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लखीमपुर खीरी: किशनपुर सेंक्चुरी में बीमार बाघिन की मौत, शरीर पर कोई चोट या घाव के निशान नहीं
Tue, 13 Apr 2021 11:10 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 13 Apr 2021 11:10 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के दुधवा टाइगर रिजर्व की किशनपुर सेंक्चुरी की चलतुआ बीट में मंगलवार को एक बाघिन की बीमारी से मौत हो गई। बाघिन सात वर्ष की थी। शव का आईवीआरआई बरेली में बुधवार को पोस्टमार्टम होगा।
मैलानी रेंज की चलतुआ बीट में सोमवार सवेरे गश्त कर रही वन कर्मियों की टीम को जंगल के पास रास्ते में बाघिन सुस्त बैठी दिखाई दी थी। इसके बाद दुधवा टाइगर रिजर्व के मुख्य वन संरक्षक संजय पाठक, उपनिदेशक मनोज सोनकर पशु चिकित्सकों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दूरबीन से परीक्षण किया।
बाघिन के शरीर पर कहीं कोई चोट या घाव के निशान नहीं थे। इस पर माना गया कि बाघिन बीमार है। इसके बाद वन कर्मियों ने जिस स्थान पर बाघिन बैठी थी, वहां टैंकरों के जरिए वॉटरहोल में पानी भरवाया दिया ताकि प्यास लगने पर उसे भटकना न पड़े। वहां कैमरे भी लगाए गए।
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मंगलवार दोपहर बाद बाघिन के शरीर में कोई हलचल न होने पर चिकित्सक को बुलाया गया। पशु चिकित्सक डॉ दया शंकर ने परीक्षण के बाद बाघिन को मृत घोषित कर दिया।
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मैलानी रेंज की चलतुआ बीट में सोमवार सवेरे गश्त कर रही वन कर्मियों की टीम को जंगल के पास रास्ते में बाघिन सुस्त बैठी दिखाई दी थी। इसके बाद दुधवा टाइगर रिजर्व के मुख्य वन संरक्षक संजय पाठक, उपनिदेशक मनोज सोनकर पशु चिकित्सकों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दूरबीन से परीक्षण किया।
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बाघिन के शरीर पर कहीं कोई चोट या घाव के निशान नहीं थे। इस पर माना गया कि बाघिन बीमार है। इसके बाद वन कर्मियों ने जिस स्थान पर बाघिन बैठी थी, वहां टैंकरों के जरिए वॉटरहोल में पानी भरवाया दिया ताकि प्यास लगने पर उसे भटकना न पड़े। वहां कैमरे भी लगाए गए।
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मंगलवार दोपहर बाद बाघिन के शरीर में कोई हलचल न होने पर चिकित्सक को बुलाया गया। पशु चिकित्सक डॉ दया शंकर ने परीक्षण के बाद बाघिन को मृत घोषित कर दिया।