्टिगत रखते हुए वरिष्ठ जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्र के मार्गदर्शन में बाहर मुलाकात स्थल पर पर्याप्त व्यवस्थाएं कराई गई।
सम्पूर्ण मुलाकात व्यवस्था का प्रबंधन जेलरगण संजय कुमार सिंह, रतन कुमार एवं शैलेश कुमार सिंह तथा उपजेलरगण अंजुली वर्मा, चैतेन्द्र प्रसाद, किरन कुमारी, रीता सागर एवं देवदत्त की ओर से किया गया। संवाद